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नहीं रहे दिग्गज फिल्ममेकर के. विश्वनाथ, कमल हासन, चिरंजीवी और ऋषि कपूर के साथ दीं ब्लॉकबस्टर फिल्में

साउंड रिकॉर्डिस्ट के तौर पर शुरू किया था करियर.

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के विश्वनाथ ने कई हिंदी फिल्मों में भी काम किया

दिग्गज साउथ डायरेक्टर-ऐक्टर K Vishwanath का गुरुवार निधन हो गया. वो 92 बरस के थे. वो हैदराबाद के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में एडमिट थे. विश्वनाथ के निधन पर अनिल कपूर, जूनियर NTR और कमल हासन समेत तमाम सेलिब्रिटीज ने श्रद्धांजलि दी.

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विश्वनाथ ने साउंड रिकॉर्डिस्ट के तौर पर अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की थी. कुछ दिन दूसरे निर्देशकों को असिस्ट करने के बाद उन्होंने बतौर डायरेक्टर डेब्यू किया. उनकी पहली फिल्म थी 1965 में आई आत्म गोरावम (Aatma Gowravam). तेलुगु और हिंदी फिल्में मिलाकर वो कम से कम 50 बार डायरेक्टर की कुर्सी पर बैठे. उन्होंने कमल हसन, चिरंजीवी और ऋषि कपूर जैसे अभिनेताओं के साथ काम किया. 

चिरंजीवी और के.विश्वनाथ

विश्वनाथ का सामाजिक सरोकार वाली फिल्मों पर ज़्यादा ज़ोर रहा. उन्होंने अपनी फिल्मों में जाति व्यवस्था, छुआछूत, लिंगभेद, दहेज प्रथा और भी कई तरह के सोशियो एकोनॉमिक मुद्दे उठाए. इनमें 'सप्तपदी', 'श्रीवेनेला', 'शुभलेखा', 'शुभ संकल्पम', 'स्वयं कृषि' और 'स्वर्णकमलम' जैसी फिल्में शामिल हैं. जैसे 'सप्तपदी' छुआछूत और जाति व्यवस्था को ऐड्रेस करती है. ‘स्वयं कृषि’ जैसी फिल्मों में उन्होंने मजदूरों की समस्याएं उठाईं. 'शुभलेखा' दहेज प्रथा को पर व्यंग्य करती है. 'सूत्रधारुलु' अहिंसा के मुद्दे को उठाती हैं. हालांकि विश्वनाथ की फिल्मों को आप ऑफबीट फिल्में नहीं कह सकते. ये मेनस्ट्रीम होते हुए भी मानवीय और सामाजिक मुद्दों की बात करती हैं. के. विश्वनाथ ने कई हिंदी फिल्में भी डायरेक्ट की हैं. इनमें 'सरगम', 'कामचोर', 'शुभ कामना', 'जाग उठा इंसान', 'संगीत' और 'धनवान' जैसी फ़िल्में हैं. इनमें जयाप्रदा के साथ की गईं उनकी कुछ फिल्में बॉक्स ऑफिस पर हिट रहीं. विश्वनाथ की डायरेक्टर के तौर पर आखिरी फिल्म ‘शुभप्रदम’ थी. ये 2010 में रिलीज़ हुई थी. विश्वनाथ ने कुछ फिल्मों में बतौर अभिनेता भी काम किया. 1995 में आई 'शुभ संकल्पम' में उन्होंने पहली बार ऐक्टिंग की.

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उन्हें अपने करियर में कुल 5 नेशनल अवॉर्ड मिले. उनके पास 10 फिल्मफेयर और पांच नंदी अवॉर्ड भी थे. 1992 में उन्हें पद्मश्री मिला और 2017 में दादासाहब फाल्के अवॉर्ड से नवाजा गया.

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