इस सीरीज़ को असल कहानी में कुछ बदलाव कर रिलीज़ किया गया है. लोगों के नाम बदल गए हैं. इन लोगों की बैकस्टोरी के बारे में भी बातें हुई हैं. कहने का मतलब मेकर्स ने थोड़ी-बहुत आज़ादी ली है. लेकिन इस केस से जुड़े एक पुलिस अधिकारी का मानना है कि इसमें कुछ घटनाओं और किरदारों के साथ भी छेड़छाड़ की गई है, जिसके लिए वो इसके मेकर्स के खिलाफ कोर्ट जा सकते हैं. ये पुलिस अधिकारी हैं- इंस्पेक्टर अनिल शर्मा. 2012 में इस घटना के समय अनिल वसंत विहार पुलिस स्टेशन में एसएचओ (Station House Officer) थे, जहां इस घटना से जुड़ा मामला दर्ज किया गया था.

फिल्म के एक सीन में एसएचओ विनोद तिवारी के रोल में विनोद सारस्वत.
'डेल्ही क्राइम' में वसंत विहार थाने के एसएचओ का नाम बदलकर विनोद कर दिया गया है. साथ ही विनोद के किरदार को लापरवाह और कामचोर दिखाया गया है. हालांकि बाद में बीतते समय के साथ वो किरदार भी कर्मठ हो जाता है और केस की इंवेस्टिगेशन में भी काफी मददगार साबित होता है. अनिल विनोद के किरदार के चित्रण को लेकर इस सीरीज़ के मेकर्स से काफी नाराज़ हैं. न्यूज़ एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए बताया कि उन्हें इस घटना के बाद तीन इंक्वायरी कमिशन से गुज़रना पड़ा था, जिसमें पुलिस से संबंधित किसी भी तरह की ढिलाई का मामला सामने नहीं आया. कमिशन और कोर्ट दोनों ने ही पुलिस के काम की तारीफ की. लेकिन इस सीरीज़ में उन्हें गलत तरीके से दिखाया गया है, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को चोट पहुंची है. इस मामले में वो इस सीरीज़ के मेकर्स के खिलाफ भी कोर्ट जाने के बारे में सोच रहे हैं.निर्भया के साथ नया साल मनाने का वादा पूरा नहीं कर पाए
अनिल बताते हैं कि उन्होंने इस मामले की कोई सुनावाई मिस नहीं की. वो पीड़िता के साथ अस्पताल में भी काफी समय बीताते थे. निर्भया को हिम्मत देने के लिए वो मशहूर शॉर्ट स्टोरी राइटर ओ.हेनरी की कहानी 'दी लास्ट लीफ' सुनाया करते थे. इतना ही नहीं उन्होंने निर्भया के साथ नया साल सेलिब्रेट करने का भी वादा किया था लेकिन उससे पहले यानी 29 दिसंबर को निर्भया की सिंगापुर के एक अस्पताल में मौत हो गई.
सीरीज़ के एक सीन में ऐसा दिखाया जाता है कि जल्द-जल्द आरोपियों को पकड़ने की कवायद में लगी टीम जब काम कर रही थी, तब विनोद यानी अनिल का फिक्शनल कैरेक्टर जिम जाने की बात करता है. इसके जवाब में डीसीपी उन्हें बुरी तरह झाड़ देती हैं. अनिल को इस सीन से भी समस्या है. उनका कहना है कि वो नेशनल लेवल के एथलीट होने के बावजूद आज तक कभी जिम नहीं गए.

सीरीज़ के एक सीन में ह्रदय परिवर्तन के बाद डीसीपी से आरोपियों के दांत के निशान की जांच करने की बात करते एसएचओ विनोद तिवारी. इस सीरीज़ में डीसीपी वर्तिका चतुर्वेदी का रोल शेफाली शाह ने किया है.
भाई का अंतिम संस्कार छोड़ केस की इंवेस्टिगेशन के लिए गए
अनिल ने बताया कि इस केस के दौरान ही उन्होंने अपने पिता और बड़े भाई को खो दिया था. अंतिम संस्कार के लिए अपने बड़े भाई को नहलाते समय उन्हें एक सीनियर अधिकारी का फोन आ गया. वो सब कुछ बीच में छोड़कर तत्काल प्रभाव से उनसे मिलने चले गए. उनके डेडिकेशन का लेवल ये था और इसका सिला उन्हें ये मिल रहा है.
बकौल अनिल इस सीरीज़ के डायरेक्टर रिची मेहता ने उन्हें कई मैसेज कर इस बात के लिए माफी भी मांगी. लेकिन ये मामला गंभीर है. यहां तक कि अनिल के सीनियर अधिकारियों ने भी उन्हें अपने किरदार के चित्रण पर ज़्यादा ध्यान नहीं देने की सलाह दी है. 2012 में वसंत विहार में पोस्टेड अनिल फिलहाल लोदी कॉलोनी थाने में कार्यरत हैं और जल्द ही इस मामले को कोर्ट में ले जाने की कवायद में हैं. फिल्म में विनोद (अनिल) का किरदार विनोद सारस्वत ने निभाया था. उनके अलावा इस सीरीज़ में शेफाली शाह, राजेश तैलांग, आदिल हुसैन, रसिका दुग्गल और गोपाल दत्त जैसे एक्टर्स ने काम किया था.
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