स्मार्टसिटी में सब कुछ स्मार्ट होगा. सिवाय लोगों के. काहे कि वो स्मार्ट होते तो स्मार्ट सिटी बनने से पहले ही उसके पोस्टर फाड्डालते. उसमें नुकसानै नुकसान है. फायदा एक्को नहीं. खुद अंदाजा लगा लो. जिस हिसाब से अफवाह फैलाई जा रही है कि स्मार्ट सिटी ऐसा होगा वैसा होगा. तो उस इस्माटनेस में ये चीजें तो गायब हो जाएंगी:1: शहर में कहीं भी आने जाने के लिए 45 मिनट काफी होंगे. सड़कों पर जाम नहीं लगेंगे. आपके घर 20 रुपए वाले इयरफोन पहुंचाने का सबसे महत्वपूर्ण टूल खत्म करने की साजिश है.
2: बिजली ससुरी जमीन के नीचे तारों से आएगी. खंभों में तारों के मकड़जाल के बीच 'SKD Sir's Math' और 'जेमिनी सर्कस' की होर्डिंग्स लटकाने की सुविधा समाप्त. लग्गी से कटिया फंसाने और कॉर्बन छुड़ाने के कल्चर को ग्रहण लग जाएगा.
3: स्कूल और एजूकेशन वर्ल्ड क्लास होंगे. टीचर्स का शोषण. स्मार्ट शिक्षा की सुविधा के बाद ट्यूशन नाम का एक्स्ट्रा विषय खत्म. इन क्लासेज में आने वालों के बहाने वैलेंटाइन डे के कार्ड की बिक्री खत्म.
4: कह रहे हैं कि ऐटमॉस्फियर को भी कंट्रोल में रखा जाएगा. सर्दी में गर्मी, गर्मी में सर्दी. बदलते मौसम में तबियत खराब होने का बहाना ठंडे बस्ते में.
5: पुलिस और सिक्योरिटी का इंतजाम बहुत कर्रा होगा. छतें फांद कर लैला से मिलने जाने का सपना सिर्फ सपना बन कर रह जाएगा.
6: बिजली पानी 24 घंटे आएगा. डालडा का 15 लीटर वाला डिब्बा लेकर लाइन में लगने की संस्कृति खत्म समझो.
7: गुप्तरोगों के पितामह जैन क्लीनिक और हकीम उस्मान, जुबैर और हाशमी जैसे कातिल दवाखाने चले जाएंगे अपना इलाज कराने.
8: ट्रांसपोर्ट सिस्टम होगा वर्ल्डक्लास. फुल एसी बसें टैक्सी होंगी. उनके शीशे खुलेंगे नहीं. नतीजतन खिड़की लगी सीट पर मुंडी बाहर निकाल राहगीरों को गुटखा स्नान कराने की प्रथा खत्म.
9: हर काम सिंगल विंडो पर होगा. मतलब बाबुओं के अधिकारों का हनन. उनको पान खिलाने के लिए मार नहीं मचेगी.
10: शहर में भीड़ नहीं होगी. पापा को पहचानने वाले हर जगह मौजूद नहीं होंगे. लौंडे बीड़ी सिगरेट फूंकेंगे धकाधक. और उसमें है इतना टार, जो बना सकता है आपको बहोत बीमार.
























