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थलपति विजय की 'जन नायगन' देखकर निकली ऑडियंस ने क्या बताया?

लोगों ने 'जन नायगन' को थलपति विजय का दर्दनाक फेयरवेल तक कह दिया है.

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जनवरी में 'जन नायगन' की टक्कर प्रभास की 'द राजा साब' से होने वाली थी.

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  • थलपथी विजय की फिल्म 'जन नायगन' 23 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई, जिसे निर्देशक एच विनोद ने बनाया और यह विजय का करियर की अंतिम फिल्म मानी जा रही है।
  • फिल्म का रिलीज़ कई महीनों तक सेंसर बोर्ड के संघर्ष और कॉन्टेंट आपत्तियों के कारण विलंबित रहा, साथ ही यह ओरिजिनल 'भगवन्त केसरी' का रीमेक है।
  • फिल्म पर मिश्रित प्रतिक्रिया मिली है जहां विजय के अभिनय की प्रशंसा हुई है, लेकिन क्लाइमेक्स, विलन और तकनीकी पक्षों को आलोचना का सामना करना पड़ा है।

Thalapathy Vijay की Jana Nayagan आज यानी 23 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज़ हो गई. चूंकि ये विजय के करियर की अंतिम फिल्म है, इसलिए उनके फैंस इसे खूब सेलिब्रेट कर रहे हैं. मगर मूवी देखकर निकली जनता का इस पर मिक्स्ड रिएक्शन है. उन्होंने कन्फर्म किया कि ये Bhagavanth Kesari का रीमेक है. फिर भी विजय के कुछ सीन्स को छोड़ ये दर्शकों पर खास असर नहीं डाल पाती.

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एक यूजर ने 'जन नायगन' को विजय का दर्दनाक फेयरवेल बताते हुए लिखा,

"कुछ एलिवेशन सीन्स और टुकड़ों में अनिरुद्ध के बैकग्राउंड म्यूज़िक को छोड़कर फिल्म में कुछ भी काम नहीं करता. डायरेक्टर एच विनोद का डायरेक्शन काफी कमजोर है. उन्होंने ओरिजिनल फिल्म से जो बदलाव किए हैं, खासकर सबप्लॉट्स में, वो काफी आउटडेटेड लगते हैं. बॉबी देओल का विलन वाला किरदार बिल्कुल असर नहीं छोड़ता. बल्कि कई जगह अनजाने में हंसा भी देता है. फिल्म का VFX और प्रोडक्शन क्वालिटी कमजोर हैं. एडिटिंग बिखरी हुई है. ओरिजिनल फिल्म के इमोशनल सीन्स को बगैर सही फ्लो के जोड़ दिया गया है. वहीं क्लाइमैक्स इतना लंबा और थकाऊ है कि आपके धैर्य की परीक्षा ले लेता है. कुल मिलाकर, फिल्म पूरी तरह निराश करती है."

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यूजर का कमेंट.

दूसरे ने कमेंट किया,

"ऐसा लगता है कि एच विनोद ने जन नायगन का कोर थीम ब्रिटिश जासूस ओलिवर हेम्पर के कबूलनामे से प्रेरित होकर लिखा है. ये कोर आइडिया अपने आप में एक बेहतरीन फिल्म बन सकता था. लेकिन समझ नहीं आता कि मूवी के पहले हाफ में भगवंत केसरी जैसा इफेक्ट डालने की कोशिश क्यों की गई है. यही वजह है कि दूसरे हाफ से उसका तालमेल नहीं बन पाता और फिल्म बिखरी हुई महसूस होती है."

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तीसरे ने कहा,

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"ममिता बैजू वाले कुछ सीन्स, जो भगवंत केसरी से लिए गए हैं, उन्हें छोड़ दें तो फिल्म का दूसरा हाफ पूरी तरह यूनीक है. ये एच विनोद की अपनी कहानी, स्क्रीनप्ले और लेखन पर आधारित है. खासकर वो 45 मिनट का फ्लैशबैक पूरी तरह एच विनोद की स्टोरी है. उसमें पॉलिटिक्स से जुड़े कई पहलू दिखाए गए हैं, जिन्हें थलपति विजय को ध्यान में रखकर लिखा गया है."

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यूजर का कमेंट.

चौथे ने मूवी के फर्स्ट शो का फर्स्ट हाफ देखकर लिखा,

"थलपति विजय फैन होने के नाते अब तक फिल्म मजेदार लगी है. तकनीकी तौर पर ये काफी अच्छी है. हालांकि कहानी उसी पुरानी भगवंत केसरी की है. बस इसमें कुछ नए बदलाव कर दिए गए हैं. फिल्म में डाकू महाराज का भी रेफरेंस है. उसे देखकर लगा कि अगर मेकर्स उसी फिल्म का रीमेक बनाते तो शायद बेहतर होता. बाकी थलपति विजय जबरदस्त लगे हैं."

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यूजर का कमेंट.

पांचवें ने कमेंट किया,

"थलपति विजय का मास स्क्रीन प्रेजेंस जबरदस्त है. कचेरी गाने में उनका डांस भी शानदार है. टाइटल कार्ड, इंट्रो, इंटरवल, फ्लैशबैक और स्कूल वाला सीन काफी अच्छा है. लेकिन विलन का ट्रैक और क्लाइमैक्स कमजोर हैं. वहां बगैर इमोशन के क्रिंज कॉन्टेन्ट है. इसके बावजूद विजय वाले मोमेंट्स इसे झेलने लायक मूवी बना देते हैं."

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'जन नायगन' ओरिजिनली 09 मार्च को रिलीज़ होने वाली थी. मगर सेंसर बोर्ड ने इसके कॉन्टेन्ट पर आपत्ति जताते हुए रिलीज़ सर्टिफिकेट ही नहीं दिया. इस कारण मेकर्स को कई महीनों तक कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगाने पड़े. ऊपर से ये पूरी की पूरी लीक हो गई, सो अलग. लेकिन सात महीनों के लंबे संघर्ष के बाद आज ये फिल्म सिनेमाघरों में आ ही गई है. KVN प्रोडक्शंस के बैनर तले बनी इस तमिल मूवी को एच विनोद ने डायरेक्ट किया है. विजय के अलावा पूजा हेगड़े, बॉबी देओल, ममिता बैजू, प्रकाश राज और गौतम वासुदेव मेनन समेत कई एक्टर्स इस फिल्म का हिस्सा हैं.

वीडियो: Jana Nayagan पर करोड़ों का झटका? Makers लौटाएंगे Distributors का पैसा

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