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'मोगैम्बो खुश हुआ'... 'मिस्टर इंडिया' का ये आइकॉनिक डायलॉग शेखर कपूर को पसंद क्यों नहीं था?

अमरीश पुरी भी फिल्म रिलीज़ के बाद जब शेखर से मिले तो बोले- "आपने तो मुझे फंसा दिया."

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'मिस्टर इंडिया' के लिरिसिस्ट जावेद अख़्तर हैं. 'मोगैम्बो ख़ुश हुआ...' डायलॉग उन्हीं के दिमाग़ की उपज थी.

Mogambo Khush Hua… भारतीय सिनेमा को ये आइकॉनिक डायलॉग Javed Akhtar ने दिया. Shekhar Kapur को ये लाइन ख़ास पसंद नहीं आई थी. न ही उन्हें ये अंदाज़ा था कि ये जुमला इस क़दर छा जाएगा. लेकिन Mr. India में Amrish Puri ने अपनी वज़नदार-रवेदार आवाज़ और जिस तेवर-ओ-ताब में ये लाइन कही, उसने इसे अमर बना दिया. फिल्म के हीरो तो Anil Kapoor थे. मगर लाइमलाइट पुरी साहब ले गए. पिछले दिनों जब शेखर कपूर The Lallantop के ख़ास कार्यक्रम Guest In The Newsroom में आए, तो उन्होंने इस डायलॉग के बनने और मशहूर होने की पूरी कहानी बताई.

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शेखर ने कहा,

“मुझे बिल्कुल अंदाज़ा नहीं था कि ये लाइन हिट होने वाली है. नो. बिल्कुल नहीं. जब जावेद अख़्तर ने कहा कि मोगैम्बो का कैरेक्टर ये है और ऐसा है. तो उन्होंने मुझे एक लाइन दे दी साहब, कि मोगैम्बो ख़ुश हुआ.”

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शेखर कपूर को इस जुमले में कोई तिलिस्म नज़र नहीं आया था. उनके लिए ये एक मामूली सा जुमला ही था. मगर जावेद श्योर थे कि ये डायलॉग यादगार बनेगा. इस बाबत शेखर कहते हैं,

“उन्होंने (जावेद अख्तर ने) पूछा ये लाइन आप दोबारा लेंगे फिल्म में? मैंने पूछा, क्या आप कन्विंस्ड हैं? वो बोले हां, मुझे भरोसा है. तो फिर अमरीश पुरी ने कहा कि 10-15 अलग-अलग अंदाज़ में ‘मोगैम्बो ख़ुश हुआ’ कहा. किसी में अंगूठियां पहनकर पुरी साहब उंगलियां चला रहे हैं. कहीं सिर पर हाथ फेर रहे हैं. जावेद बोले कि मैं चाहता हूं कि ‘मोगैम्बो खुश हुआ’ को बड़ी दिलचस्प लाइन बना दूं. और वो सही थे. उन्हें पूरा यक़ीन था इस लाइन पर.”

जब जावेद अख़्तर को लगा कि शेखर इस लाइन को उतनी तवज्जो नहीं दे रहे हैं, तब उन्होंने शेखर से कहा कि आप देखेंगे, ये जुमला क्रिकेट स्टेडियम्स में भी गूंजेगा. इस बारे में शेखर ने कहा,

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“जावेद बोले कि शेखर साहब, यदि आप इस लाइन को ठीक से शूट करेंगे, और दिखाएंगे, तो शारजाह स्टेडियम में जब कपिल देव छह बॉल पर छह छक्के मारेंगे ना, तो लोग कहेंगे, मोगैम्बो ख़ुश हुआ. और हुआ भी यही. लोग मोगैम्बो ख़ुश हुआ लिखे पोस्टर लेकर आए.”

डायलॉग तो हिट हो गया, लेकिन ये अमरीश पुरी के लिए उलझन बन गया. उनकी परेशानी बताते हुए शेखर ने कहा,

“अमरीश पुरी एक दिन मिले मुझसे. बोले, अरे मुझे तो फंसा दिया आपने. मैं किसी भी फंक्शन में जाऊं, लोग कहते हैं, एक बार बोलो मोगैम्बो ख़ुश हुआ. जैसे और कुछ किया ही नहीं मैंने ज़िंदगी में.”

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‘मिस्टर इंडिया’ में मोगैम्बो खुश हुआ डायलॉग को अलग-अलग अंदाज़ में बोलने की सोच अमरीश पुरी की थी. 

बीते दिनों ‘मिस्टर इंडिया 2’ बनने की चर्चा चली थी. कुछ लोगों ने शेखर से आग्रह किया कि सीक्वल बनना चाहिए. शेखर ने इसके जवाब में कहा,

"अमरीश पुरी कहां हैं? कैसे करोगे मिस्टर इंडिया 2? जब उन्होंने ये रोल किया, तो ये मानकर किया वो एक सेल्फ मेड आर्मी के जर्नल हैं. वो कॉस्ट्यूम, वो मेकअप... सब उनके इस कन्विक्शन के कारण ही जंच रहे थे. वरना सब फीके लगते."

'मिस्टर इंडिया' साल 1987 में रिलीज़ हुई थी. अनिल कपूर, श्रीदेवी और अमरीश पुरी ने इसमें लीड रोल्स किए थे. मगर कुछ ख़ास किरदारों ने इस फिल्म को और मज़ेदार बना दिया. अव्वल है कैलेंडर का रोल, जो सतीश कौशिक ने किया. फिल्म में श्रीदेवी के बॉस के किरदार में अन्नू कपूर खूब जंचे. आफ़ताब शिवदासानी और अब फिल्ममेकर बन चुके अहमद खान ने इस फिल्म में बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट काम किया था. 

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