Salman Khan. नाम सुनते ही बहुत लोगों को याद आएगा ‘रेस 3’ का बिना सिर-पैर वाला एक्शन. एक हाथ से रॉकेट लॉन्चर दागने वाला सीन. पैंट की जेब में हाथ फंसा ‘ढिंका चिका’ करना. शर्ट की कॉलर में काला चश्मा अटकाकर कॉलर को उचकाना. तीन लोगों की मदद करने वाली उनकी मास्टरस्कीम, जिसे MLM मार्केटिंग वालों ने कुछ और ही समझ लिया. याद आता है सलमान का वो इंटरव्यू, जहां उन्होंने बताया कि वो ढूंढ-ढूंढ के इंटरव्यू देते हैं. सुबह उठते ही उनका सबसे पहला काम इंटरव्यू देना है.
सलमान खान की 5 अंडररेटेड फिल्में, जिनके बारे में बहुत कम बात होती है
हर एक्टर चाहता है कि उसकी फिल्मोग्राफी में ऐसी फिल्में हों.


मुद्दे की बात है कि सलमान खान का नाम सुनते ही इस जेनरेशन को चुलबुल पांडे, राधे आदि याद आते हैं. मगर सलमान सिर्फ हवा में एक्शन करने वाले हीरो नहीं रहे. वो लड़का भी सलमान था, जो दिल टूटने पर खुद में सिमटकर रोता था. वो लड़का भी सलमान था, जिसके जवान खून में गर्मी थी. प्रतिशोध लेने की अग्नि थी. अफसोस बस ये है कि उस सलमान को कोई याद नहीं रखता. एक इमेज बन चुकी है, जिसे बार-बार भुना कर सब खुश हैं. उनकी नई फिल्म ‘किसी का भाई किसी की जान’ भी कुछ ऐसा ही करती दिख रही है. सलमान सिर्फ सीटीमार डायलॉग मारने वाले हीरो नहीं. उनकी पांच ऐसी फिल्मों की बात करेंगे, जिनके बारे में ज़्यादा बात नहीं होती मगर होनी चाहिए.
#1. लव (1991)
डायरेक्टर: सुरेश कृष्णा
कास्ट: सलमान खान, रेवती
पृथ्वी और मैगी को एक-दूसरे से प्यार हो जाता है. दोनों साथ में ‘साथिया तूने क्या किया’ गाते हैं. सुंदर सा रोमांस करते हैं. लेकिन मैगी की मम्मी को पृथ्वी पसंद नहीं. वो नहीं चाहती कि उनकी बेटी से ऐसा लड़का कोई ताल्लुकात रखे. किस किस्म का लड़का, ये आपको फिल्म देखकर पता चलेगा. बताया जाता है कि फिल्म को लेकर दो एंडिंग शूट की गई थी – एक हैप्पी और दूसरी ट्रैजिक. कौन सी वाली इस्तेमाल हुई, ये जानने के लिए फिल्म देखिए.
#2. वीरगति (1995)
डायरेक्टर: केके सिंह
कास्ट: सलमान खान, दिव्या दत्ता, अतुल अग्निहोत्री
फिल्म में सलमान के किरदार का जन्म होता है एक रेड लाइट एरिया में. उसकी मां चाहती है कि बच्चे को अच्छी परवरिश मिले. इस वजह से एक हवलदार उस बच्चे को गोद ले लेता है. आगे चलकर ये बच्चा कहलाता है अजय. पढ़ाई वगैरह पर ध्यान नहीं देता. उल्टा जुएबाज़ी में पड़ जाता है. दूसरी तरफ है अजय का दोस्त श्लोक. एकदम आदर्शवादी लड़का. एक बार एक गैंगस्टर श्लोक को किडनैप करके उसे मार डालता है. अजय को अब लेना है अपना बदला. अखिलेन्द्र मिश्रा फिल्म में विलेन बने हैं. फिल्म के एंड में एक खतरनाक सीन है. अखिलेन्द्र बताते हैं कि उनकी मां वो सीन देखकर घबरा गई थीं. रोने लगी थीं. ‘वीरगति’ उन शुरुआती फिल्मों में से है, जिसने सलमान की छवि एक्शन स्टार के रूप में पुख्ता कर दी.
#3. खामोशी: द म्यूज़िकल (1996)
डायरेक्टर: संजय लीला भंसाली
कास्ट: सलमान खान, मनीषा कोइराला, नाना पाटेकर
सलमान ने अपने कई इंटरव्यूज़ में ‘खामोशी’ का ज़िक्र किया. अफसोस जताया कि इतनी अच्छी फिल्म चली कैसे नहीं. ‘खामोशी’ रिलीज़ के वक्त कामयाब भले ही नहीं हुई, लेकिन समय के साथ फिल्म ने कल्ट स्टेटस हासिल कर लिया. सलमान फिल्म की कहानी के हीरो नहीं. उनका किरदार राज हीरो होता है एनि के लिए. एनि बचपन से बोल-सुन नहीं सकती. राज उसकी ज़िंदगी में फिर से संगीत और प्रेम लाने का काम करता है.
#4. फिर मिलेंगे (2004)
डायरेक्टर: रेवती
कास्ट: शिल्पा शेट्टी, सलमान खान, अभिषेक बच्चन
तमन्ना एक ऐड एजेंसी में काम करती है. मेहनत से काम करती है. लेकिन एक दिन अचानक उसे नौकरी से निकाल दिया जाता है. जब पता चलता है कि वो HIV से संक्रमित है. तमन्ना इस नाइंसाफी के खिलाफ कोर्ट जाती है. तरुण आनंद नाम का वकील उसका केस लड़ने को तैयार हो जाता है. ‘फिर मिलेंगे’ सलमान खान की फिल्म नहीं. लेकिन ये उनकी फिल्मोग्राफी के लिए ज़रूरी फिल्म थी. हर एक्टर के करियर में ऐसी फिल्में रहनी चाहिए.
#5. लंडन ड्रीम्स (2009)
डायरेक्टर: विपुल अमृतलाल शाह
कास्ट: अजय देवगन, सलमान खान, असिन
कहानी के सेंट्रल कैरेक्टर हैं अजय और मन्नू. दोनों बचपन के पक्के दोस्त. उनकी सिंगिंग जर्नी उन्हें इंडिया से लंदन ले आती है. अर्जुन फेमस होना चाहता है. बड़ा सिंगर बनना चाहता है. लेकिन खुद को संभाल नहीं पाता. जब देखता है कि मन्नू को वो सब मिल रहा है, जो उसे चाहिए था. दोस्ती में इंसिक्योरिटी, जलन आने लगती है. उसके पार कैसे उठ पाते हैं, यही फिल्म की कहानी है.
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