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वो 5 वजहें, जिनकी वजह से पिट रही है कार्तिक आर्यन की 'शहज़ादा'

लोगों का मानना है कि कार्तिक आर्यन अल्लू अर्जुन वाला स्वैग कैरी नहीं कर पाए. फिल्म का सबसे मज़ेदार सीन कटना भी बड़ी वजह मानी जा रही है.

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'अला वैकुंठपुरमुलो' और 'शहज़ादा' के सीन्स में अल्लू अर्जुन और कार्तिक आर्यन.

Kartik Aaryan की Shehzada से उम्मीदें थीं. सबको लग रहा था कि Pathaan के बाद 'शहज़ादा' आएगी. फोड़ देगी. हिंदी फिल्म इंडस्ट्री की वापसी हो जाएगी. मगर ये सब हो नहीं पाया. अब वजहें तलाशी जा रही हैं कि 'शहज़ादा' परफॉर्म क्यों नहीं कर पाई. जितनी मुंह उतनी बातें. हम अपने मुंह की बात आपको बताते हैं.

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1) पठान और एंट-मैन से बॉक्स ऑफिस क्लैश

'शहज़ादा' 10 फरवरी को रिलीज़ होनी थी. मेकर्स ने सोचा अभी 'पठान' ने धुआं उठाया हुआ है. एक हफ्ते देरी से आना बेहतर रहेगा. पिक्चर 17 फरवरी को थिएटर्स में लगी. इसी दिन मार्वल सिनेमैटिक यूनिवर्स की 'एंट-मैन एंड द वॉस्प- क्वांटटमैनिया' भी रिलीज़ हुई. मार्वल की फिल्मों को इंडिया में देखा जाता है. पहले ही 'पठान' चल रही थी, फिर 'एंट-मैन' भी आ गई. अगर इन दोनों फिल्मों को टक्कर देनी थी, तो 'शहज़ादा' को उनसे बेहतर सिनेमा एक्सपीरियंस देना चाहिए था. जो शायद कार्तिक स्टारर फिल्म नहीं कर पाई. इसे मेकर्स 'शहज़ादा' के नहीं चलने की मुख्य वजह बता रहे हैं. क्योंकि ये बाहरी फैक्टर्स हैं, जिनके बारे में कुछ नहीं किया जा सकता. जिसका ब्लेम किसी के मत्थे नहीं डाला जा सकता.

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2) 'अला वैकुंठपुरमुलो' का ओटीटी प्लैटफॉर्म पर उपलब्ध होना

'शहज़ादा' तेलुगु ब्लॉकबस्टर 'अला वैकुंठपुरमुलो' की ऑफिशियल हिंदी रीमेक है. 'अला वैकुंठपुरमुलो' नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीमिंग के लिए अवेलेबल है. मगर यहां फिल्म को हिंदी में नहीं देखा जा सकता. फिल्म के हिंदी वर्ज़न के राइट्स गोल्डमाइन टेलीफिल्म्स के पास है. मनीष शाह फिल्म का हिंदी वर्ज़न सीधे यूट्यूब पर रिलीज़ करना चाहते थे. जैसे-तैसे करके उन्हें रोका गया. 'अला वैकुंठपुरमुलो' के हिंदी में नहीं होने के बावजूद फिल्म का गाना 'बटबुमा' लोगों को रटा हुआ है. ऐसे में पब्लिक से ये उम्मीद नहीं जा सकती कि वो देखी हुई कहानी को दोबारा थिएटर्स में पैसे खर्च करके देखें. 'दृश्यम 2' शायद अपवाद है, जिसने ऐसा कुछ कमाल करके दिखाया है.

3) कार्तिक आर्यन का अल्लू अर्जुन वाला स्वैगर कैरी न पाना

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'अला वैकुंठपुरमुलो' की कहानी एकदम बेसिक है. कहने का मतलब सब्सटंस नहीं है, सिर्फ स्टाइल, स्वैग और स्टार पावर की बदौलत वो पिक्चर चल गई. क्योंकि वो फिल्म अल्लू अर्जुन की पर्सनैलिटी को सूट करती थी. कार्तिक को अभी वो चीज़ें डेवलप करनी हैं. 10 साल के करियर में तीन-चार हिट पिक्चर से आपकी इमेज बैंकेबल स्टार की नहीं हो जाती है. वो भी तब, जब फिल्मोग्राफी में अधिकतर फिल्में रीमेक या सफल फ्रैंचाइज़ का सीक्वल हों. पब्लिक का ये भी मानना है कि कार्तिक अल्लू अर्जुन वाला स्वैग कैरी नहीं कर पाए. उन्होंने फिल्म में जो किया, वो अल्लू अर्जुन की नकल थी. इसलिए वो सब नकली लग रहा था.  

4) 'अला वैकुंठपुरमुलो' का सबसे मज़ेदार सीन 'शहज़ादा' में न होना

'अला वैकुंठपुरमुलो' में एक सीन है, जो फिल्म का मूड या यूं कहें कि टोन सेट कर देता है. एक बोर्डरूम मीटिंग का सीन, जिसमें बनी का कैरेक्टर नाचने गाने लगता है. फन सीन है. मगर 'शहज़ादा' को हिंदी ऑडियंस के लिहाज़ से ढालने के चक्कर में वो सीन फिल्म से हटा दिया गया है. कई और सीन्स के साथ जोड़-घटाव किया गया है. वो करना ज़रूरी भी था, वरना पब्लिक को शिकायत आ जाती है कि फिल्म फ्रेम बाय फ्रेम कॉपी है. मगर फिल्म की कटाई-छंटाई 'शहज़ादा' के खिलाफ चली गई. पब्लिक पिक्चर के साथ कनेक्ट ही नहीं कर पाई.

5) फिल्म के कमतर म्यूज़िक ने डुबोई 'शहज़ादा' की नैया

किसी भी फिल्म का म्यूज़िक पहले इसलिए रिलीज़ किया जाता है, ताकि वो फिल्म के लिए माहौल बनाए. गाने हर उस जगह पहुंच सकते हैं, जहां फिल्म नहीं पहुंच सकती. मगर म्यूज़िक 'शहज़ादा' की सबसे कमज़ोर कड़ियों में से एक है. 'पहली वाली छोड़ दी' और 'छेड़खानियां' पहले ही ठीक-ठाक नुकसान कर रहे थे. तभी मेकर्स ने 'कैरेक्टर ढीला' का रीमिक्स निकाल दिया. उस गाने की वजह से फिल्म को पब्लिसिटी तो मिली. मगर नेगेटिव तरीके से. अगर आप 'अला वैकुंठपुरमुलो' का म्यूज़िक देखें, तो 'बट बुमा' और 'रामुलो' जैसे गाने फिल्म से पहले ही चार्टबस्टर हो गए थे. इसलिए 'शहज़ादा' के न चलने की एक वजह उसका म्यूज़िक भी हो सकता है.

तमाम वजहें गिनाने के बावजूद हम ये बताना चाहते हैं कि कौन सी फिल्म क्यों चली और क्यों नहीं चली, इसके बारे में पुख्ता तौर पर कोई नहीं बता सकता. क्योंकि अगर वो वजह पता चल जाए, तो फिर कभी कोई फिल्म फ्लॉप ही न हो. इसीलिए फिल्म बिज़नेस को अनिश्चितिताओं से भरा हुआ खेल माना जाता है.  

'शहज़ादा' में कार्तिक आर्यन के साथ कृति सैनन, रोनित रॉय, सनी हिंदुजा, मनीषा कोईराला, परेश रावल और राजपाल यादव जैसे एक्टर्स ने काम किया था. इस फिल्म को रोहित धवन ने डायरेक्ट किया था. रोहित इससे पहले 'देसी बॉयज़' और 'ढिशूम' जैसी फिल्में डायरेक्ट कर चुके हैं. वो डेविड धवन के बेटे और वरुण धवन के बड़े भाई हैं. 

वीडियो: कार्तिक आर्यन ने शाहरुख खान और सलमान खान से जुड़े दो मज़ेदार किस्से सुनाए हैं

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