Ranbir Kapoor स्टारर Ramayana के प्रोडक्शन पर Namit Malhotra ने खूब पैसे खर्च किए हैं. फिल्म देखते हुए ऐसा महसूस भी होता है. प्रोजेक्ट से जुड़े आर्ट डायरेक्टर Ramesh Andhale की मानें तो रावण का सिंहासन बनाने में 1 करोड़ रुपया लग गया था. वहीं शूर्पणखा के रथ पर 1.5 करोड़ रुपए खर्च हुए. यही नहीं, उन्होंने पुष्पक विमान से लेकर गहनों की मेकिंग पर भी खुलकर बात की है.
24 कैरेट गोल्ड से बना रावण का सिंहासन, 'रामायण' के लिए बनाने पड़े 150 सेट्स
फिल्म के आर्ट डायरेक्टर ने रावण-जटायु युद्ध की तैयारियों पर भी बात की है.

'रामायण' में कम-से-कम 18 आर्ट डायरेक्टर्स काम कर रहे हैं. उनमें से एक रमेश अंधाले भी हैं. प्रभात खबर से हुई बातचीत में रमेश ने बताया कि वो 2024 में इस प्रोजेक्ट से जुड़े थे. उनके मुताबिक, मेकर्स ने 'रामायण' के लिए 150 बड़े सेट्स तैयार करवाए थे. उनमें से ज़्यादातर मुंबई फिल्मसिटी में बनाए गए. रमेश कहते हैं कि मूवी की ज्यादातर शूटिंग ग्रीन स्क्रीन के सामने की गई है. लेकिन उन्हें असली दिखाने के लिए साजो-सामान और बड़े सेट भी तैयार किए गए थे.
रमेश के मुताबिक, फिल्म में यश जिस सिंहासन पर बैठे नज़र आते हैं, उसे बनाने में चार महीने का समय लगा था. इस दौरान कलाकारों ने उस पर 24 कैरेट गोल्ड की परत चढ़ाई. इन सबमें मेकर्स के 1 करोड़ रुपए खर्च हो गए. उन्होंने शूर्पणखा के उस रथ के बारे में भी बताया, जिसका इस्तेमाल कर वो भगवान राम की कुटिया तक पहुंचती है. रमेश ने बताया कि उस रथ को बनाने में टीम को तीन महीने का समय लगा. उसे इस तरह तैयार किया गया था कि वो असल में भी चल सके. शूर्पणखा के रथ को बनाने में करीब 1.5 करोड़ रुपए खर्च हो गए.
'रामायण' का सबसे बड़ा हाइलाइट इसका रावण-जटायु युद्ध है. रमेश ने बताया कि मेकर्स ने जटायु का मॉडल भी असल में तैयार करवाया था ताकि एक्टर्स उसके साथ शूटिंग कर सकें. उस मॉडल की हाइट 24 फीट थी. आमतौर पर दो फ्लोर्स वाली इमारतों की ये ऊंचाई होती है. इसी तरह रावण का पुष्पक विमान भी CGI नहीं बल्कि रियल था. उसका साइज काफी बड़ा था, इसलिए टीम ने उसे चार हिस्सों में बनाया. पुष्पक विमान के उस मॉडल का डायमीटर करीब 50 फीट था. रमेश ने बताया कि मूवी में लोग जो कुछ भी देखते हैं, मेकर्स उसके 10 से 15 अलग-अलग मॉडल्स तैयार करवाते हैं. इसलिए इसमें समय और पैसा दोनों लगता है.
वैसे, कुछ समय पहले 'रामायण' के जूलरी डायरेक्टर तरंग अरोड़ा ने भी इसके प्रोडक्शन पर बात की थी. उन्होंने बताया कि रावण सोने की लंका का राजा था. इसलिए उसके आसपास हर तरफ़ गोल्ड का बिखरा होना, नॉर्मल लगना चाहिए. इस वजह से मेकर्स ने उनके लिए सांप, राक्षसों का चेहरा, जानवरों का फेस और त्रिशूल जैसी चीजें बनवाईं. तरंग ने बताया कि 'रामायण' की मेकिंग के दौरान उन्हें 4000 से ज्यादा गहने तैयार करने पड़े थे. उनमें से ज्यादातर मूवी में इस्तेमाल भी हुए हैं. बाकी जहां तक फिल्म की बात है, 'रामायण' 05 नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई और इसने पहले ही दिन 127 करोड़ रुपए से ज्यादा कमा लिए.
वीडियो: रणबीर कपूर की रामायण ने पहले दिन कितनी कमाई की?











