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पब्लिक को 'रामायण' से जो सबसे बड़ी शिकायत थी, मेकर्स ने वो पूरा मैटर सॉर्ट कर दिया!

'रामायण' में लिप सिंक के लिए मेकर्स ने ब्रह्मा AI के वाणी टेक्निक का इस्तेमाल किया है.

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'रामायण' को 40 भाषाओं में डब करवाया गया है.

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  • फिल्म 'रामायण' में ब्रह्मा AI का उपयोग सिर्फ लिप सिंक के लिए किया गया है, जबकि सभी डबिंग असली कलाकारों ने ही की है, इसकी जानकारी डायरेक्टर नितेश तिवारी ने दी।
  • लोगों में भ्रम था कि सभी डबिंग AI से हुई है, खासकर इंग्लिश ट्रेलर के बाद आरोपों में वृद्धि हुई, जिससे डायरेक्टर को यह स्पष्ट करना पड़ा।
  • लिप सिंक हेतु AI इस्तेमाल करने से विश्वभर में फिल्म को स्थानीय भाषाओं में पहुँचाने में मदद मिलेगी, जिससे दर्शकों के लिए समझ और अनुभव बेहतर होगा।

Namit Malhotra ने महीनों पहले बताया था कि Ramayana में Brahma AI का इस्तेमाल किया जाएगा. इससे लोगों को भ्रम हुआ कि फिल्म की सभी डबिंग AI से करवाई गई है. 'रामायण' के इंग्लिश ट्रेलर के बाद ये आरोप और बढ़ गए. ऐसे में डायरेक्टर Nitesh Tiwari को खुद सामने आना पड़ा. उन्होंने बताया कि फिल्म में AI का इस्तेमाल जरूर हुआ है मगर सिर्फ लिप सिंक के लिए. बाकी वॉइस डबिंग तो असली कलाकारों ने की है.

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पिछले दिनों लॉस एंजेलिस में 'रामायण' का हॉलीवुड प्रीमियर रखा गया था. उसमें रणबीर कपूर, साई पल्लवी, यश, नितेश तिवारी और नमित मल्होत्रा शामिल हुए. इवेंट के दौरान मीडिया वालों ने नितेश से पूछा कि क्या इस मूवी में AI से डबिंग की गई है. जवाब में वो कहते हैं,

"AI का इस्तेमाल सिर्फ लिप सिंक के लिए किया जा रहा है. वो इसलिए ताकि हम अपनी फिल्म दुनियाभर के लोगों तक उनकी अपनी भाषा में पहुंचा सकें. सभी कैरेक्टर्स की आवाज़ असली कलाकारों ने ही डब की है. डबिंग में AI का इस्तेमाल नहीं हुआ. इसका यूज सिर्फ एक्टर्स के डायलॉग्स को लिप सिंक करने के लिए किया जा रहा है ताकि लोग रामायण को अपनी भाषा में इंजॉय कर सकें."

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'रामायण' के लॉस एंजेलिस प्रीमियर में हॉलीवुड एक्टर्स के अलावा कई सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स को भी बुलाया गया था. उनमें It's Your Film Sis नाम की इंफ्लुएंसर भी शामिल थीं, जिन्होंने फिल्म की कहानी और स्केल को तो पसंद किया. लेकिन इंग्लिश डब की आलोचना भी कर डाली. इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए एक वीडियो में वो कहती हैं,

"रामायण को किस तरह प्रेजेंट किया गया, उसे लेकर मेरी एक बड़ी शिकायत है. मेरी स्क्रीनिंग इंग्लिश में थी. मुझे डब पसंद नहीं और हॉल में जाते हुए मुझे पता नहीं था कि मैं मूवी को इस तरह देखूंगी. मुझे ये डब दो वजह से पसंद नहीं आया. अव्वल कारण ये कि एक्टर्स के हाव-भाव और आवाज ही उनकी परफॉर्मेंस हैं. इसलिए उनमें चेंज करना उस लाइन को भी बदल देता है, जिसे हम देख रहे. ये एक्टर्स और ऑडियंस, दोनों के साथ गलत है."

उन्होंने आगे कहा,

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"दूसरा कारण ये कि फिल्म में हुआ बदलाव बिल्कुल भी अच्छा नहीं लग रहा. मुंह पर हुए चेंज कार्टूनिश लगते हैं और ध्यान भटकाते हैं. मुझे तो चेक करना पड़ा कि इसमें AI का इस्तेमाल हुआ है या नहीं. कहते हुए अच्छा नहीं लग रहा लेकिन फिल्म देखकर ऐसा ही महसूस होता है. वरना रामायण कमाल की फिल्म है."

वैसे, 'रामायण' में लिप सिंक के लिए इस्तेमाल होने वाली टेक्निक का नाम ब्रह्मा AI है. इसे नमित मल्होत्रा की कंपनी प्राइम फोकस ने बनाया है. 2026 की शुरुआत में ब्रह्मा AI यूनिकॉर्न कंपनी बन गई थी. इस टेक्नोलॉजी का एक हिस्सा वाणी (VAANI) भी है. वाणी का यूज अलग-अलग भाषाओं में आवाज और एक्टर्स के होंठों के मूवमेंट को मिलाने यानी लिप सिंक में किया जाता है. कलाकारों ने जो डायलॉग हिंदी में कहे, उसे वाणी की मदद से इंग्लिश में बदला जाता है. देखकर ऐसा लगता है कि एक्टर्स ने वो बातें इंग्लिश में ही कही हैं. ‘रामायण’ की डबिंग को लेकर लंबे समय से लोगों के बीच काफी भ्रम फैल रहा था. लेकिन नितेश तिवारी के जवाब के बाद ये शिकायत भी दूर हो जाएगी.

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