क्या आपके अंदर भी कलाकार है? प्रतिभा विस्फोट को आतुर है. विस्फोट हुआ भी लेकिन आप दबाए बैठे हैं. तो दबाइए मत हमें भेज दीजिए. हम दुनिया को दिखाएंगे. जैसे इस भाई ने अपनी कलाकारी का नमूना भेजा. पता है lallantopmail@gmail.com
जब ये गाना मुझ तक पहुंचा तो मैं चिंहुक उठा. ये क्या है? कोई भी हौज खास विलेज में आड़ा-तिरछा कैमरा लगाकर रिकॉर्ड कर, ओंगा-पोंगा कुछ गा देगा और मैं उसका रिव्यू करूंगा. पर 11वें सेकेंड के बीतते ही सबकुछ बदल गया. एक बार देखा, दोबारा देखा. महसूस हुआ. ये गानय नहीं है. ये रूढ़ियों के खिलाफ विद्रोह है. हर तरह के स्टीरियोटाइप तोड़ने का प्रयास है. संगीत के क्षेत्र में क्रांति है. ये जनगीत है. इस गाने में जादुई यथार्थवाद है. कलाकारों पर थोपी हुई निरीहता को उधेड़ने के लिए बढ़ा पंजा है. ये वो हथौड़ा है जो वक्त की दीवार पर कील ठोंक जाएगा और सालों-साल हम उस पर अपना छाता टिकाएंगे. ये लड़ाई है, ऑटोट्यून वाले गायकों से. लेंस का जादू दिखाकर हिट्स कमाने वाले रिकॉर्डिंग स्टूडियो से. https://www.youtube.com/watch?v=eyF92A0kE_8 गाना शुरू होता है. और पहला अक्षर स्क्रीन पर कौंधता है. 'धोका' डीएचओकेए. दिल जीतने के लिए बस यही साफगोई काफी थी. बंदे ने अगर 'धोका' लिख दिया तो सारे गाने में धोका ही गाया है. आचरण की पवित्रता है ये. एक कन्या उपवन में विचरण करती नजर आती है. होंठों पर लिपस्टिक का वही शेड लगा है जो 'दिल तू ही बता..' में ऋतिक रोशन ने लगाया था. लड़का आता है और अकस्मात फोन तोड़ देता है. रहस्योद्घाटन होता है. 'धोका' फोन कंपनी ने दिया है. इतना महंगा फोन, पापा से मिन्नतें कर खरीदा. कन्या को दिया और उसकी बैटरी नहीं टिकी. पटक कर तोड़ देना पड़ा. अगली पंक्तियां इसी किस्से के गिर्द लपेट कर सुनिए.
बेचैनियां मायूसियां तुमसे मिली ये वीरानियां बस एक पल में तूने दी मुझको न जीने की ये वजह सजदा किया था मैंने तेरा मांगा खुदा से था मैंने तुझे मिल तू गया पर मिल न सका तूने दिया क्यों ऐसा धोका मुझे




















.webp?width=120)

