वेटरन फिल्म प्रोड्यूसर और CBFC चेयरमैन रहे Pahlaj Nihlani का 4 जून को निधन हो गया. अपने लंबे कार्यकाल में उन्होंने कई एक्टर्स को लेकर फिल्में बनाईं. इनमें एक नाम Govinda का भी है. बल्कि गोविंदा ने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत ही पहलाज निहलानी की Ilzaam (1986) से की थी. गोविंदा से चाहे उनके मतभेद रहे हों. मगर बतौर एक्टर वो गोविंदा को पसंद करते थे. साल 2025 की शुरुआत में एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि उनके मुताबिक गोविंदा के डाउनफॉल का कारण क्या है. बकौल पहलाज निहलानी, गोविंदा का पतन ऑडियंस के टेस्ट में अचानक आए बदलाव के कारण नहीं, बल्कि अपनों से मिले धोखों के कारण हुआ. पहलाज निहलानी ने बताया कि 90 के दशक में बॉक्स ऑफिस पर राज करने वाला एक्टर अचानक बेकाम कैसे हो गया. और इस बातचीत में उन्होंने Salman Khan और उनकी व गोविंदा की फिल्म Partner का ज़िक्र भी किया. लंबे समय के बाद गोविंदा ने इसी फिल्म से पर्दे पर वापसी की थी. लोगों को उम्मीदें थीं कि अब गोविंदा के करियर की गाड़ी पटरी पर आ गई है. अब ये दोबारा तेज़ रफ्तार से भागेगी. मगर हुआ इसके ठीक उलट. इस बारे में पिंकविला को दिए इंटरव्यू में पहलाज निहलानी ने कहा,
"सलमान के साथ पार्टनर के बाद गोविंदा को कोई फिल्म नहीं मिलीं, गोविंदा की पीठ में कई बार छुरे भोंके गए."
पहलाज निहलानी ने कहा था- "पंडितों ने गोविंदा का करियर बर्बाद कर दिया."


“पार्टनर के बाद सब कुछ गोविंदा के खिलाफ़ ही हुआ. उन्हें कोई फिल्में नहीं मिलीं. बल्कि उनकी जो फिल्में बनने वाली थीं, वो भी डिब्बाबंद हो गईं. इनमें से एक प्रियंका चोपड़ा के साथ भी थी. जब कोई आपकी पीठ में छुरा भोंकता है ना, तो उसका एक भी निशान नहीं छूटता. आपको पता तक नहीं चलता कि आखिर आपके साथ हुआ क्या. तो गोविंदा की पीठ में कई बार छुरे भोंके गए.”
इस बातचीत में पहलाज ने ये भी कहा कि वो ये सब सुनी-सुनाई बातों के बिनाह पर नहीं कह रहे. बल्कि उन तथ्यों के आधार पर कह रहे हैं, जो उनके सामने घटी घटनाओं से जुड़े हैं. उन्होंने कहा,
“यही सच है. यहां तक कि ‘रंगीला राजा’ के बाद कई बड़े प्रोड्यूसर्स ने मुझसे पूछा कि क्या गोविंदा ने कभी मुझे गुस्सा दिलाया? मगर मैंने मना कर दिया. वो सेट पर समय पर ही आते-जाते थे. ये महज़ अफ़वाह है कि गोविंदा काम पर लेट आते थे. मेरे लिए तो उन्होंने सुबह 6 बजे भी शूट किया है. जो टाइम उन्हें दिया जाता था, वो उसी तय वक्त पर पहुंचते थे. मैंने तो लेट होते कभी नहीं देखा.”
इस इंटरव्यू में गोविंदा की पत्नी सुनीता और उनके फ्रेंड सर्कल की चर्चा भी हुई. पहलाज ने कहा,
“वो (सुनीता) ग़लत नहीं है. वो सही है. ये पंडितों ने गोविंदा का करियर बर्बाद कर दिया. मगर किसी को सलाह देना भी ग़लत है. सच्चाई बोलना और सच्चाई सुनना, बहुत बड़ा फ़र्क है. मैं एक इंसान और एक्टर के तौर पर गोविंदा के बारे में कुछ भी ग़लत नहीं कहूंगा. मगर उनकी थॉट प्रोसेस कई बार मुझे ग़लत लगी.”
पहलाज निहलानी में फिल्म इंडस्ट्री में मतलब के रिश्तों के बारे में बात की थी. उन्होंने कहा,
“बॉलीवुड में कोई दोस्त नहीं हैं. टाइम पर दोस्त है. टाइम के बाद नहीं है. कोई किसी का अपना नहीं है. यहां किसी की फिल्म फ्लॉप होती है, तो लोग पार्टीज़ करते हैं.”
पहलाज निहलानी 'अर्धसत्य' और 'तमस' जैसी क्लासिक फिल्में बनाने वाले नेशनल अवॉर्डी डायरेक्टर गोविंद निहलानी के छोटे भाई हैं. गोविंद जहां सीरियस सिनेमा पसंद करते हैं, पहलाज ने अपना करियर मसाला एंटरटेनर के ज़रिए बनाया. 1982 में उन्होंने संजीव कुमार और शत्रुघ्न सिन्हा के साथ करियर की पहली मूवी 'हथकड़ी' बनाई थी. 1986 में 'इल्ज़ाम' बनाई. 1987 में उनकी फिल्म 'आग ही आग' से चंकी पांडे को स्टार्ट मिला. 'शोला और शबनम' से दिव्या भारती का सिक्का चला. 1993 में उनके प्रोडक्शन में बनी 'आंखें' ने गोविंदा और चंकी पांडे को बड़ा स्टार बना दिया. जनवरी 2015 से अगस्त 2017 तक वो सेंसर बोर्ड के चेयरपर्सन रहे.
वीडियो: Govinda के Avatar ऑफर होने वाले दावे पर इस प्रोड्यूसर ने बड़ी बात कही



















