Maddock Films के Dinesh Vijan ने बॉलीवुड की कुछ सबसे बड़ी फिल्मों को प्रोड्यूस किया है. इनमें Stree फ्रैंचाइज़, Chhaava, Bhediya और Badlapur जैसे प्रोजेक्ट्स शामिल हैं. मगर इस चक्कर में उन्होंने छोटे बजट की फिल्मों पर ध्यान देना बंद कर दिया है. कुछ ऐसा ही कहना है फिल्ममेकर और स्क्रीनराइटर Navjot Gulati का. उनकी मानें, तो मैडॉक के इसी बर्ताव की वजह से उनके पिता Pooja Meri Jaan मूवी को जीते-जी देख नहीं पाए थे.
"पिता की अंतिम इच्छा पूरी नहीं हुई" - 'छावा' बनाने वालों पर डायरेक्टर ने गंभीर आरोप लगा दिए!
नवजोत का आरोप है कि मेकर्स अब केवल बड़ी फिल्मों पर ध्यान देते हैं. उन्हें छोटी फिल्मों से कोई मतलब नहीं.


नवजोत ने 'गिन्नी वेड्स सनी' और 'ग्रहण' की कहानी लिखी है. साथ ही उन्होंने 'जय मम्मी दी' फिल्म को भी डायरेक्ट किया है. उनकी अगली फिल्म 'पूजा मेरी जान' है. इस प्रोजेक्ट में मृणाल ठाकुर और हुमा कुरैशी ने काम किया है. फिल्म को जुलाई 2022 में मैडॉक के बैनर तले अनाउंस किया गया था. अगस्त 2022 तक उसकी शूटिंग पूरी हो चुकी थी. साल के अंत तक नवजोत ने फिल्म की एडिटिंग और पोस्ट प्रोडक्शन का काम भी पूरा कर लिया था. कायदे से इसे 2023 की शुरुआत में रिलीज़ हो जाना चाहिए था. मगर तीन साल बाद भी मैडॉक ने मूवी को हरी झंडी नहीं दिखाई है.
लगातार होती देरी ने नवजोत गुलाटी को फ्रस्ट्रेट कर दिया है. इसलिए थक-हारकर उन्होंने दिनेश विजन और मैडॉक से एक इमोशनल अपील की है. उन्होंने बताया कि उनके पिता की अंतिम इच्छा यही थी कि वो अपने बेटे की ये फिल्म देख सकें. मगर इंतज़ार करते-करते ही उनका निधन हो गया. वैरायटी इंडिया से हुई बातचीत में नवजोत बताते हैं,
"मेरे पिता का निधन 2024 में हो गया. वो करीब तीन महीने तक हॉस्पिटल में सीरियस कंडीशन में थे. उस दौरान वो मुझसे बार-बार पूछते थे कि 'तेरी पूजा कब आएगी?' अब वो इस दुनिया से चले गए हैं. लेकिन मेरी फिल्म अब भी अटकी हुई है."
नवजोत बताते हैं कि फिल्म की शूटिंग बगैर किसी दिक्कत के पूरी हो गई थी. उसे जियो सिनेमा पर रिलीज़ करने की तैयारी थी. मगर फिर जियो सिनेमा और डिज़्नी प्लस हॉटस्टार का मर्जर हो गया. नई कंपनी यानी जियो हॉटस्टार के मैनेजमेंट ने प्रोड्यूसर्स से कहा कि वो जियो के लिए बनाई गई फिल्मों को दूसरे प्लेटफॉर्म्स को भी बेच सकते हैं. इसके बाद मैडॉक ने 'पूजा मेरी जान' को दूसरे ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को ऑफर किया. मगर रिपोर्ट है कि उन्होंने फिल्म के लिए एक ऐसी कीमत मांगी, जिसे कोई भी स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म देने को तैयार नहीं है. इसी वजह से फिल्म की रिलीज़ को लेकर अभी तक अनिश्चितता बनी हुई है. नवजोत का कहना है कि मैडॉक पिछले 9 महीने से एक ओटीटी प्लेटफ़ॉर्म के साथ इस मूवी को लेकर झक मार रही है. फिर भी कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका है. वो कहते हैं,
"ये एक ऐसा लूप बन गया है, जो खत्म ही नहीं हो रहा. जब तक मैडॉक को अपनी मनचाही कीमत नहीं मिलती, वो फिल्म बेचने वाले नहीं हैं. सच्चाई ये है कि अब उनका पूरा ध्यान बड़ी फिल्मों पर है. इसलिए छोटी फिल्मों की उन्हें कोई खास परवाह नहीं रह गई है. अगर ओटीटी पर उन्हें मनचाहा दाम नहीं मिल रहा, तो फिर मैडॉक फिल्म्स इसे सिनेमाघरों में क्यों नहीं रिलीज़ कर देती?"
अपनी बातचीत के दौरान नवजोत ने 'स्त्री' और 'भेड़िया' के डायरेक्टर अमर कौशिक को भी आड़े हाथों ले लिया है. वो 'पूजा मेरी जान' के को-प्रोड्यूसर हैं. मगर अब वो नवजोत का कॉल भी रिसीव नहीं कर रहे हैं. दोनों ने पिछली बार अक्टूबर 2025 में बात की थी. तबसे अबतक अमर ने उनके किसी कॉल-मैसेज का जवाब नहीं दिया है. नवजोत कहते हैं,
"मैं बार-बार कॉल और मैसेज करके थक चुका हूं. लेकिन उधर से कोई जवाब नहीं आता है. मैं ये बात सार्वजनिक तौर पर इसलिए कह रहा हूं क्योंकि वो किसी भी तरह की जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं हैं. मेरी मूवी आज भी रेलेवेंट है और लोगों से कनेक्ट करती है. लेकिन मुझे डर है कि अगर मैंने कुछ कदम नहीं उठाया, तो ये फिल्म कभी रिलीज़ ही नहीं होगी. मैडॉक को इसकी परवाह नहीं है. मैं नहीं चाहता कि इसका हाल शूजित सरकार की फिल्म शूबाइट जैसा हो जाए. उसके बारे में बातें तो बहुत हुईं, लेकिन वो कभी रिलीज़ नहीं हो पाई थी."
वैसे, मैडॉक ने सिर्फ 'पूजा मेरी जान' ही नहीं, बल्कि राधिका मदान की 'रुमी की शराफ़त' और वाणी कपूर की 'सर्वगुण संपन्न' को भी रिलीज़ नहीं किया है. नवजोत के मुताबिक, कंपनी ने इन तीनों फिल्मों को पैकेज बनाकर किसी ओटीटी प्लेटफॉर्म को बेचने की कोशिश की थी. लेकिन तब भी उन्हें मनमुताबिक कीमत नहीं मिल पाई.
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