नाइंटीज़ में पेप्सी का एक कमर्शियल आता था. आमिर खान अकेले शतरंज खेल रहे होते हैं. तभी उनके दरवाज़े पर एक लड़की आती है. पेप्सी लेने के लिए. आमिर के फ्रिज में पेप्सी का कोई निशान नहीं. वो खिड़की से उछल-कूद कर बाहर जाते हैं. और पेप्सी की बॉटल के साथ ही लौटते हैं. ये ऐड दो वजहों से चर्चा में रहा. पहला तो पेप्सी मांगने वाली लड़की. पहली बार महिमा चौधरी इस ऐड के ज़रिए कैमरा का सामना कर रही थीं.
"आमिर के साथ पहला शूट था, बुरी तरह कांप रही थी" - महिमा चौधरी
महिमा ने बताया कि पहले स्टार्स को लेकर बिल्कुल भी एक्सेस नहीं होता था.


दूसरी वजह थी उनकी दोस्त संजू. ऐड के एंड में पता चलता है कि वो संजना थी. इस ऐड के बाद संजना नाम के स्टॉक इतना ऊपर गए कि बहुत लोगों ने अपनी बेटियों के नाम संजना रखे. कल्चरल फेनोमेना बन गया. खैर उस पर बात किसी और दिन. आज बात महिमा के पहले ऐड शूट की. उन्होंने हाल ही में बताया है कि वो आमिर की बहुत बड़ी फिल्म थीं. और ऐड पर काम करना उनके लिए किसी फैन मोमेंट जैसा था. मगर वो अनुभव सुखद नहीं था. महिमा बताती हैं कि आमिर के साथ काम करने के थॉट पर ही वो पूरे वक्त कांप रही थीं. इसकी वजह वो बताती हैं कि उन दिनों स्टार्स की पब्लिक लाइफ को लेकर लोगों के पास एक्सेस नहीं था. इसलिए वो लार्जर दैन लाइफ ही बने रहते थे.
हालांकि अब कहानी पूरी तरह बदल चुकी है. महिमा पेप्सी के ऐड में किए काम की वजह से नोटिस में आ गई थीं. इसके कुछ सालों बाद उन्होंने ‘परदेस’ से डेब्यू किया. सामने थे शाहरुख खान. इस पॉइंट तक उनकी स्टार्स को लेकर झिझक खत्म हो चुकी थी. आगे चलकर उन्होंने ‘दाग: द फायर’, ‘धड़कन’ और ‘बाग़बान’ जैसी फिल्मों में भी काम किया. महिमा उस समय के सुपरस्टार कल्चर पर बताती हैं कि तब स्टार्स सिर्फ आपके कमरे के पोस्टर तक ही सीमित रहते थे. इसलिए आपको कभी पता नहीं चलता था कि उनसे बात कैसे की जाए. या उनसे मिलने पर कैसे रिएक्ट किया जाए. अब सोशल मीडिया और पैपराज़ी कल्चर की वजह से सेलेब्रिटी एक्सेस बढ़ गया है.
वीडियो: मैटिनी शो: महिमा चौधरी ने बताया कैसे करियर को बचाने के लिए पर्सनल लाइफ छिपानी पड़ती थी




















