नेशनल अवॉर्ड जीत चुकी The Kerala Story रिलीज़ के वक्त काफ़ी विवादों में रही थी. मगर इसके सीक्वल The Kerala Story 2 के ट्रेलर पर भी बवाल कटना शुरू हो गया है. पहले Kerala High Court ने मेकर्स को नोटिस भेजा. और अब खुद वहां के मुख्यमंत्री Pinarayi Vijayan ने भी फिल्म को जमकर कोसा है.
केरल के मुख्यमंत्री ने 'द केरल स्टोरी 2' पर बवाल काट दिया, कहा- आतंक का अड्डा बताने की कोशिश...
'द केरल स्टोरी 2' के डायरेक्टर ने केरल के सीएम को करारा जवाब दिया. कहा, फिल्म का हर एक सीन सच है.
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X पर अपना गुस्सा ज़ाहिर करते हुए विजयन लिखते हैं,
“नफरत फैलाने वाली फिल्म द केरल स्टोरी के सीक्वल की खबर को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए. पहली फिल्म में जो झूठ और कम्युनल एजेंडा दिखाया गया था, उसे केरल के लोग समझ चुके हैं. राज्य एक बार फिर अपनी सेक्युलर पहचान को खराब करने की इस कोशिश को नाकाम कर देगा. हैरत की बात ये है कि समाज में झगड़ा पैदा करने वाली झूठी कहानियों को आसानी से मंजूरी मिल जाती है. जबकि सच्ची कला को रोक दिया जाता है. हमें एकजुट होकर उन कोशिशों का विरोध करना चाहिए, जो हमारे शांतिप्रिय राज्य को आतंक का अड्डा बताने की कोशिश करती हैं. सत्यमेव जयते.”

इस पर फिल्म के डायरेक्टर कामाख्या नारायण सिंह ने मुख्यमंत्री को जवाब दिया है. NDTV से हुई बातचीत में फिल्म में दिखाए गए 'लव जिहाद' का हवाला देते हुए उन्होंने कहा,
“हम इस तरह की खबरें रोज देखते हैं. ऐसे मामलों में FIR भी दर्ज होती है. हम ये बातें भी रोज न्यूज़ में देखते हैं. मैं उनसे (विजयन से) सच्चाई देखने की अपील करता हूं. जब द केरल स्टोरी रिलीज़ हुई थी, तब हमने विक्टिम्स को कैमरे पर लाकर उनकी समस्याएं बताई थीं. लेकिन मुख्यमंत्री ने सच मानने की जगह आंखें मूंदने का फैसला किया है. अगर समाज में कुछ बुरा है, तो हमें साथ मिलकर उससे लड़ना होगा.”
उन्होंने अपनी बातचीत में आगे जोड़ा,
“देश में जो बुरा घट रहा, द केरल स्टोरी 2 में उसे एड्रेस किया गया है. ये फिल्म देश को साथ लाने और उसके कल्चर को सहेजने की बात करती है. मूवी का हर एक सीन रियल है. वो कम-से-कम 15-20 घटनाओं से प्रेरित है, जिन्हें हमने खुद देखा. इस पर काफ़ी रिसर्च की गई है. ये फिल्म सभी बेटियों और अन्य लोगों के लिए है.”
‘द केरल स्टोरी’ के पहले पार्ट की कहानी केरल केंद्रित ज़रूर थी. मगर इस सीक्वल में राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों को भी समेटा गया है. ऐसे में सीक्वल के टाइटल को सिर्फ केरल से जोड़ना फिल्म के विरोध का सबसे बड़ा कारण बन गया है. इसी बात का हवाला देते हुए पिछले दिनों केरल हाई कोर्ट में एक पिटीशन फ़ाइल की गई थी. शिकायतकर्ता का कहना है कि मेकर्स 'द केरल स्टोरी 2' टाइटल से राज्य को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं. इसलिए फिल्म पर बैन लगा देना चाहिए.
केरल हाई कोर्ट ने इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मेकर्स को नोटिस भेज दिया है. साथ ही उन्होंने मिनिस्ट्री ऑफ इन्फॉर्मेशन एंड ब्रॉडकास्टिंग और CBFC को भी लूप में रखा है. मामले की सुनवाई 24 फरवरी को होगी. वैसे तो यूट्यूब पर रिलीज़ हुआ ट्रेलर सेंसर बोर्ड के दायरे में नहीं आता है. मगर उन्होंने फिल्म को U/A सर्टिफिकेट देकर रिलीज़ के लिए हरी झंडी दे दी है. इसलिए ज़रूरत पड़ने पर उन्हें इसकी जिम्मेदारी लेते हुए कोर्ट में जवाब देना होगा. 'द केरल स्टोरी 2' के केस में भी यदि बात बढ़ी, तो फिल्म की रिलीज़ पर तलवार लटक सकती है. विपुल अमृतलाल शाह के प्रोडक्शन में बनी ये मूवी 27 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज़ होनी है.
वीडियो: The Kerala Story को इस राज्य के सिनेमाघरों से हटाया जा रहा है, सरकार ने सख्त लहजे में ये कहा













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