Amitabh Bachchan पर बच्चों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक प्रोडक्ट का प्रचार करने के आरोप लग रहे हैं. अमिताब KBC जूनियर शो पर Britannia Milk Bikis बिस्कुट को प्रमोट करते पाए गए थे. उन्होंने ये भी कहा था कि इस बिस्कुट में आटे और दूध जितने न्यूट्रिएंट्स यानी पोषक तत्व हैं. मांओं को अपने बच्चों को ये बिस्कुट खिलाना चाहिए. इसी ऐडवर्टिज़मेंट के खिलाफ NAPi यानी Nutrition Advocacy in Public Interest-India ने बच्चन को लेटर लिखा है. उसमें कहा गया है कि ये ऐड मिसलीडिंग है. क्योंकि ये वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइज़ेशन के हेल्दी फूड के मापदंडों पर खरा नहीं उतरता. ब्रिटैनिया ने ये ऐड हटा लिया है. मगर अमिताभ बच्चन ने 28 दिसंबर को भेजे गए इस लेटर का अब तक कोई जवाब नहीं दिया है.
बिस्कुट को आटा-दूध के पोषक तत्वों से भरा बताने वाला ऐड करने पर पकड़े गए अमिताभ बच्चन
अमिताभ बच्चन को देश के कई डॉक्टर और पीडियाट्रिशियन लोगों ने लिखा लेटर. उनका अब तक कोई जवाब नहीं आया है.
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'कौन बनेगा करोड़पति' में अब बच्चे भी हिस्सा ले सकते हैं. इसका नाम होगा KBC जूनियर. इस शो के लिए KBC ने ब्रिटैनिया मिल्क बिकिज़ के साथ टाइप-अप किया था. बच्चन शो के बीच-बीच में इस बिस्कुट को प्रमोट कर रहे थे. ये कहकर कि बच्चों की खाना खिलाने में मांओं को मुश्किल होती है. उनकी मुश्किल का हल मिल गया है, जिसका नाम है- ब्रिटैनिया मिल्क बिकिज़. क्योंकि इस बिस्कुट में आंटे और दूध की शक्ति है. इसलिए ये घर के खाने जितना ही हेल्दी है.
NAPi एक ऐसा संस्थान है. इसमें कई सारे मेडिकल एक्सपर्ट, पीडियाट्रिशियन और न्यूट्रिशनिस्ट लोग शामिल हैं. NAPi के कन्वेनर और पीडियाट्रिशियन डॉक्टर अमन गुप्ता ने इस बाबत द न्यू इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत की. इसमें उन्होंने बताया उस बिस्कुट का ऐड भ्रामक है. साथ ही वो घर पर बने खाने को डिस-क्रेडिट भी करता है. क्योंकि इस प्री-पैकेज्ड और इंडस्ट्रियल फॉरम्यूलेशन से बने बिस्कुट की तुलना घर पर बने खाने से की गई. उन्होंने कहा कि इस बिस्कुट में हाई शुगर, हाई फैट और भारी मात्रा में सोडियम प्रोडक्ट का इस्तेमाल किया गया है. जो मिल्क बिकिज़ को बच्चों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बनाता है.
डॉक्टर अमन गुप्ता ने कहा-
''इस बिस्कुट के हर 100 ग्राम में 23.4 ग्राम शुगर है. 17.8 ग्राम फैट है और 287 मिली ग्राम सोडियम है.''
इसे empty calories कहा जाता है. क्योंकि न तो हेल्दी होती है. न ही इसमें किसी किस्म के पोषक तत्व पाए जाते हैं. जबकि WHO के मुताबिक खाने में प्रति 100 ग्राम 6 ग्राम शुगर होना चाहिए. 8 ग्राम फैट होना चाहिए. 250 मिली ग्राम सोडियम होना चाहिए. इसलिए ये बिस्कुट वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइज़ेशन के मापदंडों पर खरा नहीं उतरता. इसकी वजह से जीवन में आगे चलकर बच्चों में ओबेसिटी यानी मोटापा और टाइप 2 डायबिटीज़ होने का खतरा बढ़ जाता है. उस लेटर में ये भी लिखा गया कि पब्लिक डोमेन में इतनी जानकारियां उपलब्ध हैं, जो इस बात की तस्दीक करती हैं कि इस बिस्कुट की लत लग सकती है. यानी ये ऐडिक्टिव भी है.
NAPi ने अपने लेटर में इस बात पर हैरानी जताई है कि बच्चन ने इस प्रोडक्ट को एंडॉर्स करने के लिए चुना. जिसे टीवी से लेकर यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म्स पर दिखाया जा रहा है. इसलिए डॉक्टरों और पीडियाट्रिशियन लोगों ने अमिताभ बच्चन से ब्रिटैनिया मिल्क बिकिज़ के साथ अपने करार को खत्म करने की रिक्वेस्ट की है. साथ ही ये भी सलाह दी है कि वो आगे से जिन भी प्रोडक्ट को एंडॉर्स करने के लिए चुनें, उन्हें हाई शुगर, सोडियम और फैट वाले प्रोडक्ट से दूरी बनाकर रखें.
Advertising Standard Council of India (ASCI) ने कहा कि उन्हें इस ऐड से जुड़े बहुत सारी शिकायतें मिलीं. इसके बाद उन्होंने ब्रिटैनिया से ये ऐड कैंपेन बंद करने/रोकने को कहा था. इसका पालन करते हुए ब्रिटैनिया ने मिल्क बिकिज़ के ऐड हर जगह से हटा लिए हैं. हालांकि उन्होंने इस मसले पर कोई बयान जारी नहीं किया है. दूसरी तरफ अमिताभ बच्चन ने NAPi के लेटर का अब तक कोई जवाब नहीं दिया है.
इससे पहले भी अमिताभ बच्चन पर गलत प्रोडक्ट का प्रचार करने के आरोप लग चुके हैं. उन्होंने कमला पसंद को एंडॉर्स करना शुरू किया था. फिर लोगों ने शिकायत. कहा गया कि बच्चन माउथ फ्रेशनर और इलायची की आड़ में पान मसाला ब्रांड का प्रमोशन कर रहे हैं. खूब विवाद हुआ. इसके बाद अमिताभ बच्चन ने कमला पसंद के साथ अपना कॉन्ट्रैक्ट खत्म कर लिया था. हालांकि मिल्क बिकिज़ मामले में उनके जवाब का इंतज़ार हो रहा है.


















