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जब डायरेक्टर ने आमिर को हड़काया, "अपनी फिल्म में क्रिएटिविटी दिखाना, अभी जो मैं कह रहा हूं वही करो"

Inder Kumar ने Aamir Khan को दिमाग न लगाते हुए ऑर्डर फॉलो का फ़रमान दे दिया था, जिज्ञासु आमिर हर सीन पर करते थे सवाल.

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QSQT में महज़ 31 की उम्र में दलीप ताहिल ने 20 साल के बेटे के पिता का रोल किया था.

कई फिल्मों में Aamir Khan के को-एक्टर रहे Dalip Tahil ने आमिर से जुड़े दिलचस्प किस्से सुनाए. 14 मार्च को आमिर के 60वें जन्मदिन से पहले द इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में उन्होंने ये किस्से सुनाए. उन्होंने बताया कि कैसे जिज्ञासु आमिर हर सीन के बारे में काफी सवाल करते थे. फलां सीन ऐसे ही क्यूं फिल्माया जा रहा है, वैसे क्यूं नहीं. कोई डायरेक्टर उन्हें जवाब देता था, तो कोई बस कही गई बात फॉलो करने को कह देता था. 

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फिल्म 'इश्क़' के सेट पर भी यही हुआ. इस फिल्म कों Inder Kumar डायरेक्ट कर रहे थे. दलीप ने बताया कि इंदर कुमार ने आमिर को बिना सवाल काम करने को कहा था. पूरा वाकया सुनाते हुए दलीप ने बताया-

"ये बात है 'इश्क़' की शूटिंग की. हम साथ में सीन कर रहे थे. अब आमिर तो आमिर हैं. हर सीन पर पूछ रहे थे कि इसे ऐसे क्यों शूट रहे हैं. इंदर कुमार के तेवर भी कम न थे. उन्होंने आमिर से कह दिया कि तुम बस वही करो जो मैं कह रहा हूं. मैंने ये कैरैक्टर ऐसे ही लिखा है. आमिर इतने पर भी नहीं रुके. वो आगे के सीन में भी जिज्ञासा व्यक्त करते रहे. सवाल पर सवाल पूछते रहे. एक मुकाम ऐसा आया जब इंदर कुमार ने कह दिया कि भैया मेरी पिक्चर में तू वही कर, जो मैं बोल रहा हूं. हालांकि इंदर कुमार और आमिर के बीच कोई कड़वाहट पैदा नहीं हुई. दोनों आज भी एक-दूसरे से जुड़े हैं."

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दलीप ताहिल ने आमिर और इंदर कुमार के बीच सवाल-जवाब के और भी किस्से सुनाए. इंदर कुमार के मिज़ाज और आमिर की जिज्ञासु तासीर पर बात करते हुए उन्होंने कहा-

"एक्टर को डायरेक्टर के विज़न के मुताबिक चलना चाहिए. इंदर कुमार का कहानी कहने का अपना तरीका था. वो अपने किरदारों को लेकर बहुत स्पष्ट रहते थे. आमिर की जिज्ञासा अपनी जगह है. वो सवाल पूछे बिना मानते नहीं थे. दो-तीन बार तो इंदर कुमार ने आमिर को कह दिया कि बाबू तू अपनी पिक्चर बना. मगर मेरी फिल्म में जैसे मैं बोल रहा हूं, वैसे कर. आमिर ने यही किया. इंदर की 'इश्क़' के बाद आमिर ने 'लगान' बनाई. कहानी कहने का आमिर का तरीका बिल्कुल अलग है."

बातचीत में दलीप ने ये भी बताया कि 80 के दशक में आमिर एक जैसे किरदारों से ऊब गए थे. अक्सर परेशान रहते थे. इस बारे में विस्तार से बताते हुए दलीप बोले-

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"दरअसल आमिर का अतीत और उनका तजुर्बा उन्हें सवाल पूछने पर मजबूर करता था. उस दौर में पूरी स्क्रिप्ट कई लोग लिखते ही नहीं थे. बस बेसिक आउटलाइन होती थी. आमिर, मंसूर खान और नासिर हुसैन के साथ काम कर चुके थे. ये फिल्ममेकर्स ऑर्गनाइज़्ड थे. स्क्रिप्ट पूरी होने के बाद ही शूट शुरू करते थे. चूंकि डेब्यू फिल्म के बाद आमिर की 9-10 फिल्में फ्लॉप हुईं, इसलिए आमिर और फ़िक्रमंद हो गए. वो हर सीन पर सवाल करने लगे. आगे क्या करेंगे ये पूछने लगे. कई बार डायरेक्टर वाकई निरुत्तर हो जाते थे, क्योंकि कहानी आगे कैसे बढ़ेगी, इसकी कोई प्लैनिंग उनके पास नहीं होती थी. आमिर इससे चिंतित हो जाते थे. मैंने उन्हें लंबे समय तक इस फ्रस्ट्रेशन में देखा है. लोग आमिर को कास्ट कर रहे थे क्योंकि उस समय उनका सिक्का चल रहा था. कोई नया करने की नहीं सोच रहा था. आमिर को लेते तो उनके पिता या सुसर के किरदार में मुझे ले लेते. वजह, पिछली फिल्मों में हमारा कॉम्बिनेशन चल गया था."

बकौल ताहिल, आमिर हमेशा से अलग तरह के सिनेमा से जुड़ना चाहते थे. जब दूसरे डायरेक्टर्स की फिल्म में उनकी ये भूख शांत नहीं हुई तो खुद फिल्में बनाना शुरू की़. ताहिल ने कहा-

"आमिर कुछ नया करने का जोखिम उठाना चाहते थे. जिन डायरेक्टर्स की फिल्मों में वो हीरो थे, वो सेफ खेलते थे. कई बार हमारी ही पिछली फिल्मों के सीन बताकर कुछ वैसा ही करने को कहा जाता था. मैं भी परेशान हो जाता था. इसलिए आमिर की झल्लाहट समझ पाया."

दलीप ताहिल और आमिर ने सबसे पहले आमिर की डेब्यू फिल्म 'क़यामत से क़यामत तक' में साथ काम किया. ये फिल्म 1988 में आई. इसके बाद 'हम हैं राही प्यार के', 'इश्क़' और 'मन' में भी दोनों साथ नज़र आए. दलीप ताहिल आज कल सोशल मीडिया पर अपने वीडियोज़ के माध्यम से छाए हुए हैं. वहीं आमिर इन दिनों अपनी अगली फिल्म ‘सितारे ज़मीन पर’ में लगे हुए हैं. जो कि अगले साल सिनेमाघरों में लगेगी.

वीडियो: रजनीकांत और लोकेश कनगराज की कुली में आमिर खान के साथ इन 2 स्टार्स का तगड़ा कैमियो होगा

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