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डायरेक्टर ने बताया - 'सम्राट पृथ्वीराज' के पिटने पर अक्षय की आंखों में आंसू आ गए थे

चंद्रप्रकाश ने कहा कि उन्हें बिल्कुल शर्म नहीं है इस बात को मानने में कि फिल्म की पूरी टीम ने अपनी ज़िम्मेदारी और दर्शकों के प्रति ज़िम्मेदारी नहीं निभाई.

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अक्षय कुमार की फिल्म 'सम्राट पृथ्वीराज' की रिलीज़ से पहले इसके नाम को लेकर खूब बवाल हुआ था.

अक्षय कुमार की पिछले कुछ सालों में आई फिल्में खास कमाल नहीं दिखा पा रही. फिर चाहे वो 'मिशन रानीगंज' हो, 'रक्षाबंधन' या 'राम सेतु'. साल 2022 में आई 'सम्राट पृथ्वीराज' से भी कई उम्मीदें थीं. मगर ये फिल्म भी नहीं चली थी. रिसेंटली एक इंटरव्यू में डायरेक्टर चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने बताया कि 'पृथ्वीराज' के पिटने के बाद अक्षय रोए थे. चंद्रप्रकाश ने ये भी कहा कि आदित्य चोपड़ा ने अपने विज़न से फिल्म बनाई.

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एक्टर मुकेश भट्ट को दिए इंटरव्यू में चंद्रप्रकाश ने बताया कि फिल्म के डायरेक्टर भले ही वो थे मगर पावर प्रड्यूसर आदित्य चोपड़ा के हाथ में थी. इसलिए फिल्म के लिए उनका ज़्यादा सजेशन नहीं सुना गया. आदित्य चोपड़ा ने अपने विजन से ये फिल्म बनाई. चंद्रप्रकाश ने कहा,

''वो लोग बार-बार बस इस बात पर ध्यान दे रहे थे कि अक्षय कुमार फिल्म में कैसे लगेंगे. ऑब्जेक्शन्स लगेकि अक्षय कुमार से इतनी छोटी लड़की उनके अपोज़िट कैसे हो सकती है. उस वक्त अक्षय 55 साल के थे और 26 साल के राजा का रोल निभा रहे थे. फिर उसके बाद अक्षय की मूंछों को लेकर भी सवाल उठे. कहा गया कि फिल्म के लिए वो असली की मूंछें क्यों नहीं रख लेते. ये भी कहा गया कि अक्षय का बॉडी पॉस्चर सम्राट पृथ्वीराज जैसा नहीं लग रहा है. आज ईमानदारी से मैं कहता हूं कि ये सारी सही चीज़ें थीं. लोग सही ऑब्जेक्शन जता रहे थे.''

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चंद्रप्रकाश ने कहा कि उन्हें बिल्कुल शर्म नहीं है इस बात को मानने में कि फिल्म की पूरी टीम ने अपनी ज़िम्मेदारी और दर्शकों के प्रति ज़िम्मेदारी नहीं निभाई. वो कहते हैं,

''इस फिल्म में अलग-अलग लोगों को अलग-अलग रोल दिया गया था. सभी की अलग ज़िम्मेदारियां थीं. मैं कमज़ोर पड़ चुका था. अगर लोगों ने अपनी ज़िम्मेदारियों निभाई होती तो फिल्म रिलीज़ के बाद इतने सवाल नहीं उठते.''

प्रड्यूसर आदित्य चोपड़ा पर भी चंद्रप्रकाश ने बात की. कहा,

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''आदित्य चोपड़ा जैसे प्रड्यूसर्स किस्मत वालों को मिलते हैं. वो बहुत सॉर्टेड हैं चीज़ों को लेकर. उनका अपना विज़न है और पृथ्वीराज के लिए भी उनका अलग विजन था. वो फिल्म के सिर्फ फाइनेंसर ही नहीं थे बल्कि क्रिएटिव पर्सन भी थे. उनके पास कुछ आइडियाज़ थे. जिन्हें शुरू में ही डिस्कस कर लेना चाहिए था. फिल्म को देखने का उनका नज़रिया कुछ और था और मेरा कुछ और. मैंने उनके सामने अपनी बातें रखीं. इतने सारे ऑब्जेक्शन के बाद भी मुझे ही फिल्म बनाने के लिए कहा गया.''

चंद्रप्रकाश ने अक्षय कुमार पर भी बात की. कहा कि पृथ्वीराज के बाद उन्होंने एक बात तो सीख ली कि हिस्ट्री से किसी भी तरह की छेड़छाड़ सही नहीं. बोले,

''फिल्म रिलीज़ के बाद मैंने अक्षय से कहा कि लोग उनको आईकन मानते हैं. जब उन्हें फिल्म को मिल रहे नेगेटिव रिव्यूज़ के बारे में बताया तो उनकी आंखों में आंसू थे. अक्षय बहुत ही सक्सेसफुल एक्टर हैं. उनसे मेरा रिश्ता ऐसा है कि मैं उन्हें कुछ भी बता सकता हूं. उनके चेहरे पर उनके काम की बुराई कर सकता हूं. मैंने इस फिल्म के बाद उनके काम को ईमानदारी से उन्हें बताया. इमेल में भी फिल्म के बुरे पार्ट्स को उन्हें बताया. मगर इसके बाद हमारे रिश्ते में कोई बदलाव नहीं आया है.''

'सम्राट पृथ्वीराज' के बाद भी अक्षय कुमार और चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने दो फिल्मों में साथ काम किया. एक थी 'राम सेतु'. जिसने कुछ खास कमाल नहीं किया. दूसरी थी पंकज त्रिपाठी के साथ 'ओह मई गॉड 2'. जिसने अच्छा परफॉर्म किया. चंद्रप्रकाश दोनों ही फिल्मों के क्रिएटिव प्रड्यूसर थे. अक्षय की आने वाली फिल्मों की बात करें तो वो जल्द ही अली अब्बास ज़फर की 'बड़े मियां छोटे मियां' में दिखाई देंगे. इसमें उनके साथ टाइगर श्रॉफ भी होंगे. 

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