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'भोला' जैसी 5 साउथ इंडियन एक्शन फिल्में, जिन्हें देख कहेंगे - मां कसम एक्शन हो तो ऐसा!

चाकू जैसी धारधार एक्शन वाली इन फिल्मों को घर बैठे देख सकते हैं.

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'भोला' के एक्शन की तारीफ हो रही है.

31 मार्च को Ajay Devgn की फिल्म Bholaa रिलीज़ होने वाली है. फिल्म आने से पहले ही उसके एक एक्शन चेज़ सीक्वेंस को लेयकर हल्ला मचा हुआ है. छह मिनट के इस सीन को फिल्माने में 11 दिन लगे. बताया जा रहा है कि ये सीक्वेंस फिल्म के सबसे बड़े भौकाल मोमेंट्स में से एक होने वाला है. ‘भोला’ तमिल फिल्म ‘कैथी’ का ऑफिशियल हिंदी रीमेक है. 
‘भोला’ लार्जर दैन लाइफ नुमा एक्शन सीन्स से लबरेज़ होगी. मगर अभी बात करेंगे साउथ से आने वाली उन फिल्मों की, जिनका एक्शन लोगों को सिनेमाघर छोड़ने के बाद भी सालों तक याद रहा. 

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#1. उग्रम (कन्नड़ा)
डायरेक्टर: प्रशांत नील 
कास्ट: श्री मुरली, हरिप्रिया 
कहां देखें: ज़ी5   

KGF से पहले प्रशांत नील ने ‘उग्रम’ बनाई थी. उनकी पहली फिल्म. और पहली फिल्म वाली ‘रॉनेस’ यहां दिखती भी है. कहानी का मुख्य किरदार है एक आम आदमी. अपने आसपास क्राइम होते देखता है, और बस उसके खिलाफ खड़ा हो जाता है. कुछ वैसा ही जो 70 में अमिताभ बच्चन का ‘ऐंग्री मैन’ किया करता था. प्रशांत के सिनेमा पर अमिताभ की फिल्मों का असर भी रहा है. खैर, ‘उग्रम’ जिस टेम्पलेट पर बनी है वो सिनेमा की दुनिया में नया नहीं. हालांकि फिल्म के लिए सबसे कारगर फैक्टर साबित हुआ उसका एक्शन. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर भले ही नहीं चली लेकिन इसने लोगों को इतना भरोसा दिला दिया कि संसाधन मिलने पर प्रशांत बड़ी एक्शन फिल्म बनाने का माद्दा रखते हैं. 

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#2. विवेगम (तमिल)
डायरेक्टर: सिवा 
कास्ट: अजीत, विवेक ओबेरॉय, काजल अग्रवाल  
कहां देखें: डिज़्नी+ हॉटस्टार 

‘विवेगम’ का क्लाइमैक्स एक्शन सीन खासा पॉपुलर हुआ था. अजीत का किरदार विलेन बने विवेक ओबेरॉय को चेज़ कर होता है. उसके बाद दोनों में गुत्थमगुथी होती है. फुल ड्रामैटिक सीन. हीरो ज़मीन पर धराशाई पड़ा है. हीरोइन बिलख रही है. फिर चलती है आंधी. हीरो के सॉल्ट पेपर बालों में हरकत होती है. पैरों पर खड़ा होता है. अपने हाथों से विलेन को चीरने से पहले चीरता है अपनी शर्ट. ये ऐसा सीन है जहां हॉल में बेतहाशा तालियां, सीटियां बजी. ‘विवेगम’ एक फिल्म के तौर पर ही ऐसे सीटीमार मोमेंट्स का कलेक्शन है. लॉजिक के स्तर पर ऊपर-नीचे भले ही हो लेकिन फैन सर्विस करना नहीं भूलती.    

#3. रंगस्थलम (तेलुगु)
डायरेक्टर: सुकुमार 
कास्ट: राम चरण, समांथा प्रभु 
कहां देखें: डिज़्नी+ हॉटस्टार

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एक गांव है. वहां का मुखिया अपनी ही हवाबाज़ी में रहता है. लोगों का शोषण करता है. कहानी का हीरो चिट्टी बाबू उसके खिलाफ खड़ा होता है. लोगों का मसीहा बनता है. फिर से वही बात, दसियों बार कही चुकी कहानी. फिर इसे खास क्या बनाता है? डायरेक्टर सुकुमार का ट्रीटमेंट. उन्होंने ही ‘पुष्पा’ भी बनाई है. राम चरण का स्वैग. फिल्म जर्नलिस्ट ‘रंगस्थलम’ को राम चरण के बेस्ट कामों में से गिनते हैं. फिल्म में एक एक्शन सीन है. रात के अंधेरे में. एक खेत में. चिट्टी बाबू कुछ गुंडों से लड़ता है. उस सीन में जो हवा में मुक्कालात हुई, ऊपर से बैकग्राउंड म्यूज़िक, पूरा माहौल टाइट हो जाता है.  

#4. विक्रम (तमिल)
डायरेक्टर: लोकेश कनगराज 
कास्ट: कमल हासन, फहद फाज़िल, विजय सेतुपति 
कहां देखें: डिज़्नी+ हॉटस्टार 

साल 2022 की सबसे ज़्यादा कमाऊ इंडियन फिल्मों में रही थी ‘विक्रम’. इस फिल्म को सिनेमाघर में देखना तो किसी त्योहार की तरह था. फिल्म का इंटरवेल ब्लॉक यादगार था. जब कमल हासन, फहद फाज़िल और विजय सेतुपति के किरदार पहली बार मिलते हैं. ‘विक्रम’ में जैसा एक्शन हुआ, उसके लिए ही हम धुआंधार जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं. क्लाइमैक्स में कमल हासन का किरदार विक्रम मशीन गन लेकर गैराज से बाहर निकलता है. उसके बगल में उसका नवजात पोता है. और फिर अगले ही पल वो जब अपनी गन को फायर कर खाली करता है, आप सारा लॉजिक ढूंढना बंद कर देते हैं. 

इतनी आवाज़ के पास बच्चे को नहीं होना चाहिए. ऐसा होना चाहिए, वैसा नहीं. किसी भी बात पर ध्यान नहीं जाता. स्क्रीन पर जो आग निकल रही होती है वो दिमाग में जस-की-तस छप जाती है. 

#5. सराईनोडु (तेलुगु)
डायरेक्टर: बोयपति श्रीनू 
कास्ट: अल्लू अर्जुन, रकुल प्रीत सिंह 
कहां देखें: डिज़्नी+ हॉटस्टार

अल्लू अर्जुन जब ‘पुष्पा’ बनकर लकड़ी की स्मगलिंग नहीं कर रहे थे, तब वो एक आर्मी मैन थे. ऐसे लोगों को सज़ा देता जो कानूनी व्यवस्था में कोई पेच निकालकर बच निकलते. उनके साथ वो अपने ढंग से इंसाफ करता. फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर ऐसा बम्पर रिस्पॉन्स मिला कि ये 2016 की दूसरी सबसे ज़्यादा कमाई करने वाली तेलुगु फिल्म बनी. फिल्म का स्क्रीनप्ले कमज़ोर था. उसकी आलोचना हुई. मगर तारीफ हुई फिल्म के लार्जर दैन लाइफ एक्शन की, उसके विज़ुअल्स की.  

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