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'वाराणसी' के सेट पर राजामौली-महेश बाबू में भयंकर हाथापाई हो गई?

महेश बाबू और राजामौली का ये वायरल वीडियो देखकर राम गोपाल वर्मा ने कहा-"सिनेमा मर चुका है."

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'वाराणसी' को 1300 करोड़ रुपये के भारी बजट पर बनाया जा रहा है.

Mahesh Babu और SS Rajamouli जी-जान से Varanasi की शूटिंग में लगे हुए हैं. कोई जानकारी लीक न हो, इसलिए सेट पर सिक्योरिटी की काफी चाक-चौबंद व्यवस्था की गई है. इस बीच एक महेश और राजामौली का एक वीडियो वायरल हो रहा है. जिसने सबको चौंका दिया है. वीडियो में महेश बाबू और राजामौली एक-दूसरे से हाथापाई करते नज़र आ रहे हैं. वो भी भयंकर उठा-पटक वाली. कुछ लोगों का दावा है कि ये वीडियो 'वाराणसी' के सेट से लीक हुई है. मगर असल में एक AI वीडियो है.

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इस वायरल वीडियो में राजमौली और महेश बाबू शख्स एक-दूसरे पर मुक्के बरसा रहे हैं. किसी फिल्मी सीन की तरह उनके आसपास तोड़फोड़ मची हुई है. एक पल को ऐसा लगता है कि ये कोई ऐड फिल्म की शूटिंग का वीडियो तो नहीं. या फिर, राजामौली 'बाहुबली' की तरह 'वाराणसी' के भी किसी सीन का रिहर्सल तो नहीं करवा रहे! मगर ऐसा कुछ भी नहीं है. दरअसल, ये एक AI वीडियो है, जिसे खुद फिल्ममेकर राम गोपाल वर्मा ने रीशेयर किया है. वीडियो साझा करते हुए उन्होंने तीन बेहद निर्णायक शब्द लिखे. वो शब्द हैं-"Cinema Is Dead."

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रामू का इशारा AI की बढ़ती क्षमता और इसके खतरे की ओर है. दुनियाभर के कई फिल्ममेकर्स अक्सर कहते रहे हैं कि AI के कारण फिल्में बनाने वालों का काम खतरे में पड़ जाएगा. रामू भी उनसे सहमत होते से दिख रहे हैं. वायरल वीडियो को गौर से देखने पर आपको ये तो पता चल जाता है कि ये असली नहीं है. बावजूद इसके, इस बात को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता है कि AI ने कम समय में ही काफी तरक्की कर ली है. आने वाले समय में लोगों को इसका और भी अडवांस अवतार देखने को मिल सकता है. एक यूजर ने लिखा,

"सिनेमा खत्म नहीं हो रहा, बल्कि एक ऐसे रूप में बदल रहा है जिसे हम शायद कंट्रोल नहीं कर पाएंगे. आज फेक फाइट है. कल हो सकता है आपकी फिल्मों के सीक्वल भी AI ही बना रहा हो. हम एक ऐसे दौर में पहुंच रहे हैं, जहां मशीनों का दखल बढ़ता जा रहा है. 'घोस्ट इन द मशीन' वाला दौर शुरू हो चुका है."

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यूजर्स का कमेंट.

दूसरे ने कहा, 

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“तगड़ी कमाई करने वाले कलाकार और डायरेक्टर AI से क्यों डर रहे हैं? असली चिंता तो उन लोगों को होनी चाहिए, जो सेट पर छोटे-मोटे काम करते हैं. जैसे लाइटमैन और लोअर एंड स्टाफ- जो रोज़ केवल 500 से 2000 रुपये तक कमाते हैं.”

महेश बाबू और राजामौली के इस फाइट सीक्वेंस को Seedance 2.0 चाइनीज़ AI वीडियो प्लैटफॉर्म से तैयार किया गया है. इसे बनाने वाली कंपनी का नाम ByteDance है. ByteDance ही Tik-Tok की पैरेंट कंपनी है. फरवरी 2026 में लॉन्च हुए Seedance 2.0 ने हॉलीवुड वालों में भी सिहरन पैदा कर दी है. ये पूरा मामला ही तब सामने आया, जब किसी ने इस AI मॉडल का इस्तेमाल कर टॉम क्रूज़ और ब्रैड पिट्ट को लड़वा दिया था. 'मिशन इम्पॉसिबल' टाइप दिख रहा वो वीडियो, पिछले सभी AI वीडियोज़ से अलग और रियलिटी के ज्यादा करीब था. यही कारण है कि हॉलीवुड मोशन पिक्चर एसोसिएशन ने, जिसमें डिज्नी और नेटफ्लिक्स भी हैं, इस AI मॉडल के खिलाफ़ मोर्चा खोल दिया है. 

वीडियो: क्या ‘वाराणसी’ की असली कहानी टाइम ट्रैवल और एस्टेरॉइड से जुड़ी है

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