पश्चिम बंगाल में जादवपुर संसदीय सीट से भाजपा उम्मीदवार अनुपम हाजरा का चुनाव प्रचार कर रहे हैं दी ग्रेट खली. अब चुनाव प्रचार का आचार से गहरा रिश्ता है. आचार संहिता से. विचार की बात हम थोड़ा आगे करेंगे.
लेकिन खली के कोलकाता आने से चुनावी खलबली क्यों मच उठी.
असल में हुआ ये था कि अभी हाल ही में बांग्लादेशी अभिनेता फिरदौस अहमद को तुरंत भारत से वापस जाने का आदेश दिया गया. साथ ही बिजनेस वीजा भी रद्द कर दिया गया है. अभिनेता के खिलाफ़ तृणमूल कांग्रेस के लिए चुनाव प्रचार करने की शिकायत दर्ज कराई गई थी और इससे अच्छा ख़ासा बवाल खड़ा हो गया था.

जादवपुर लोकसभा क्षेत्र से अनुपम हाजरा के लिए प्रचार करते खली
तब पश्चिम बंगाल के भाजपा प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने कहा था कि -
बांग्ला देश के टीवी अभिनेता गाज़ी नूर भी ऐसे ही आए थे लपेटे मेंजिस प्रकार से बांग्लादेश से घुसपैठिए आ रहे हैं, अगर उसी तरह से बांग्लादेश के आर्टिस्ट भी आकर चुनाव प्रचार करेंगे तो ये अंतर्राष्ट्रीय मर्यादाओं का भी उल्लंघन है. और सबसे बड़ी शर्म की बात ये है, कि ममता जी के पास यहां अपने देश में काम करने वाला एक आदमी नहीं है और उन्हें बांग्लादेश से कलाकार बुलाकर अपना प्रचार करवाना पड़ रहा है. इससे ये भी पता चलता है कि ममता जी के पास जनाधार रह नहीं गया है. उनकी ज़मीन खिसक चुकी है.
दमदम लोकसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार हैं सौगत राय. वर्किंग वीज़ा लेकर भारत आए थे बांग्ला देश के टीवी अभिनेता गाज़ी नूर. गाज़ी नूर ने सौगत राय के लिए प्रचार किया था. और इसकी शिकायत भी भाजपा ने बाक़ायदा चुनाव आयोग से की थी. इसी शिकायत के बाद नूर को वीजा शर्तों के उल्लंघन के लिए वापस भेज दिया गया था.














