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जब BJP उपाध्यक्ष ने कहा था, 'राम मंदिर का मुद्दा खत्म, तो BJP खत्म'

24 साल पहले इस सीनियर BJP लीडर ने ऐसी बात कह दी थी कि पार्टी को सांप सूंघ गया था.

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कृष्णलाल शर्मा (बाएं से दूसरे), बीच में आडवाणी और सबसे दाईं तरफ नरेंद्र मोदी
आज केंद्र में काबिज भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को हिंदुस्तान की सियासत में 'संजीवनी' राम मंदिर आंदोलन से मिली थी. 1990 में लाल कृष्ण आडवाणी ने राम मंदिर के पक्ष में माहौल बनाने के लिए देश के कई हिस्सों में रथयात्रा की थी. इसके बाद हुए खून-खच्चर के बावजूद बीजेपी का कद बड़ा हो गया था. लंबे समय तक बीजेपी पर आरोप लगते रहे कि उनके पास राम मंदिर के सिवा कोई मुद्दा नहीं है और उनके एजेंडे में विकास कहीं नहीं है. विरोधियों का तो ठीक है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक बार ऐसा ही बयान बीजेपी के एक सीनियर नेता ने दे दिया था?
तब बाबरी का विवादित ढांचा नहीं गिरा था. अक्टूबर 1992 की बात है. बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कृष्णलाल शर्मा ने ऐसी बात कह दी थी कि पार्टी को सांप सूंघ गया. उन्होंने कहा था, 'भाजपा के पास अभी एकमात्र मुद्दा राम मंदिर ही है. यदि वह समाप्त हो जाए तो हम मर जाएंगे.'
कृष्णलाल शर्मा का यह बयान हिंदी दैनिक 'हिंदुस्तान' में छपा था. 31 अक्टूबर 1992 के 'इंडिया टुडे' अंक में भी इसे छापा गया था. कृष्णलाल पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष थे. तब बीजेपी के कमान मुरली मनोहर जोशी के हाथ में थी. लेकिन उस समय सोशल मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का वैसा जोर नहीं था, इसलिए बात ठंडे बस्ते में चली गई. कल्पना कीजिए कि आज के दौर में कोई वरिष्ठ नेता यह बात कह दे तो? Krishna lal2कृष्णलाल शर्मा कोई छोटे मोटे नेता नहीं थे. साल 2000 में 75 की उम्र में जब उनका देहांत हुआ तो राष्ट्रपति केआर नारायणन ने शोक संदेश जारी किया. उस वक्त के बीजेपी अध्यक्ष कुशाभाऊ ठाकरे, प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, गृहमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, मानव संसाधन विकास मंत्री मुरली मनोहर जोशी समेत कई बड़े नेता उनके घर श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे. 1955 में पंजाब यूनिवर्सिटी से डिग्री लेने के बाद कृष्णलाल संघ प्रचारक बन गए थे. वह जनसंघ के प्रेरणास्रोत दीनदयाल उपाध्याय के करीबी रहे. जनसंघ में कई पदों पर रहे. बीजेपी बनने के बाद 1986 से 1990 तक इसके महासचिव और प्रवक्ता रहे. बाहरी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र से वह दो बार सांसद रहे और 1990 में हिमाचल प्रदेश से राज्यसभा के सदस्य भी रहे.
 

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