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बंगाल बीजेपी ने छीना, तमिलनाडु विजय उड़ा ले गए, और 'लाचार' हो गया विपक्ष?

चार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी से आ रहे रुझानों को देखें तो केवल बीजेपी ही ऐसी पार्टी के तौर पर उभरी है, जिसने एंटी इंकम्बेंसी को बेअसर कर दिया है. असम और पुडुचेरी में बीजेपी सत्ता में लौटती दिख रही है. लेकिन बीजेपी के लिए इससे भी बड़ी खबर बंगाल और तमिलनाडु से है, जहां पार्टी के दो सबसे मजबूत विरोधियों को किला ध्वस्त होता दिख रहा है.

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बीजेपी को चुनौती देने वाले दो मजबूत क्षेत्रीय क्षत्रप अपना किला गंवाते दिख रहे हैं. (इंडिया टुडे)

बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी से आने वाले रुझानों में तस्वीर साफ होने लगी है. बंगाल और तमिलनाडु में बीजेपी के सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी धाराशायी होते दिख रहे हैं. बंगाल में ममता बनर्जी की TMC को पछाड़ते हुए बीजेपी राज्य की सत्ता में स्थापित होती दिख रही है. वहीं तमिलनाडु में अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कजगम (TVK) सबसे बड़ी पार्टी बनती दिख रही है, जबकि स्टालिन की डीएमके तीसरे नंबर पर खिसक सकती है.

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चार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी से आ रहे रुझानों को देखें तो केवल बीजेपी ही ऐसी पार्टी के तौर पर उभरी है, जिसने एंटी इंकम्बेंसी को बेअसर कर दिया है. असम में बीजेपी सत्ता में वापसी करती दिख रही है. वहीं पुडुचेरी में अखिल भारतीय एनआर कांग्रेस के साथ उनका गठबंधन फिर से सरकार में आता दिख रहा है.

बीजेपी को सबसे बड़ी सफलता बंगाल में मिली है. पार्टी के सबसे कट्टर और मजबूत विरोधियों में से एक ममता बनर्जी का किला ढह गया है. ममता बनर्जी ने राज्य में चौथी बार सरकार बनाने का दावा करते हुए केंद्र की राजनीति का रुख करने का ऐलान किया था. राजनीतिक विश्लेषकों का भी अनुमान था कि कुछ दिन राज्य की सत्ता चलाने के बाद दीदी बंगाल की बागडोर भतीजे अभिषेक बनर्जी को सौंपकर, केंद्र में बीजेपी के खिलाफ मोर्चा बनाने में जुटेंगी. 

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लेकिन विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद उनके लिए ये राह आसान नहीं होगी. अब ममता बनर्जी के सामने पार्टी को एकजुट रखने की चुनौती होगी. सत्ता में रहते तो ये आसान था. लेकिन सत्ता जाने के बाद पार्टी में विरोध के सुर तेज हो सकते हैं. ऐसे में केंद्र की राजनीति में सक्रियता बढ़ाने के उनके मंसूबों को झटका लगता दिख रहा है. 

पश्चिम बंगाल की जीत बीजेपी के सबसे बड़े रणनीतिकार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के लिए भी खास है. नए साल की पूर्व संध्या यानी 31 दिसंबर, 2025 को उन्होंने पार्टी सहयोगियों से कहा था, 

दिल पे लिख लो, इस बार हमारी सरकार.

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यही नहीं, उन्होंने 170 सीटों का टारगेट भी रखा. तब यह असंभव सा लक्ष्य लग रहा था. लेकिन अब बीजेपी उस आंकड़े की तरफ बढ़ती दिख रही है. इसके लिए शाह ने खुद कमान संभाली. 15 दिनों तक बंगाल में कैंप किया. उन्होंने अपने माइक्रो मैनेजमेंट के जरिए अभेद्य माने जाने वाले गढ़ को बीजेपी के पाले में डाल दिया. इसके साथ ही बीजेपी विरोध के सबसे प्रमुख क्षेत्रीय क्षत्रप ममता बनर्जी का युग अवसान की ओर जाता दिख रहा है.

तमिलनाडु में स्टालिन की हार!

तमिलनाडु में अधिकतर एग्जिट पोल डीएमके की सरकार बनवाते दिख रहे थे. अधिकतर राजनीतिक विश्लेषकों की भी यही राय थी. लेकिन रुझान में नतीजे उलटते दिख रहे हैं. एक्टर विजय की पार्टी TVK पहले नंबर पर चल रही है. वहीं बीजेपी की सहयोगी AIADMK दूसरे नंबर पर है, जबकि सत्ताधारी डीएमके तीसरे नंबर पर खिसकती दिख रही है.

डीएमके नेता स्टालिन ममता बनर्जी की तरह ही बीजेपी की पुरजोर मुखालफत करते हैं. ऐसे में पार्टी उनकी हार से खुश तो होगी, लेकिन नतीजे ये भी बताते हैं कि पार्टी के लिए तमिलनाडु साधना अब भी टेढ़ी खीर बना हुआ है. पार्टी जिन 27 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, रुझानों के मुताबिक उनमें सिर्फ एक सीट पर आगे चल रही है.

इसके साथ ही TVK नेता विजय ने भी साफ किया है कि वे राज्य में डीएमके और केंद्र में बीजेपी के साथ समान दूरी बना कर चलेंगे. ऐसे में डीएमके की हार बीजेपी के लिए सांत्वना पुरस्कार जैसी ही होगी. क्योंकि पार्टी अब भी तमिलनाडु में अपना बेस बनाने में असफल ही दिख रही है. 

वीडियो: दी लल्लनटॉप शो: एग्जिट पोल में हार गईं ममता बनर्जी? क्या BJP बनाएगी पश्चिम बंगाल में सरकार?

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