बीजेपी के नेता वरुण गांधी पीलीभीत से चुनाव लड़ रहे हैं.
राहुल गांधी के चचेरे भाई और सोनिया गांधी के भतीजे वरुण गांधी ने 'गांधी परिवार' को लेकर जो बयान दिया है, उससे उनकी चाची और बड़े भाई बहुत दुखी हुए होंगे. वरुण का बयान उन्हें बिल्कुल अच्छा नहीं लगा होगा. बीजेपी के नेता वरुण गांधी सुल्तानपुर से सांसद हैं. इस बार वह अपनी मां की सीट पीलीभीत से चुनाव लड़ रहे हैं. उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान वोटर्स से जो कहा, उसे गांधी परिवार पर हमला माना जा रहा है. अक्सर अपने भाषणों में वरुण, गांधी परिवार के खिलाफ बोलने से बचते हैं, लेकिन इस बार उन्होंने अपने परिवार को लेकर बयान दिया है. पीलीभीत में एक जनसभा को संबोधित करते हुए वरुण गांधी ने कहा,
देखिए विश्वनाथ प्रताप सिंह जी भी राजा थे. नरसिम्हा राव जी भी बड़े आदमी थे. वाजपेयी जी सामान्य परिवार से थे, लेकिन उन्होंने इस तरीके की गरीबी नहीं देखी कभी. मोदी जी तो सामान्य से भी गरीब परिवार से थे. आदमी की बहादुरी देखो, आज मैं आपको सच बताऊं, मेरे परिवार में भी कुछ लोग प्रधानमंत्री रहे हैं. लेकिन जो सम्मान मोदी जी ने देश को दिलाया है, वो बहुत लंबे समय से किसी ने नहीं दिलाया. सबसे बड़ी बात ये देखो कि पांच साल हो गए, एक बेईमानी का धब्बा नहीं है नरेंद्र मोदी जी के ऊपर. आप जानते हैं राजनीति कितनी गंदी चीज है. कोई छह महीने कुछ बन जाए, कोई न कोई गलत आरोप लगने लगता है. मोदी जी पर आरोप नहीं है चोरी का, क्योंकि मोदी अगर चोरी करेंगे तो किसके लिए करेंगे. उनके पास तो परिवार में और कोई आदमी ही नहीं है. वो आदमी केवल जी रहा है तो देश के लिए, वो मरेगा भी तो देश के लिए. उसको केवल देश की चिंता है.
गांधी परिवार
आजादी के बाद पंडित जवाहर लाल नेहरू देश के पीएम बने. नेहरू वरुण गांधी के परनाना थे. नेहरू 1964 तक देश के प्रधानमंत्री रहे. वरुण की दादी इंदिरा गांधी 1966 में पीएम बनीं. वह 1977 तक पीएम रहीं. फिर से इंदिरा गांधी 1980 से 1984 तक प्रधानमंत्री रहीं. इंदिरा की हत्या के बाद राजीव गांधी देश के पीएम बने. राजीव गांधी वरुण गांधी के चाचा थे. यानी गांधी परिवार से तीन लोग देश के पीएम बने. लंबे समय तक देश की सत्ता चलाई.

इंदिरा, मेनका गांधी के सामने खड़े हैं वरुण गांधी
कांग्रेस में जाने की अटकलों पर क्या बोले वरुण
हाल ही में उनकी बहन प्रियंका गांधी के कांग्रेस का महासचिव बनने के बाद कयास लगने लगे कि वरुण कांग्रेस जॉइन कर सकते हैं. वरुण के प्रियंका से अच्छे रिश्ते हैं. यही कारण है कि प्रियंका के कांग्रेस में औपचारिक रूप से कमान संभालने के बाद ऐसी अटकलें लगने लगी थीं कि वरुण कांग्रेस में आ सकते हैं. इस सभा में उन्होंने इन अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया. वरुण ने कहा कि गांधी परिवार से मेरे औपचारिक रिश्ते हैं. ये रिश्ता परिवारिक नहीं है.

वरुण की बात सोनिया गांधी और राहुल को अच्छी नहीं लगी होगी.
सरकार की आलोचना करते रहे हैं
बीजेपी का सांसद होते हुए भी वरुण कई मौकों पर सरकार की आलोचना कर चुके हैं. किसानों के मुद्दे, दलित छात्र रोहित वेमुला की आत्महत्या, अल्पसंख्यकों में शिक्षा की कमी जैसे मसलों पर बोलते रहे हैं. 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में उनके सीएम बनने की चर्चा चल रही थी, लेकिन वह सीएम के उम्मीदवार भी नहीं बन पाए. भले ही उनकी मां मेनका गांधी को बीजेपी ने मंत्री बनाया हो लेकिन पार्टी के अंदर वरुण गांधी वह मुकाम हासिल नहीं कर पाए, जैसा उनके प्रशंसक चाहते थे या सोचते हैं. वरुण तीसरी बार सांसद बनने के लिए चुनाव लड़ रहे हैं. 2009 में उन्होंने पीलीभीत से ही चुनाव लड़ा था. 2014 में सुल्तानपुर से चुनाव लड़े. 2019 के लोकसभा चुनाव में वह एक बार फिर उसी सीट से चुनाव लड़ रहे हैं, जहां से उन्होंने पहली बार जीत हासिल की थी. 2014 में इस सीट पर उनकी मां मेनका गांधी ने चुनाव जीता था.
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