शारीरिक बीमारी अस्थायी होती है. ये आती-जाती है. ऐसा कोई नहीं है जो इससे अछूता रहे. उतार-चढ़ाव बहुत सामान्य बातें हैं मेरे अपने जीवन में कभी गुर्दे खराब हुए. गिरा-उठा. उठा-गिरा. बहुत दिनों के बाद 15 दिन से बीमार था. अब मैं फिट शारीरिक रूप से फिट हूं. अब मानसिक रूप से बीमार आज़म खान की खोज-खबर लेने, उसके लंगोट प्रेम की पूरी की पूरी तहकीकात करने और महिलाओं की प्रति उसकी क्रूरता, गिरी हुई मानसिकता का इलाज़ करने 19 अप्रैल को रामपुर पहुंच रहा हूं. जो भारत में रहता है. यहां का खाता है और पाकिस्तान का गाता है. भारत माता को डायन कहता है. वंदे मातरम कहने से उसे परहेज़ है. ऐसे आज़म को हराने के लिए रामपुर पहुंच रहा हूं.
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# अमर सिंह -
अमर सिंह मौजूदा वक्त में उत्तर प्रदेश से इंडिपेंडेंट राज्यसभा सांसद हैं. समाजवादी पार्टी के सपोर्ट से ही राज्यसभा पहुंचे थे. अभी बीजेपी के लिए प्रचार-प्रसार कर रहे हैं. ट्विटर पर अपने नाम के आगे चौकीदार भी लगा रखा है. इससे पहले समाजवादी पार्टी में आते जाते रहे हैं. 2010 में पार्टी छोड़ा. 2012 में राष्ट्रीय लोक मंच नाम की अपनी पार्टी बनाई. इस पार्टी ने 360 सीटों से विधान सभा चुनाव लड़ा. एक भी सीट जीत नहीं सकी. फिर अमर 2014 में राष्ट्रीय लोकदल से जुड़े और फतेहपुर सीकरी से चुनाव लड़े. हार गए. 2016 में समाजवादी पार्टी के सपोर्ट से राज्यसभा सांसद चुने गए. जयाप्रदा और अमर सिंह के बीच मधुर संबंध रहे हैं. फरवरी में जया ने कहा था कि अमर सिंह जी मेरे गॉड फादर हैं. जयाप्रदा रामपुर लोकसभा सीट से 2004 और 2009 के लोकसभा चुनाव में जीत हासिल कर चुकी हैं. 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले मार्च में जयाप्रदा अपने दोस्त अमर सिंह के साथ राष्ट्रीय से जुड़ी थीं और लेकिन बिजनौर से हार गईं थी.वीडियो- बरेली के इस गांव में बिजली आती तो है, लेकिन पंखा हिलता तक नहीं












