और दीदी देख लेना 23 तारीख को जब नतीजे आएंगे, चारों तरफ कमल खिलेगा. तुम्हारे विधायक भी छोड़कर भाग जाएंगे. दीदी देख लेना. आज भी दीदी तुम्हारे 40 विधायक मेरे संपर्क में हैं. आज भी. दीदी तुम्हारा बचना मुश्किल है अब, क्योंकि आपने विश्वासघात किया है.
ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस ने पीएम मोदी के इस बयान के बाद चुनाव आयोग से शिकायत की है. पीएम मोदी पर झूठ बोलने और हॉर्स ट्रेडिंग का आरोप लगाया है. टीएमसी ने अपनी शिकायत में कहा है कि- 'हम यह जानकर हैरान हैं कि पीएम मोदी ने रैली में कहा कि 40 एमएलए उनके संपर्क में हैं और 2019 लोकसभा के नतीजे घोषित होने के बाद बीजेपी में शामिल हो जाएंगे. पीएम मोदी की ओर से दिया गया यह बयान अनुचित है. ऐसा कह वह वोटरों को प्रभावित करना चाहते हैं. पीएम मोदी के द्वारा फैलाए जा रहे झूठ का हम कड़ा विरोध करते हैं. हम चुनाव आयोग से मांग करते हैं कि पीएम मोदी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए.

टीएमसी ने आयोग से पीएम मोदी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
बीजेपी पहले भी पश्चिम बंगाल में तख्तापलट की बात कह चुकी है. केंद्र सरकार में मंत्री हैं एसएस अहलूवालिया. भाजपा ने उनको इस बार बर्दवान-दुर्गापुर से अपना उम्मीदवार बनाया है. इससे पहले वे दार्जिलिंग से सांसद थे. अहलूवालिया नए क्षेत्र से किस्मत आजमा रहे हैं. चुनाव प्रचार शुरू करते ही उन्होंने कहा था कि अगर लोकसभा चुनाव में भाजपा को पश्चिम बंगाल में ज्यादा सीटें मिलीं तो 6 महीने के भीतर मोदी सरकार से बोलकर विधानसभा चुनाव कराएंगे.
अब मोदी सरकार से बोलकर मंत्री चुनाव करवाएं या न करवाएं, खुद पीएम मोदी ने कह दिया है कि टीएमसी के 40 विधायक उनके संपर्क में हैं. 23 मई को लोकसभा के नतीजे आते ही वे ममता दीदी का साथ छोड़ देंगे. क्या वाकई ऐसा होगा? अगर टीएमसी लोकसभा चुनाव में अच्छा प्रदर्शन नहीं करती है तो राज्य में उसकी सरकार खतरे में आ जाएगी?

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2016 में हुए थे. राज्य में विधानसभा की 294 सीटें हैं. किसी पार्टी को सरकार बनाने के लिए 148 सीटों की जरूरत होती है. 2016 के रिजल्ट के मुताबिक ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस यानी ममता दीदी की पार्टी के पास 211 विधायक हैं. कांग्रेस के 44, सीपीएम के 26 और बीजेपी के तीन विधायक हैं. अन्य विधायक छोटी पार्टियों और निर्दलीय हैं.
तो क्या होगा अगर टीएमसी के 40 विधायक पार्टी छोड़ देते हैं. टीएमसी के 40 विधायकों के पार्टी छोड़ने के बाद टीएमसी के पास 171 विधायक बचेंगे. राज्य में सरकार बनाने के लिए 148 विधायकों की ही जरूरत होती है. ऐसे में टीएमसी की सरकार पर कोई खतरा नहीं होगा. इन विधायकों को बर्खास्त किया जा सकता है. इनकी विधानसभा सदस्यता जा सकती है. राज्य में बीजेपी की सिर्फ तीन सीटें हैं. लेकिन जैसा की मंत्री दावा कर चुके हैं केंद्र चाहे तो कानून का हवाला देते हुए राज्य सरकार को बर्खास्त कर सकता है.
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