क्या राजनीति इतनी गिर जाएगी. 10 बरस जिसने रामपुर वालों का खून पिया...लहू पिया. जिसकी उंगली पकड़कर हम रामपुर में लेकर आए. रामपुर की गलियां...रामपुर की सड़कों पहचान कराई. किसी का कांधा नहीं लगने दिया उसके शरीर से...आप गवाही दोगे...उसकी असलियत समझने में आपको 17 बरस लगे...मैं 17 दिन में पहचान गया...कि इनके नीचे का जो अंडरवियर है, वो खाकी रंग का है. मैं 17 दिन में पहचान गया.
खाकी रंग राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी RSS की पहचान है. RSS के स्वयंसेवक खाकी रंग का पैंट पहनते हैं. केंद्र की सत्ता संभाल रही भारतीय जनता पार्टी को RSS की राजनीतिक इकाई माना जाता है. पर अब लगता है कि आरएसएस को घेरने के चक्कर में आजम खान खुद मुसीबत में फंस गए हैं. क्या बोले विरोधी? इस बयान के बाद विरोधियों ने उनको घेरना शुरू कर दिया. विदेश मंत्री सुषमा ने ट्विटर पर लिखा,
'मुलायम भाई, आप पितामह हैं समाजवादी पार्टी के. आपके सामने रामपुर में द्रौपदी का चीरहरण हो रहा है. आप भीष्म की तरह मौन साधने की गलती मत करिए.' उन्होंने ट्वीट में समाजवादी पार्टी के मुखिया और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, समाजवादी पार्टी की नेता और फिल्म अभिनेत्री जया भादुड़ी के साथ-साथ डिंपल यादव को भी टैग किया.'शाहाबाद थाने में एफआईआर में क्या? चुनाव आयोग ने पूरे मामले पर जिलाधिकारी से रिपोर्ट तलब की है. डीएम ने चुनाव के लिए खास तौर से बनाई गई वीडियो अवलोकल टीम के प्रभारी से इसकी जांच कराई. फिर शाहाबाद थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई. वी़डियो अवलोकन टीम के प्रभारी महेश कुमार गुप्ता की ओर से आदर्श चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के साथ-साथ महिला पर आपत्तिजनकर टिप्पणी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई. उन पर आईपीसी की धारा 509 (महिलाओं को लेकर अपमानजनक टिप्पणी) और धारा 125 के तहत पुलिस में FIR दर्ज कराई गई है. आजम खान पर नामांकन के बाद से अब तक 9 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं. आजम इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जिलाधिकारी आंजनेय कुमार सिंह के खिलाफ भी आपत्तिजनक बयान दे चुके हैं. महिला आयोग ने क्या कहा? राष्ट्रीय महिला आयोग की चेयरपर्सन रेखा शर्मा ने मामले को खुद संज्ञान में लिया. और कहा कि,
'वे हमेशा से महिलाओं के खिलाफ गंदी बातें करते रहे हैं. महिला राजनीतिज्ञ के खिलाफ दूसरी बार कुछ गलत बोला है. इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए इस पूरे मामले को चुनाव आयोग को लिखा है. जिससे उन्हें सबक मिल सके. महिलाएं सेक्स ऑब्जेक्ट नहीं हैं. मुझे लगता है कि महिला मतदाताओं को ऐसे लोगों को मतदान करने से पहले सोचना चाहिए.'सोशल मीडिया पर आलोचना आजम के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर लोग जमकर उनकी आलोचना कर रहे हैं. उनके खिलाफ ट्वीट की बाढ़ आ गई. लोग उनके बयान को बेतुका और महिलाओं के प्रति असंवेदनशील बता रहे हैं. आजम की सफाई भी आ गई बाद में पूरे बयान पर आजम खाने की ओर से सफाई भी आई. इसमें उन्होंने कहा कि उनकी बात को गलत तरीके से पेश किया गया. उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया. आजम ने कहा,
'मैं रामपुर से नौ बार विधायक और कई बार मंत्री रहा हूं. मैं दिल्ली के एक व्यक्ति का जिक्र कर रहा था. जिसने कहा था- मैं 150 राइफलें लेकर आया था और अगर मैंने आजम खान को देखा होता तो गोली मार देता. उसके बारे में बात करते हुए मैंने कहा था कि लोगों को जानने में काफी समय लग गया. बाद में पता चला कि वो आरएसएस की नेकर पहने हुए था. मैंने किसी का नाम नहीं लिया है. मुझे पता है कि मुझे क्या कहना चाहिए और क्या नहीं. अगर कोई साबित कर दे कि मैंने किसी का नाम कहीं भी लिया है और किसी का अपमान किया है, तो मैं चुनाव नहीं लड़ूंगा.'
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