और साथ ही साथ यही बात अखिलेश यादव से जुड़े हुए यादव बिरादरी के लोग भी बसपा के प्रत्याशियों से पूछते हैं कि बहन जी तो 2014 में कहती थीं, कि अगर बाबा साहब भीमराव आंबेडकर और उनका संविधान नहीं होता तो अखिलेश यादव सैफई में किसी जमींदार के घर में भैंस और गाय चरा रहा होता. आज किस हैसियत से मंच शेयर कर रहे हैं ये लोग?योगी के इसी बयान की आलोचना हो रही है. सोशल मीडिया लोग योगी को जातिवादी बता रहे हैं. समाजवादी पार्टी के नेता और लोकसभा सांसद तेज प्रताप सिंह यादव ने योगी पर निशाना साधा. उन्होंने ट्वीट किया,
वाह योगी जी वाह आपके अंदर की सामंती सोच आज उजागर हो गई. आप के पेट में यही दर्द है की भैंस चराने वाले और गांव खेत खलिहान और गलियों में मजदूरी करने वाले भी अब सत्ता के केंद्र में पहुंच चुके हैं और आपकी छाती पर चढ़कर शासन करना भी सीख गए हैं.क्या कहा था मायावती ने 2014 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान बीएसपी प्रमुख मायावती ने गोरखपुर के खोराबार और कुशीनगर जिले के पडरौना जिला मुख्यालय पर एक जनसभा के दौरान 6 मई 2014 को बाबा साहब भीम राव आंबेडकर और संविधान का हवाला देते हुए कहा था कि यदि बाबा साहब का संविधान नहीं होता, तो आज मुलायम और अखिलेश अपने गांव में गाय-भैंस चरा रहे होते. उन्होंने कहा था कि सपा के राज में यूपी गुंडों से त्रस्त है. यहां गुंडा राज कायम हो गया है. बाप मुलायम सिंह यादव से ज्यादा जहर तो बेटे अखिलेश में है. मायावती का बयान याद दिलाया था योगी ने इटावा में योगी ने अखिलेश के भैंस चराने वाला बयान नहीं दिया बल्कि उन्होंने बीएसपी प्रमुख मायावती के पुराने बयान की याद दिलाते हुए कहा कि मायावती ने मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव के खिलाफ ऐसा कहा था. और आज दोनों पार्टियां एक साथ मंच साझा कर रही हैं. यूपी में सपा-बसपा और आरएलडी तीनों पार्टियां गठबंधन में चुनाव लड़ रही हैं. हाल ही में मायावती ने मैनपुरी में मुलायम सिंह यादव के लिए चुनाव प्रचार किया था. दोनों नेता 24 साल बाद एक मंच पर दिखाई दिए थे. इस रैली में मायावती ने मुलायम सिंह यादव को असली पिछड़े वर्ग का नेता बताया था.
'मोदी जी सबसे ईमानदार हैं, मैं जा रहा ट्यूशन पढ़ाने'










