हिंदुस्तान की कुर्सियों पर बैठे हुए लोग, संवैधानिक कुर्सियों पर बैठे लोग ज़ालिम हैं, बेईमान हैं, मुजरिम हैं, इंसानियत की क़तिल हैं.आज़म इतने पर नहीं थमे. कहा
तुमने तो टोपी पर हाथ मारा था. इधर जाकर गिरी थी, फिर क्यों मस्जिद में जागर पगड़ी बांधी, तुम मौकापरस्त हो , धोखेबाज़ हो, फरेबी हो. उर्दू गेट गिरा दिया, ये तो कोई राक्षस भी नहीं करेगा.इसके बाद जिला प्रशासन ने आज़म के खिलाफ IPC की धारा 152-A, 171-F, 505-A और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 125 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है. बेटा भी कम नहीं आज़म ख़ान के अलावा उनके बेटे अब्दुल्ला भी गलतबयानी करके लपेटे में आ गए. अब्दुल्ला ने रामपुर से भाजपा प्रत्याशी जयाप्रदाको अनारकली कह डाला. अली और बजरंगबली के बारे में बोलते वक्त कुछ ऐसा बोल बैठे कि उनके खिलाफ भी थाने में FIR हो गई. अब्दुल्ला ने कहा-
हमें अली और बजरंगबली की जरूरत है, न कि अनारकली की.बाप बेटे की इस बयानबाज़ी के बाद जयाप्रदा की ओर से प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने कहा
तय नहीं कर सकती कि इस पर हंसा जाए या फिर रोया जाए. बेटा बिल्कुल बाप की तरह है. अब्दुल्ला से ऐसी उम्मीद नहीं थी. वह एक पढ़ा-लिखा शख्स है. तुम्हारे पिता कहते हैं, मैं आम्रपाली हूं और तुम कहते हो कि मैं अनारकली हूं. क्या इसी जरिए से तुम लोग समाज की महिलाओं को देखते हो?रामपुर में 23 अप्रैल को तीसरे चरण में वोटिंग होनी है. शायद उसके बाद कीचड़ उछालने का ये सिलसिला थम जाए.
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