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बंगाल के मुख्य सचिव-गृह सचिव के बाद DGP-ADG का भी ट्रांसफर, TMC बोली- 'EC बॉस को खुश करने में लगा'

Election Commission of India ने West Bengal के विधानसभा चुनाव की तारीख का ऐलान कर दिया है. ECI ने इसके कुछ ही घंटे बाद राज्य के मुख्य सचिव और गृह सचिव के ट्रांसफर का आदेश दे दिया. अब राज्य के पुलिस महकमे में भी बड़ा फेरबदल किया गया है.

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पश्चिम बंगाल में चुनाव दो चरणों में होंगे. (फाइल फोटो: आजतक)
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ऐश्वर्या पालीवाल

विधानसभा चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल में प्रशासनिक स्तर पर बड़े बदलाव किए गए हैं. भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने राज्य के मुख्य सचिव और गृह सचिव के ट्रांसफर का आदेश दिया है. 15 मार्च को चुनाव आयोग ने राज्य में विधानसभा चुनाव की तारीख का ऐलान किया. इसके कुछ ही घंटे बाद यह फैसला लिया गया. इसके अलावा पुलिस महानिदेशक (DGP) और कोलकाता पुलिस कमिश्नर का भी तबादला कर दिया गया है.

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15 मार्च को जारी आदेश में चुनाव आयोग ने कहा कि दुष्यंत नरियाला को बंगाल में मुख्य सचिव के पद पर तैनात किया जाएगा. दुष्यंत 1993 बैच के IAS अधिकारी हैं, जो नंदिनी चक्रवर्ती की जगह लेंगे. नंदिनी को 31 दिसंबर 2025 को इस पद पर नियुक्त किया गया था.

इसके अलावा, चुनाव आयोग ने गृह सचिव जगदीश प्रसाद मीणा को भी हटाने का ऐलान किया. जगदीश 2004 बैच के IAS अधिकारी हैं. उनकी जगह 1997 बैच की अधिकारी संघमित्रा घोष को नियुक्त किया जाएगा.

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EC shuffles senior officials
(फोटो: ANI)

16 मार्च को जारी आदेश में भी चुनाव आयोग ने कई बड़े फेरबदल किए. इंडिया टुडे की सीनियर स्पेशल कॉरेस्पोंडेंट ऐश्वर्या पालीवाल की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयोग ने पीयूष पांडेय को पश्चिम बंगाल के DGP और सुप्रतिम सरकार को कोलकाता पुलिस कमिश्नर के पद से हटा दिया है.

नई तैनाती-

- सिद्ध नाथ गुप्ता (IPS-1992) को पश्चिम बंगाल सरकार में DG और IGP (प्रभारी) के पद पर तैनात किया गया.

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- अजय कुमार नंद (IPS-1996) को कोलकाता के पुलिस कमिश्नर के पद पर तैनात किया गया.

- नटराजन रमेश बाबू (IPS-1991) को सुधार सेवाओं के DG के पद पर तैनात किया गया.

- अजय मुकुंद रानाडे (IPS -1995) को ADG और IGP (लॉ एंड ऑर्डर) के पद पर तैनात किया गया.

west bengal elections 2026
(फोटो: ANI)

चुनाव आयोग ने कहा कि ये निर्देश तुरंत लागू किए जाएंगे. नए अधिकारियों के कार्यभार ग्रहण करने की रिपोर्ट 16 मार्च की दोपहर 3 बजे तक आयोग को भेजनी होगी.

TMC का EC पर निशाना

तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने चुनाव आयोग के इस कदम पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. TMC के प्रवक्ता अरूप चक्रवर्ती ने हिंदुस्तान टाइम्स से बात करते हुए कहा,

“चुनाव आयोग सिर्फ अपने बॉस को खुश करने के लिए ऑर्डर मान रहा है. आप अफसरों का ट्रांसफर कर सकते हैं लेकिन ममता बनर्जी को लोगों के दिलों से नहीं हटा सकते.”

दूसरी ओर, BJP ने कहा कि चुनाव आयोग को यह पक्का करना चाहिए कि पार्टी से जुड़े कोई भी अधिकारी राज्य में चुनावी मशीनरी का हिस्सा न बनें. पश्चिम बंगाल BJP के मुख्य प्रवक्ता देबजीत सरकार ने कहा, 

“2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान हमारे लगभग 250 कार्यकर्ताओं और सदस्यों की हत्या कर दी गई थी. हमने ECI से यह सुनिश्चित करने की अपील की है कि सत्ताधारी पार्टी से जुड़े किसी भी अधिकारी को चुनाव मशीनरी का हिस्सा न बनाया जाए.”

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भारतीय चुनाव आयोग ने 4 राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश में विधानसभा चुनावों का ऐलान कर दिया है. 9 अप्रैल 2026 से चुनाव का सिलसिला शुरू होगा और 4 मई को नतीजों के साथ इसका समापन हो जाएगा.

इस बार चुनाव आयोग ने बहुत ही कम चरणों में चुनाव कराने का फैसला किया है. जहां पिछली बार बंगाल में चुनाव 8 चरणों में हुआ था, वहां इस बार सिर्फ 2 चरणों में वोटिंग खत्म हो जाएगी. इसके अलावा बाकी के चार राज्यों में एक-एक चरणों में मतदान होगा. पश्चिम बंगाल में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को वोटिंग होगी.

वीडियो: राजधानी: पश्चिम बंगाल चुनावों से पहले दौड़ी 'ममता फॉर PM' की लहर, क्या है मतलब?

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