‘पश्चिम बंगाल के कुछ विधानसभा क्षेत्रों में दोबारा मतदान कराया जा सकता है.’ ये कहना है पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल का. पश्चिम बंगाल में दूसरे और अंतिम चरण की 142 विधानसभा सीटों के लिए आज यानी 29 अप्रैल को मतदान जारी है. इस बीच बीजेपी ने आरोप लगाया कि कुछ पोलिंग बूथों पर पार्टी के चुनाव चिह्न पर टेप लगाया गया है ताकि मतदाता उसे वोट न कर सकें.
बंगाल में वोटिंग दोबारा होगी? EVM पर टेप मिलने के बाद चुनाव आयोग का बड़ा बयान
बीजेपी आईटी सेल के हेड अमित मालवीय ने वीडियो शेयर कर इस आरोप को सही साबित करने की कोशिश की. इसके बाद ही राज्य के निर्वाचन अधिकारी की तरफ से दोबारा मतदाना कराने की बात कही गई.


बीजेपी आईटी सेल के हेड अमित मालवीय ने वीडियो शेयर कर इस आरोप को सही साबित करने की कोशिश की. इसके बाद ही राज्य के निर्वाचन अधिकारी की तरफ से दोबारा मतदाना कराने की बात कही गई.
अमित मालवीय के मुताबिक ये तस्वीरें पश्चिम बंगाल की फलता विधानसभा सीट के एक बूथ से सामने आई हैं. वही फलता विधानसभा, जो पिछले दो दिनों से IPS अजय पाल शर्मा की धमकियों को लेकर चर्चा में बनी हुई है.
ममता बनर्जी की टीएमसी ने फलता से जहांगीर खान को टिकट दिया है. जहांगीर खान अपने आपराधिक बैकग्राउंड के चलते पहले से चर्चा में थे. लेकिन बीते दो दिनों से उनकी यूपी से ऑब्जर्वर बनकर आए IPS अजय पाल शर्मा से ठनी हुई है. और अब बीजेपी आरोप लगा रही है कि जहांगीर खान के ही चुनाव क्षेत्र फलता के पोलिंग बूथों पर बीजेपी को वोट देने का विकल्प टेप लगाकर बंद कर दिया गया है. जिससे वोटर्स बीजेपी को वोट ही न कर पाए.
अमित मालवीय ने अपनी पोस्ट में लिखा, “हम मांग करते हैं कि फलता के उन सभी प्रभावित बूथों पर तुरंत दोबारा मतदान (रीपोल) कराया जाए, जहां इस तरह की घटनाएं हुई हैं.”
बीजेपी ने फलता इलाके में EVM पर टेप लगे होने के कारण बीजेपी उम्मीदवार का नाम छिपने की शिकायत की. चुनाव आयोग ने शिकायत को गंभीर बताते हुए इसकी जांच के आदेश दिए.
आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा है कि जिस भी मतदान केंद्र पर EVM के ऊपर काला या सफेद टेप पाया गया है, वहां पुनर्मतदान कराया जाएगा. अगर किसी विधानसभा क्षेत्र में बड़ी संख्या में बूथ से इस तरह टेप मिलने की घटनाएं सामने आती हैं, तो पूरे विधानसभा क्षेत्र में ही पुनर्मतदान कराया जाएगा. मनोज कुमार ने कहा,
“जहां-जहां टेप पाए जाने के आरोप लगे हैं, वो अलग मामला है. लेकिन हम सटीक जांच करेंगे. वेबकास्टिंग से देखा जा रहा है, जिला अधिकारी भी वेबकास्टिंग देख रहे हैं, और फील्ड से रिपोर्ट आ रही है. ऑब्जर्वर की रिपोर्ट भी आएगी. हमारी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति है, जैसा हमने पहले ही कहा था. अगर कहीं भी टेप पाया जाता है, तो उसकी रिपोर्ट बनाई जाएगी. जिला अधिकारी पुष्टि करके रिपोर्ट तैयार करेंगे."
मुख्य चुनाव अधिकारी ने आगे कहा,
“अगर किसी भी मशीन पर काला टेप, सफेद टेप या किसी भी तरह की छेड़छाड़ पाई जाती है, तो हम बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेंगे. सबूत के आधार पर कार्रवाई होगी. जरूरत पड़ी तो पूरे बूथ पर दोबारा मतदान (रीपोल) कराया जाएगा. EVM में किसी भी तरह से टेप लगाना या छेड़छाड़ करना बिल्कुल स्वीकार नहीं किया जाएगा.”
चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में पहले चरण की वोटिंग से पहले ही निर्देश दिए थे कि संबंधित अधिकारी मतदान शुरू होने से पहले यह सुनिश्चित करें कि EVM पर सभी उम्मीदवारों के नाम स्पष्ट रूप से दिखाई दें.
किसी भी उम्मीदवार के बटन को टेप, गोंद या किसी चीज़ से कवर न किया जाए. वोटर्स और वोट को गोपनीय रखने के लिए बैलेट यूनिट के उम्मीदवार बटन पर कोई रंग, स्याही या इत्र न लगा हो. चुनाव अधिकारियों का कहना है कि यह गंभीर चुनावी अपराध है.
वीडियो: राजधानी: बंगाल चुनाव 'TMC बनाम IPS अजय पाल शर्मा' कैसे हो गया?


















