जैसे हाल ही कुछ विवादों और बयानों की बात करें तो 26/11 के मुंबई हमले में शहीद हुए हेमंत करकरे को लेकर कहा था कि
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उन्होंने मुझे गलत तरीके से फंसाया. मैंने उनसे कहा था कि तुम्हारा पूरा वंश खत्म हो जाएगा. वो अपने कर्मों की वजह से मरे हैं.बीजेपी प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा पर मालेगांव बम ब्लास्ट और 6 लोगों की हत्या का आरोप भी है
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इसपर अमित शाह ने हाल ही में कहा था -
जहां तक साध्वी प्रज्ञा का सवाल है तो कहना चाहूंगा कि हिंदू टेरर के नाम से एक फर्जी केस बनाना गया था, दुनिया में देश की संस्कृति को बदनाम किया गया, कोर्ट में केस चला तो इसे फर्जी पाया गया.
पढ़ें: अमित शाह ने साध्वी प्रज्ञा ठाकुर पर खुल्लम-खुल्ला झूठ बोला हैऔर अब हम जिस बारे में बात करने जा रहे हैं वो भी कोई नया विवाद नहीं, बल्कि पहले से ही चल रहे विवाद का एक्सटेंशन है.
हुआ क्या कि साध्वी ने दावा किया था कि 1992 में बाबरी मस्जिद विवादित ढांचा गिराने के लिए वो भी अयोध्या गई थीं.
और उनकी उम्र को लेकर हुए कन्फ्यूज़न के चलते सोशल मीडिया पर भी वो काफी ट्रोल हुईं. लेकिन ये उनके लिए उतना बुरा नहीं था, जितना कि इलेक्शन कमीशन द्वारा उन्हें जारी किया गया नोटिस. साध्वी प्रज्ञा इसका जवाब भी दे चुकी हैं. साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने नोटिस के जवाब में कहा था -
मैंने किसी जाति, धर्म, समुदाय और भाषा इत्यादि के बीच उन्माद या धार्मिक भावनाओं को आहत करने अथवा ठेस पहुंचाने के उद्देश्य से बयान नहीं दिया था बल्कि मेरे द्वारा दिए गए बयान मेरी स्वयं की 'अंतरात्मा की आवाज' को व्यक्त करता है.अब दिक्कत ये कि EC ने इस जवाब को संतोषजनक नहीं पाया है. यानी रह-रहकर साध्वी प्रज्ञा की अंतर-आत्मा मचल उठती है और बयान दे डालती है, लेकिन निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर का बयान भारत निर्वाचन आयोग के आदर्श आचार संहिता के अध्याय 4 का उल्लंघन है.
इलेक्शन कमीशन ने जवाब मांगा, प्रज्ञा ने दिया, इलेक्शन कमीशन ने उस जवाब का जवाब दिया.चुनाव आयोग ने FIR दर्ज करने को कहा और साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के खिलाफ मामला दर्ज हो गया है. भोपाल के कमला नगर थाने में धारा 188 आईपीसी के तहत साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के खिलाफ टीटी नगर एसडीएम ने मामला दर्ज कराया है.
हालांकि आज साध्वी प्रज्ञा भोपाल से अपना नामांकन भरने वाली हैं, लेकिन मामला पेंचदार है कि प्रज्ञा ठाकुर चुनाव लड़ पाएंगी या नहीं.
खबर लिखते-लिखते हमें खबर लगी कि NIA ने साध्वी प्रज्ञा मामले में अपनी तरफ़ से क्लीनचिट देते हुए कहा है कि-
मामला चुनाव और भारत निर्वाचन आयोग से जुड़ा हुआ है और हमारे अधिकार क्षेत्र से बाहर है.
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