The Lallantop

कांग्रेसी प्रवक्ता संजय झा ने बताया, चुनावी इंक कैसे छूट रही है

और इस तरह से बताया है कि उनकी मंशा पर कोई सवाल खड़े नहीं कर पाएगा. जबकि वो दूसरा तरीका अपना सकते थे.

Advertisement
post-main-image
कांग्रेस नेता संजय झा ने वोट डालने के बाद फोटो ट्वीट किया. दूसरी फोटो में स्याही के निशान नहीं दिख रहे हैं.
कांग्रेस के नेता हैं संजय झा. पार्टी के प्रवक्ता भी हैं. चौथे चरण की वोटिंग के दौरान उन्होंने साउथ मुंबई में वोट डाला. वोटिंग के बाद स्याही लगी उंगली दिखाते हुए अन्य लोगों से भी वोट देने की अपील की. इसके कुछ समय बाद उन्होंने एक और ट्वीट किया. हम बात उसी ट्वीट की करते हैं. उन्होंने लिखा,
वोटिंग के एक घंटे बाद सिर्फ एक नेल पॉलिश रिमूवर से मेरी उंगली पर लगे स्याही के निशान मिट गए. मेरे एक दोस्त ने इस तरह की अपनी फोटो भेजी और बताया कि बहुत आसानी से वोटिंग के लिए उंगली पर लगी स्याही मिट जा रही है. प्रूफ के तौर पर मैं अपनी फोटो ट्वीट कर रहा हूं.
उन्होंने अपने ट्वीट में इलेक्शन कमिशन को भी टैग किया. फोटो ट्वीट करने के अलावा संजय झा ने एक 33 सेकेंड का एक वीडियो भी ट्वीट किया. इसमें उन्होंने कहा,
मैंने एक घंटे पहले ही अपने निर्वाचन क्षेत्र साउथ मुंबई में वोट डाला है. वोटिंग के बाद जब मैं वापस आया तो मेरे कुछ दोस्तों ने बाताया कि हम भी वोट करके आ रहे हैं, लेकिन बहुत आसानी से उंगली पर लगा स्याही का निशान मिट जा रहा है. लेकिन दोस्तों की बातों पर मुझे यकीन नहीं हुआ. मैंने खुद से कोशिश की. मैंने स्याही वाली जगह नेल पॉलिश रिमूवर लगाया. आपको पूरी ईमानदारी से बताना चाहता हूं कि परिणाम ये रहा  (अपनी उंगली दिखाते हुए जिस पर इंक नहीं लगा है) मुझे लगता है कि इलेक्शन कमिशन को इस बारे में देश के लोगों को बताना चाहिए.
  संजय झा के ट्वीट के बाद लोगों ने कहना शुरू कर दिया कि ऐसा नहीं हो सकता. कुछ लोगों ने स्याही लगी उंगली की फोटो डालते हुए संजय झा को घेरने की कोशिश की. वहीं किसी ने मुंबई पुलिस को टैग करते हुए लिखा कि संजय झा को बुलाकर उनसे पूछताछ की जाए. वो कह रहे हैं कि उनका वोटर इंक मिट चुका है. वह चुनाव वाले दिन बहुत ही गंभीर आरोप लगा रहे हैं. वहीं कुछ लोगों ने लिखा कि कांग्रेस हार रही है इसलिए बहाने बना रही है. कांग्रेस के प्रवक्ता संजय झा ने अपने ट्वीट में इलेक्शन कमिशन को भी टैग किया है. इस तरह सार्वजनिक जगहों पर ये बताने, कि स्याही कैसे मिटाई जा सकती है, की बजाय झा को इलेक्शन कमिशन से सीधे शिकायत करनी चाहिए थी. लेकिन उन्होंने अपनी बात रखने के लिए ट्विटर का सहारा लिया और जाने अनजाने में (अगर उनकी बात सही है तो) स्याही मिटाने का तरीका लोगों को बता दिया. वोटिंग करने वाले मतदाता के उंगली पर स्याही के निशान लगाए जाते हैं. यह निशान कई दिनों तक रहते हैं. इस इंक की सप्लाई मैसूर पेंट्स और वार्निश लिमिटेड करती है. कंपनी भारत में होने वाले लगभग हर चुनाव में ही इस इंक की सप्लाई करती है. इसके अलावा वह दुनिया के अन्य देशों में भी इस इंक की सप्लाई करती है. उंगली पर इस स्याही के निशान लगभग 10 दिनों तक बने रहते हैं. इसके बाद ये फीका पड़ने लगता है. माना जाता है कि इसमें सिल्वर नाइट्रेट शामिल होता है.
दिल्ली में सरकारी स्कूल को पोलिंग बूथ नहीं बनने देना चाहती है बीजेपी-कांग्रेस?

Advertisement
Advertisement