लोकतंत्र का पर्व यानी कि चुनाव आ गया है. साथ में आया है चुनाव प्रचार. अब चुनाव प्रचार होगा तो खर्च भी होगा ही. और इसके लिए चुनाव आयोग ने बाकायदा खर्च सीमा भी निर्धारित कर रखी है. लोकसभा चुनाव में प्रचार की खर्च सीमा 70 लाख रुपए है. अगर इससे ज्यादा कोई प्रत्याशी खर्च करता है तो उसकी उम्मीदवारी कैंसिल की जा सकती है. ये तो हो गया नियम कानून. लेकिन असल में संसद पहुंचने के लिए कितना खर्च होता है, ये भी जान लीजिए. माननीय सांसद गण खुद ही बता रहे हैं. देश के एक मीडिया संस्थान टीवी9 भारतवर्ष ने लोकसभा चुनाव के ठीक पहले कई बड़े स्टिंग ऑपरेशन किए हैं. इसमें बीजेपी, कांग्रेस के साथ-साथ क्षेत्रीय दलों के भी कई नेता शामिल हैं. अधिकतर सांसदों ने चुनाव में करोड़ों रुपए खर्च करने की बात कही. साथ ही अगर कोई व्यक्ति या कंपनी प्रचार के लिए पैसे देता है तो चुनाव जीतने के बाद वे उसे लाभ पहुंचाने की बात भी कह रहे हैं. कौन-कौन नेता फंसे, जान लीजिए- 1. महाबल मिश्रा दिल्ली के पुराने कांग्रेसी नेता हैं. पश्चिमी दिल्ली से सांसद रहे हैं. इस बार भी वो टिकट की उम्मीद किए बैठे हैं. क्या खुलासा - 100 करोड़ के प्रोजेक्ट के बदले इलेक्शन फंडिंग लेने को तैयार हो गए. बता दिए कि 2014 के चुनाव में उन्होंने 15 करोड़ रुपये खर्च कर दिए. जबकि सीमा 70 लाख है. बताया इस फंड की व्यवस्था उनके दोस्त और शुभचिंतक करते हैं. पैसा भी वो कैश में लेते थे. 2. मिथिलेश कुमार अखिलेश यादव की सरकार में मंत्री रह चुके हैं. पूर्व सांसद हैं. क्या खुलासा- मिथिलेश बोले कि वह 6 करोड़ रुपए में मायावती की पार्टी से टिकट हासिल करने वाले हैं. 2 करोड़ रुपए एडवांस मांगे गए हैं. मिथिलेश कुमार यह भी दावा कर रहे हैं कि मायावती घर पर ही रुपए लेती हैं. कालाधान तहखानों में ही रखा जाता है और 2,000 के नोट ही मांगे जाते हैं. 3 ज्योति खंडेलवाल पूर्व मेयर, जयपुर से कांग्रेस उम्मीदवार क्या खुलासा- अगर मैं सांसद बन गई तो टेंडर ज़रूर मिलेगा. अगर चुनाव में 5 करोड़ की मदद मिली तो बदले में सरकारी ठेकेदारी ज़रूर मिलेगी. 4. शेर सिंह शेर सिंह फिरोजपुर से शिरोमणि अकाली दल के सांसद हैं. क्या खुलासा- 2014 में 25-30 करोड़ रुपए खर्च करने का दावा किया. पैसा और शराब बांटने की बात कही. हर विधानसभा में एक-डेढ़ करोड़ रुपया बांटने की बात कही. नौ विधानसभा हैं तो इस हिसाब से 10 करोड़ रुपए तो बांट ही देते हैं. 5. प्रवीण निषाद प्रवीण निषाद गोरखपुर से सपा सांसद हैं. क्या खुलासा- उपचुनाव में 7-8 करोड़ खर्च की बात कही. नौजवानों को टी-शर्ट, महिलाओं को साड़ियां बांटने की बात कही. पैसा फंड कराने के बदले जमीन और पूरी प्रोटेक्शन देने की बात कही. 6. सरफराज़ आलम सरफराज़ अररिया से राजद के लोकसभा सांसद हैं. क्या खुलासा- चुनाव में 10-20 करोड़ रुपए खर्च होने की बात कही. साथ ही उपचुनाव में 75 करोड़ रुपए खर्चने का दावा किया. बीजेपी पर भी 80 करोड़ रुपए खर्चने का आरोप लगाया. शराबबंदी के बावजूद शराब की होम डिलीवरी करने की बात कही. 7. लखनलाल साहू 2014 में लखनलाल साहू बिलासपुर से पहली बार भाजपा के टिकट पर संसद पहुंचे. क्या खुलासा- कहा पिछली बार पहला चुनाव में 15 करोड़ रुपए खर्च किए थे. इस बार तो और अधिक होगा. 8. रामदास तड़स रामदास तड़स वर्धा से भाजपा सांसद हैं. क्या खुलासा- भाजपा सांसद ने खुद माना कि पिछले चुनाव में उन्होंने 10 करोड़ रुपए फूंक दिए. 2019 में 25 करोड़ रुपए चुनाव में खर्च करने जा रहे हैं. 9. रामचंद्र पासवान बिहार के समस्तीपुर से सांसद हैं. रामविलास पासवान के भाई हैं. क्या खुलासा- रामचंद्र पासवान ने कबूला कि उन्होंने 2014 में 5 करोड़ रुपए खर्च किए थे. साथ ही बिहार में 6 सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए पार्टी उम्मीदवारों पर पूरे 50 करोड़ रुपये खर्च किए थे. संसद में कंपनी की जरूरत के हिसाब से सवाल भी करने को तैयार हुए. बताया पार्टी की तरफ से सवाल उठाएंगे. साथ ही कंपनी को सरकार की तरफ से फंड भी दिलाएंगे. 10. पप्पू यादव बाहुबली राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव पांच बार के सांसद हैं. मधेपुरा से. पत्नी रंजीता रंजन कांग्रेस सांसद हैं. क्या खुलासा- लगभग 2-2.5 करोड़ रुपए केवल बांटने में खर्च आने की बात कही. कहा- पर्सन टू पर्सन ग़रीबों को और यूथ को बांटना होता है. 2014 का चुनाव 5 करोड़ रुपये में लड़ा था. 2019 में 8 करोड़ खर्च करने का इरादा है. पैसे लेकर संसद में सवाल पूछने को तैयार. 11. बहादुर सिंह कोली बहादुर सिंह कोली भरतपुर से भाजपा सांसद हैं. क्या खुलासा- 2014 के चुनाव में 3 करोड़ रुपए खर्च करने की बात कही. कहा, पार्टी से एक करोड़ मिल जाता है. लेकिन आधा पैसा हवाला से आता है. जरूरत पड़ने पर ब्लैकमनी एंबुलेंस या पुलिस की गाड़ी से भेजी जाती है. 12. साधू सिंह साधू सिंह फरीदकोट से आम आदमी पार्टी के सांसद हैं. क्या खुलासा- कैश लेने में कोई झिझक नहीं. 3 करोड़ रुपए लेने को तैयार. चुनाव में 2-3 करोड़ रुपए खर्च करने को तैयार. 13. फग्गन सिंह कुलस्ते वाजपेयी और मोदी सरकार में राज्य मंत्री रहे हैं. मध्य प्रदेश के मंडला से भाजपा सांसद हैं. क्या खुलासा- पूर्व केंद्रीय मंत्री का दावा है कि 2014 के चुनाव में 12 करोड़ रुपए खर्च किए. सिर्फ रैलियों में ही 2 करोड़ खर्च हो गए. करोड़ों की ब्लैकमनी मतदाताओं को बांटने में इस्तेमाल किया. 2019 में 15 करोड़ खर्च करने का इरादा है. 14. एम. के. राघवन केरल के कोषिक्कोड से कांग्रेस के सांसद हैं. क्या खुलासा- चुनाव में 20 करोड़ खर्च होने की बात कही. डमी उम्मीदवार और गाड़ियों पर लाखों खर्च करने की बात स्वीकार की. वोटिंग वाले दिन शराब भी बंटती है. पार्टी की तरफ से 2 करोड़ रुपए मिलते हैं. 15. उदित राज उत्तर पश्चिम दिल्ली से भाजपा सांसद. क्या खुलासा- 2014 के लोकसभा चुनाव में 5 करोड़ रुपए खर्च किए. चुनाव का मतलब ही मानते हैं कैश को. कैश लेने से कोई परहेज नहीं है. साथ में यह भी कहा कि नोटबंदी और जीएसटी से कालाधन खत्म नहीं हुआ है. कारोबार जरूर तबाह हो गया है. 16. नागेंद्र पटेल नागेंद्र पटेल फूलपुर से समाजवादी पार्टी के सांसद हैं. क्या खुलासा- नागेंद्र पटेल ने बताया कि उपचुनाव में उन्होंने 7 करोड़ रुपए खर्च किए. साढ़े 3 करोड़ रुपए तो कैश ही बांट दिया था. वोट खरीदने के लिए शराब भी बंटवाते हैं. कालेधन की डिलीवरी का पूरा सिस्टम सेट है. पैसे मिलने की बात पक्की हो तो दिल्ली से हवाई जहाज के रास्ते लाखों-करोड़ों रुपए उनके घर पहुंच सकते हैं. चुनाव आयोग को झांसा देने के लिए वो अपने ही पैसे की हेराफेरी करने से भी नहीं चूकते. ऐसे 3 सांसद भी रहे, जिन्होंने किसी भी तरह के पैसे को लेने से मना कर दिया. 1. चरणजीत सिंह रोड़ी सिरसा से इंडियन नेशनल लोकदल के सांसद हैं. चरणजीत ने चुनाव प्रचार के लिए पैसे लेने से मना कर दिया. कहा, ''जो भी मदद होगी, बिना पैसे लिए करेंगे.'' 2. डॉ. धर्मवीर गांधी गांधी पटियाला से आम आदमी पार्टी के सांसद हैं. क्षेत्र में निवेश का अवसर देने के बदले चुनाव प्रचार में सहायता के ऑफर को नकार दिया. कहा, ''हम निवेश के लिए ईमानदार कोशिश करेंगे. सिर्फ चुनाव जीतना हमारा मकसद नहीं है. '' 3. सदाशिव लोखड़े सदाशिव लोखड़े शिरडी से शिवसेना के सांसद हैं. इन्होंने भी चुनाव प्रचार के लिए पैसे लेने से मना कर दिया. कहा, ''अगर मदद करनी है तो अस्पताल के लिए आर्थिक मदद कीजिए. ''
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ये 16 सांसद-नेता इलेक्शन फंडिंग के बदले ठेके दिलाने को तैयार मिले स्टिंग ऑपरेशन में
सांसदों ने हैरान करने वाले खुलासे किए. करोड़ों खर्च करने की बात कबूली.
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सांसद पप्पू यादव, उदित राज और नागेंद्र सिंह पटेल. (फोटो- सोशल मीडिया)
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