मास्टर क्लास के इस एपिसोड में बात होगी 55 साल के जोसेफ डिटूरी के बारे में. डिटूरी कॉलेज में प्रोफेसर हैं, इससे पहले वो नेवी में गोताखोर भी रहे हैं. लेकिन अब वो पानी के अंदर 55 वर्ग मीटर की जगह में रह रहे हैं.
मास्टरक्लास: पानी के अंदर 100 दिन से एक वैज्ञानिक, इंसानों के लिए क्या बेशकीमती तलाश रहे?
पानी के अंदर रह कर वो पता कर रहे हैं कि आखिर लंबे समय तक ज्यादा प्रेशर वाली जगह में रहने से शरीर पर क्या असर पड़ता है.
Advertisement
Advertisement
समंदर के अंदर क्या है? हजारों तरह के जलीय जीव हैं, वनस्पतियां हैं. और पनडुब्बियां भी हैं, जिनमें इंसान रहते हैं. हम इंसान, मछलियों की तरह न तो पानी से ऑक्सीजन ले सकते हैं और न ही करोड़ों लीटर पानी का दबाव झेल सकते हैं. इसीलिए पनडुब्बी में ऑक्सीजन लेकर जानी होती है. प्रेशर मेंटेन करना पड़ता है. मतलब लंबा तामझाम लगता है. इसीलिए ज़्यादातर पनडुब्बियां नौसेना के पास ही होती हैं, जिनके पास बजट की कोई कमी नहीं होती. और मकसद होता है समुद्री सीमा की सुरक्षा. अब सुरक्षा की बात आते ही आदमी बिल की तरफ देखना भूल जाता है.पूरा मामला जानने के लिए देखें वीडियो.
Advertisement

.webp?width=80)








