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शेयर बाजार में 'दिवाली', सेंसेक्स-निफ्टी में आसमानी उछाल कैसे आया?

कच्चे तेल के इंटरनेशनल बेंचमार्क के तौर पर इस्तेमाल होने वाले ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 5% गिरकर करीब 86 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गई. यह दो महीने के निचले स्तर के करीब है.

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कच्चे तेल के दाम गिरने से सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के शेयरों में उछाल देखने को मिला (फोटो क्रेडिट: Aaj Tak)

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  • भारतीय शेयर बाजार में 12 जून को सेंसेक्स 1,695 अंक बढ़कर 75,528 अंक और निफ्टी 461 अंक बढ़कर 23,623.90 अंक पर बंद हुआ, जिससे बाजार में तेज़ी आई।
  • अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध समाप्त करने के प्रस्तावित समझौते और कच्चे तेल की कीमतों में 5% गिरावट ने वैश्विक आर्थिक माहौल को प्रभावित किया।
  • शेयर बाजार में तेजी, रुपये की मजबूती और इंडियाविक्स में गिरावट के बाद निवेशकों की चिंता कम हुई, जिससे आगामी दिनों में निवेश बढ़ने की संभावना है।

शुक्रवार 12 जून को शेयर बाजार में तूफानी तेजी देखने को मिली. आज सेंसेक्स 1,695 अंक बढ़कर करीब 75,528 अंक पर बंद हुआ. निफ्टी 461 अंक उछलकर 23,623.90 अंक पर पहुंच गया. जानते हैं भारतीय शेयर बाजार अचानक इतना ज्यादा कैसे उछला.

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जियो पॉलिटिकल टेंशन में कमी

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ युद्ध खत्म करने का समझौता लगभग पूरा हो चुका है. इस पर हफ्ते के आखिर में यूरोप में हस्ताक्षर किए जा सकते हैं. ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी मेहर ने बताया है कि ईरान और अमेरिका के बीच प्रस्तावित समझौता ज्ञापन में ईरान के खिलाफ लगे प्रतिबंधों को हटाने और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिकी नाकाबंदी को खत्म करने की बात कही गई है. इसके अलावा इस समझौते में कहा गया है कि ईरान के चारों ओर तैनात अमेरिकी सैन्य बल वापस लौट जाएंगे.

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट 

कच्चे तेल के इंटरनेशनल बेंचमार्क के तौर पर इस्तेमाल होने वाले ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 5% गिरकर करीब 86 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गई. यह दो महीने के निचले स्तर के करीब है. कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट भारत के लिए फायदेमंद है. भारत अपनी जरूरत का 85-90 पर्सेंट कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है. कच्चे तेल के दाम नीचे आएंगे तो भारत को डॉलर खरीदने के लिए कम पैसे खर्च करने होंगे. इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल का व्यापार डॉलर में होता है.

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दुनियाभर के शेयर बाजारों में तेजी का असर

गुरुवार 11 जून को अमेरिकी शेयर बाजारों में अच्छी खासी तेजी देखने को मिली. वहीं आज एशियाई बाजार तेजी से कारोबार कर रहे थे. दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक 12 मई को 8 पर्सेंट से ज्यादा और जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 3 पर्सेंट से ज्यादा उछल गया. चीन का शंघाई एसएसई कंपोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक भी तेजी के साथ कारोबार करता दिखाई दिया.

डॉलर के बरक्स रुपया मजबूत

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में 65 पैसे की मजबूती आई और यह 95.20 पर पहुंच गया. अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते के संकेतों के बाद वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई. फॉरेन करेंसी की ट्रेडिंग करने वाले व्यापारियों के मुताबिक डॉलर के कमजोर होने और घरेलू शेयर बाजारों में सकारात्मक रुझान की वजह से रुपये में मजबूती दिखी.

इंडिया VIX में गिरावट 

शेयर बाजार के डर का सूचकांक माने जाने वाले इंडिया विक्स (India VIX) में 5.16% की गिरावट आई और यह 14.81 के स्तर पर पहुंच गया. इंडिया विक्स में गिरावट से पता चलता है कि निवेशकों की चिंताएं कम हो रही हैं. इंडिया विक्स में गिरावट से निवेशक शेयर बाजार में निवेश बढ़ा सकते हैं.

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सभी सूचकांक हरे निशान में बंद

मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक सभी 16 प्रमुख क्षेत्रीय सूचकांक हरे निशान में बंद हुए. साथ ही निफ्टी स्मॉलकैप 100 और निफ्टी मिडकैप 100 में क्रमशः 1.6 पर्सेंट और 1.4 पर्सेंट की बढ़त दर्ज की गई.

कच्चे तेल के दामों में कमी आने से देश की सभी सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों मसलन भारत पेट्रोलियम कारपोरेशन लिमिटेड ( BPCL) , हिंदुस्तान पेट्रोलियम कारपोरेशन लिमिटेड (HPCL) और इंडियन ऑयल कारपोरेशन लिमिटेड (IOCL) के शेयरों में 2.4% से 3.8% की तेजी देखने को मिली.  

कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के बीच इंडिगो एयरलाइंस के शेयरों में 3.5 पर्सेंट का उछाल दर्ज किया गया. कच्चे तेल के दाम घटने का फायदा पेंट, टायर और सीमेंट कंपनियों के शेयरों को भी मिला.

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