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प्लास्टिक नोट आपके हाथ में कब आएंगे, RBI ने बता दिया

करीब दस साल पहले देश में प्लास्टिक करेंसी शुरू करने की बात सामने आई थी. लेकिन यह इंतजार काफी लंबा खिच गया.

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दुनिया के 60 से ज्यादा देशों में प्लास्टिक नोट चलन में हैं. (फोटो क्रेडिट: India Today)

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  • भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने 5 अगस्त को कहा कि अप्रैल 2027 से 10 और 20 रुपये के प्लास्टिक नोट प्रयोग के तौर पर जारी किए जा सकते हैं.
  • पिछले दस वर्ष से विचाराधीन प्लास्टिक नोटों को जारी करने का कारण भारतीय करेंसी के लंबे समय तक टिकाऊ न होने के कारण है, खासकर छोटे मूल्य वाले नोट जल्दी घिस जाते हैं।
  • अगर ट्रायल सफल होता है तो RBI पूरे देश में प्लास्टिक नोटों को जारी करने पर विचार करेगा, जिससे नोटों की टिकाऊपन और लागत में सुधार की संभावना बढ़ेगी।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​ने 5 अगस्त को बताया कि भारत में प्लास्टिक के नोट अगले वित्तीय वर्ष की शुरुआत (अप्रैल 2027) से चलन में आ सकते हैं. RBI गवर्नर का कहना है कि ऐसा तभी संभव हो पाएगा जब फील्ड ट्रायल RBI की योजना के मुताबिक रहे. वहीं, केन्द्र सरकार ने साफ कर दिया है कि प्लास्टिक नोट अभी चल रहे कागज के नोटों के साथ-साथ चलन में रहेंगे. 

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इकोनॉमिक टाइम्स की एक खबर में बताया गया है कि RBI ने सरकार की मंजूरी मिलने के बाद प्रयोग के तौर पर 10 और 20 रुपये के प्लास्टिक नोट जारी करने का प्रस्ताव रखा है. करीब दस साल पहले देश में प्लास्टिक करेंसी शुरू करने की बात सामने आई थी. लेकिन यह इंतजार काफी लंबा खिच गया.

RBI प्लास्टिक नोट क्यों जारी कर रहा है?

RBI गवर्नर ​​ने कहा कि प्लास्टिक नोट अभी चल रहे कागज की करेंसी के मुकाबले अधिक टिकाऊ होते हैं. खासकर छोटे नोट के मामले में तो और ज्यादा क्योंकि इन नोटों को कई हाथों से गुजरना पड़ता है. इस वजह से कागज के नोट जल्दी फट जाते हैं.

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सरकार ने किन चीजों को मंजूरी दी है? 

पिछले महीने मोदी सरकार ने RBI के उस प्रस्ताव को मंजूरी दी जिसमें 10 और 20 रुपये के एक-एक अरब प्लास्टिक नोटों को प्रयोग के लिए जारी करने की बात कही गई थी. यह ट्रायल सफल रहा तो इन्हें देशभर में जारी करने पर विचार किया जाएगा.

प्लास्टिक नोटों पर विचार क्यों किया जा रहा है?

अभी जो करेंसी चल रही है वह सूती कागज पर छपती है. इसके उलट, पॉलिमर नोट टिकाऊ प्लास्टिक पर छपते हैं. ये कागज वाले नोटों के मुकाबले ज्यादा समय तक चलते हैं. हालांकि इन्हें बनाने में शुरुआती लागत अधिक आती है.

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किन देशों में अभी प्लास्टिक करेंसी चलन में है? 

ऑस्ट्रेलिया, यूनाइटेड किंगडम, कनाडा, न्यूजीलैंड, सिंगापुर, मलेशिया, थाईलैंड और वियतनाम सहित 60 से अधिक देशों में प्लास्टिक नोटों का इस्तेमाल पहले से ही किया जा रहा है. ऑस्ट्रेलिया 1988 में पॉलिमर नोटों की शुरुआत करने वाला पहला देश बना.

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