ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच अस्थायी शांति ने ग्लोबल एनर्जी मार्केट में नई जान डाल दी है. इंटरनेशनल ऑयल मार्केट, जो फरवरी 2026 से कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से जूझ रहा था, अब उसमें फिर से बहार आ रही है. तेल की कीमतें गिर रही हैं. 120 डॉलर प्रति बैरल को छूने वाला कच्चा तेल अब 70 डॉलर प्रति बैरल की दर से भी नीचे झूल रहा है. दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपये है, जबकि डीजल का रेट 95.20 रुपये प्रति लीटर है. भारत में आम लोगों को सस्ते तेल का फायदा नहीं मिल रहा है. वो भी तब जब भारत के पड़ोसी देश- पाकिस्तान, श्रीलंका और नेपाल तेल के दाम घटा चुके हैं.
पड़ोसियों ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी कटौती कर दी, भारत में ऐसा क्यों नहीं हो रहा?
Petrol-Diesel Prices: 120 डॉलर प्रति बैरल को छूने वाला कच्चा तेल अब 70 डॉलर प्रति बैरल की दर से भी नीचे झूल रहा है. लेकिन दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपये है, जबकि डीजल का रेट 95.20 रुपये प्रति लीटर है. भारत में आम लोगों को सस्ते तेल का फायदा नहीं मिल रहा है.


शुक्रवार, 26 जून को पाकिस्तान सरकार के पेट्रोल डिवीजन ने पेट्रोल और डीजल के दाम कम करने की जानकारी दी. पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने पेट्रोल के दाम में 74 पाकिस्तानी रुपये (लगभग 25.18 रुपये) प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल (HSD) के रेट में 67 पाकिस्तानी रुपये (करीब 22.80 रुपये) प्रति लीटर की कटौती का ऐलान किया.
पाकिस्तान में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 299.50 पाकिस्तानी रुपये (करीब 101.90 रुपये) प्रति लीटर है. पड़ोसी मुल्क में एक लीटर डीजल का मौजदा दाम 311.47 पाकिस्तानी रुपये (लगभग 105.97 रुपये प्रति लीटर) प्रति लीटर है.
श्रीलंका में भी तेल कंपनियों ने तेल के दाम घटा दिए. सरकारी तेल कंपनी साइलोन पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन ने डीजल की कीमत 25 श्रीलंकाई रुपये (करीब 7.09 रुपये) कम होकर 382 श्रीलंकाई रुपये (लगभग 108.41 रुपये) प्रति लीटर हो गई है, और पेट्रोल की कीमत 20 श्रीलंकाई रुपये (करीब 5.68 रुपये) कम होकर 414 श्रीलंकाई रुपये (लगभग 117.49 रुपये) प्रति लीटर हो गई है, जो आधी रात से लागू होगी.

साउथ एशिया में भारत के पड़ोसी देशों में तेल के दाम में सबसे ताजा कटौती नेपाल में हुई. 30 जून को सरकारी तेल कंपनी नेपाल ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने पेट्रोल-डीजल के दाम घटाने का ऐलान किया. कॉर्पोरेशन के मुताबिक, पेट्रोल के दाम में 20 नेपाली रुपये (लगभग 12.59 रुपये) प्रति लीटर और डीजल की कीमत में 30 नेपाली रुपये (करीब 18.88 रुपये) प्रति लीटर की कमी की गई.
नेपाली न्यूज पोर्टल रातोपाटी की रिपोर्ट के मुताबिक, काठमांडू, पोखरा और दीपायल जैसे शहरों में पेट्रोल की नई कीमत 177 नेपाली रुपये (लगभग 111.40 रुपये) प्रति लीटर और डीजल की कीमत 155 (करीब 97.55 रुपये) नेपाली रुपये तय की गई है.
ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमत सस्ती होने के बावजूद भारत में तेल कंपनियों ने दाम नहीं घटाए. एक्सपर्ट्स का मानना है कि तेल कंपनियों का मकसद पेट्रोल-डीजल की कीमत सस्ती करने के बजाय सस्ता तेल खरीदकर वेस्ट एशिया संघर्ष के दौरान कमाई में हुए नुकसान की भरपाई करना हो सकता है. उनका कहना है कि वेस्ट एशिया में तनाव कम होने के बावजूद पूरी तरह संकट खत्म होने की सोचना अभी जल्दबाजी होगी.

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, इन्फोमेरिक्स रेटिंग्स के चीफ इकोनॉमिस्ट मनोरंजन शर्मा ने कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में गिरावट का जारी रहना ग्लोबल डेवलपमेंट पर निर्भर करेगा, ना कि अलग-अलग ऑयल कंपनियों के रिटेल प्राइस घटाने पर.
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मनोरंजन ने बताया,
"पेट्रोल और डीजल की कीमतों में जल्द कटौती की संभावना नहीं है, जब तक कि ग्लोबली कच्चे तेल की कीमतें लगातार कम ना हों, ईरान और होर्मुज स्ट्रेट के आसपास तनाव कम ना हो, और सरकारें या तेल मार्केटिंग कंपनियां टैक्स कटौती या मार्जिन एडजस्टमेंट के जरिए अलग से मदद ना दें."
उन्होंने कहा कि पिछली एक्साइज ड्यूटी कटौती ने लोगों को महंगाई से बचाने में मदद की थी, लेकिन सरकारी कमाई भी कम हो गई थी. इससे आगे टैक्स में राहत की गुंजाइश कम हो गई थी. मनोरंजन शर्मा के अनुसार, फ्यूल की कीमतों में कटौती जियोपॉलिटिकल स्टेबिलिटी के साथ-साथ मजबूत फाइनेंशियल कंडीशन पर निर्भर करेगी.
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