सालों तक भारत के लाखों परिवारों के लिविंग रूम में लगा सोनी टीवी (Sony TV) लोगों के लिए ऐसा नाम रहा, जिस पर आंख मूंदकर भरोसा किया जाता है. इस टीवी के लिए दाम भले ही बाकी कंपनियों के मुकाबले थोड़ा ज्यादा चुकाने पड़ते हों लेकिन घर के ड्राइंग रूम में लटकता सोनी का टीवी शान माना जाता रहा है. सोनी टीवी की हमेशा से खास बात रही उसकी बेहतरीन पिक्चर क्वालिटी और दमदार साउंड. लेकिन सोनी की ये पहचान बदलने वाली है.
अब सोनी की मशहूर Bravia TV चीन की कंपनी TCL बनाएगी, टीवी सस्ती होगी?
Sony ने चीन की TCL के साथ एक रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है. इसके तहत जापानी कंपनी खुद Sony Bravia TV बनाना बंद करेगी.
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Sony ने चीन की TCL के साथ एक रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है. इसके तहत जापानी कंपनी खुद Sony Bravia TV बनाना बंद करेगी. कंपनी अब अपने टेलीविजन और होम ऑडियो बिजनेस को TCL के नेतृत्व वाले एक नए जॉइंट वेंचर के तहत रखेगी. Sony टीवी की पहचान बनाने में Bravia का सबसे बड़ा योगदान रहा है. इस सोनी की इस ब्रांड की टीवी पर लोग करीब 20 साल से भरोसा करते आए हैं. वहीं, TCL एक बड़ी चीन की मल्टीनेशनल इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी है, जो खासतौर पर टीवी और डिस्प्ले टेक्नोलॉजी के लिए जानी जाती है. आज TCL दुनिया की सबसे बड़ी टीवी बनाने वाली कंपनियों में गिनी जाती है.
इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि दोनों कंपनियों के बीच हुए समझौते के अनुसार नई कंपनी में TCL की 51 परसेंट हिस्सेदारी होगी. इसका मतलब हुआ कि नए वेंचर का नियंत्रण चीनी कंपनी TCL के पास रहेगा, जबकि Sony के पास 49 परसेंट हिस्सेदारी रहेगी. Sony और TCL ने कहा है कि वे मार्च के अंत तक इस डील को अंतिम रूप देने की कोशिश करेंगे. लेकिन यह जॉइंट वेंचर अप्रैल 2027 से काम शुरू करने की उम्मीद है यानी इसके बाद से टीसीएल कंपनी की तरफ से बनी सोनी ब्रेब्रिया बाजार में आने लगेगी.
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TV डिवीजन का कंट्रोल TCL को सौंपेगी Sonyपहली नजर में यह खबर भले ही ऐसी लग सकती है कि Sony टीवी बिजनेस से बाहर निकल रहा है, लेकिन ऐसा नहीं है. भविष्य में बनने वाली टीवी पर अभी भी सोनी और ब्राविया का नाम चस्पा (ब्रांडिंग) होगा. भले ही तकनीक और इस टीवी को बनाने का जिम्मा काफी हद तक TCL संभाले. यह साझेदारी दो ऐसी कंपनियों को साथ लाती है, जिन्होंने टीवी बाजार में बिल्कुल अलग रास्तों से जगह बनाई. Sony ने दशकों में अपनी साख बनाई. आसान भाषा में कहें Soni Bravia नाम बॉक्स पर बना रहेगा, लेकिन इन टीवी के बनाने और मार्केट में लाने का तरीका बदल जाएगा.
Sony और TCL की शुरुआत कैसी रही?यह साझेदारी दो ऐसी कंपनियों को एक साथ लाती है जिन्होंने बिल्कुल अलग-अलग रास्तों से एक ही बाजार में अपनी जगह बनाई है. सोनी ने कई सालों में टेलीविजन के क्षेत्र में अपनी प्रतिष्ठा बनाई, इसकी शुरुआत ट्रिनिट्रॉन युग (Trinitron Era) से हुई . बाद में रंग सटीकता, मोशन हैंडलिंग और साउंड प्रोसेसिंग पर ध्यान केंद्रित किया. इसे अक्सर फिल्म निर्माताओं और कंटेंट क्रिएटर्स को ध्यान में रखकर तैयार किया जाता था.
ट्रिनिट्रॉन युग Sony के टीवी इतिहास का वह दौर है, जब कंपनी ने Trinitron टेक्नोलॉजी के दम पर दुनिया भर में TV Market में अपनी अलग पहचान बना ली थी. साल 1968 में Sony ने Trinitron कलर टीवी पेश किया था. उस समय ज़्यादातर टीवी की तस्वीरें फीकी, कम ब्राइट और कम शार्प होती थीं. ट्रिनिट्रॉन टेक्नोलॉजी ने इसमें बड़ी छलांग लगाई. ट्रिनिट्रॉन की खासियत ये थी कि ये टीवी ज्यादा ब्राइट , नैचुरल कलर, बढ़िया पिक्चर क्वालिटी और बेहतर कॉन्ट्रास्ट वाली होती थीं.
वहीं, सोनी के बरक्स टीसीएल का उदय कहीं अधिक तेजी से हुआ है. कभी मुख्य रूप से किफायती स्मार्ट टीवी के लिए जानी जाने वाली इस कंपनी ने पिछले कुछ सालों में डिस्प्ले तकनीक, टीवी बनाने वाली फैक्ट्रियों और सप्लाई चेन मोटा पैसा लगाया है. इससे टीसीएल को दुनिया के सबसे बड़े टीवी बनाने वाली कंपनियों के साथ सीधे प्रतिस्पर्धा करने में मदद मिली है.
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Sony और TCL क्यों साथ आना पड़ा?इन दोनों कंपनियों ने ये फैसला क्यों किया है. इस फैसले की पृष्ठभूमि समझना जरूरी है. वैश्विक टीवी कारोबार दिन-ब-दिन मुश्किल होता जा रहा है, जहां Samsung, LG, Hisense और TCL के बीच कड़ा मुकाबला है. Sony ने काफी पहले अपने LCD और OLED पैनल खुद बनाना बंद कर दिया था और अब बाहरी सप्लायर्स पर निर्भर है. इसके उलट TCL ने पैनल प्रोडक्शन का विस्तार किया है . यहां तक की टीसीएल चीन में Samsung के LCD से जुड़े बिजनेस को भी खरीद रहा है . मैन्युफैक्चरिंग कंट्रोल के इस अंतर ने Sony के लिए आक्रामक कीमतों का मुकाबला करते हुए मुनाफा बचाए रखना और मुश्किल बना दिया है. इन चुनौतियों के बावजूद Bravia इसलिए टिका रहा क्योंकि आज भी खरीदारों का एक वर्ग Sony की इमेज प्रोसेसिंग, साउंड ट्यूनिंग और प्रोफेशनल कैमरों व फिल्ममेकिंग टूल्स से उसके गहरे जुड़ाव के लिए अतिरिक्त कीमत चुकाने को तैयार है. लेकिन सिर्फ इन चीजों के भरोसे लंबे समय तक टिके रहना मुश्किल हो गया है.
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क्या सोनी ब्राबिया टीवी सस्ती होगी?इन दोनों कंपनियों की तरफ से जारी बयान के मुताबिक Sony और TCL की यह नई साझेदारी Sony की पिक्चर और साउंड टेक्नोलॉजी, मजबूत ब्रांड नाम और अनुभव को TCL की डिस्प्ले टेक्नोलॉजी, बड़े स्तर पर उत्पादन और कम लागत के साथ जोड़ेगी. इससे Sony को फायदा यह होगा कि टीवी बनाने का पूरा खर्च और दबाव अब उसे अकेले नहीं उठाना पड़ेगा. खासकर ऐसे बाजार में जहां मुनाफा कम है और कीमतों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा है.
माना जा रहा है कि इसका सबसे बड़ा असर कीमतों पर पड़ेगा. TCL की बड़े पैमाने पर उत्पादन क्षमता और कम लागत वाली सप्लाई चेन की वजह से Sony के Bravia टीवी पहले के मुकाबले सस्ते हो सकते हैं. जानकारों का कहना है कि यह डील दोनों के लिए ‘विन-विन’ मानी जा रही है. Sony पर लागत का दबाव कम होगा और TCL को ग्लोबल ब्रांड वैल्यू के साथ अपना बिजनेस बढ़ाने का फायदा मिलेगा. उद्योग जगत के जानकारों का मानना है कि सोनी और टीसीएल का यह गठजोड़ इन दबावों का एक व्यावहारिक समाधान है. वीडियो गेम बनाने वाली कंपनी राइजएंगल (RiseAngle ) कंपनी के संस्थापक और सीईओ ने CNET कि दोनों कंपनियों के साथ आने से सोनी के टीवी पहले से कुछ सस्ती हो सकते हैं. CNET एक मशहूर अमेरिकी टेक्नोलॉजी न्यूज और रिव्यू वेबसाइट है.
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