The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • Business
  • Due to this China moves Electric vehicle prices in India likely to rise

चीन का ये फैसला भारत में इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों को रुला देगा?

इस फैसले से भारत की इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) बनाने वाली कंपनियों को झटका लग सकता है. यहां की इलेक्ट्रिक व्हीकल कंपनियां आज भी बड़ी पैमाने पर चीन की इलेक्ट्रिक व्हीकल कंपनी BYD और CATL जैसी कंपनियों से बैटरियां खरीदती हैं.

Advertisement
pic
20 जनवरी 2026 (अपडेटेड: 20 जनवरी 2026, 05:21 PM IST)
EV price in India
चीन की सरकार ने लिथियम-आयन बैटरियों पर मिलने वाले एक्सपोर्ट टैक्स रिबेट (छूट) को घटा दिया है (फोटो क्रेडिट: India Today)
Quick AI Highlights
Click here to view more

चीन का एक हालिया कदम भारत के इलेक्ट्रिक वाहन (EV) सेक्टर के लिए मुश्किलें बढ़ा सकता है. मिंट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, चीन की सरकार ने लिथियम-आयन बैटरियों पर मिलने वाले एक्सपोर्ट टैक्स रिबेट (छूट) को 9% से घटाकर 6% कर दिया है. रिपोर्ट के मुताबिक चीन की सरकार ने यह फैसला 8 जनवरी को लिया. नया नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा. साथ ही, अगले एक साल के भीतर इस प्रोत्साहन को पूरी तरह खत्म करने की योजना भी है. 

इस फैसले से भारत की इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) बनाने वाली कंपनियों को झटका लग सकता है. यहां की इलेक्ट्रिक व्हीकल कंपनियां आज भी बड़ी पैमाने पर चीन की इलेक्ट्रिक व्हीकल कंपनी BYD और CATL जैसी कंपनियों से बैटरियां खरीदती हैं. यह कदम ऐसे समय पर आया है जब पिछले एक साल में लिथियम की कीमतों में जोरदार तेजी देखने को मिली है. 

लिथियम-आयन बैटरी एक आधुनिक रीचार्जेबल बैटरी होती है. इसका इस्तेमाल मोबाइल फोन, लैपटॉप से लेकर इलेक्ट्रिक वाहनों में होता है. इस बैटरी की सबसे बड़ी खासियत है कि यह हल्की होती है. साथ ही ज्यादा समय तक चार्ज रखती है. कम जगह में ज्यादा ऊर्जा स्टोर कर सकती है. इसी वजह से इलेक्ट्रिक वाहनों में इसका बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है.

ये भी पढ़ें: चांदी की 'चांदी ही चांदी', 3 लाख के बाद अब 4 लाख के पार कब होगी?

इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों पर क्या असर होगा?

बताया जाता है कि किसी भी इलेक्ट्रिक वाहन को बनाने में जितना खर्चा आता है, उसमें बैटरी की लागत एक-तिहाई से भी ज्यादा होती है. इसलिए ईवी की बैटरी की कीमत बढ़ने से कार कंपनियों का मुनाफा कम हो सकता है. कंपनियों के मुनाफे पर असर पड़ेगा तो जाहिर है वे यह अतिरिक्त बोझ ईवी खरीदने वाले ग्राहकों पर डाल सकती हैं. 

एक कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी ने मिंट को बताया कि चीन की सरकार के इस फैसले का असर अगले दो हफ्तों के भीतर भारत के ईवी मार्केट में दिखाई दे सकता है. इस अधिकारी ने यह भी कहा कि टैक्स रिबेट में कटौती से पहले ईवी बनाने वाली कंपनियों के बीच बैटरियों का स्टॉक जमा करने की होड़ मचने की संभावना है.

वीडियो: रश्मिका ने अपनी और सलमान की फिल्म 'सिकंदर' के फ्लॉप होने का दोष किसपे मढ़ा?

Advertisement

Advertisement

()