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Meta ने भी 'मर्जी' के नाम पर नौकरी छीनने का खेल शुरू किया, पूरा प्लान सामने आया

इस स्कीम के तहत जो कर्मचारी अपनी खुद से नौकरी छोड़ने के लिए तैयार होंगे, उन्हें हर साल की नौकरी के लिए 2.15 महीने की सैलरी मिलेगी.

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सोशल मीडिया कंपनी मेटा, फेसबुक और इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी है (Courtesy: Business Today)

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  • मेटा ने फ्रांस में कुछ कर्मचारियों को अपनी मर्जी से नौकरी छोड़ने के विकल्प के तहत मुआवजा देने की योजना शुरू की है, जिसमें कंपनी के करीब एक-तिहाई कर्मचारी प्रभावित हो सकते हैं।
  • यह योजना फ्रांसीसी लेबर लॉ के तहत RCC सिस्टम पर आधारित है, जहां कंपनी ट्रेड यूनियनों के साथ कर्मचारियों के वॉलंटरी एग्जिट प्लान की शर्तों पर बातचीत करती है।
  • इच्छुक कर्मचारी 5 नवंबर तक आवेदन कर सकते हैं, उन्हें ढाई महीने की सैलरी प्रति वर्ष सेवा मिलेगी और कंपनी प्रोफेशनल रीट्रेनिंग तथा बिजनेस शुरू करने में सहायता प्रदान करेगी।

गूगल और माइक्रोसॉफ्ट के बाद फेसबुक और इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी मेटा भी अपनी ‘मर्ज़ी से नौकरी छोड़ने’ पर बड़ा मुआवजा ऑफर कर रही है. फ्रांस के ऑनलाइन न्यूज प्लेटफॉर्म La Lettre के मुताबिक कंपनी ने पिछले कुछ महीनों में हजारों कर्मचारियों को नौकरी से निकाला है. अब वह कुछ खास कर्मचारियों को वॉलंटरी एग्जिट यानी मर्जी से नौकरी छोड़ने का ऑप्शन दे रही है.

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रिपोर्ट बताती है कि यह ऑफर फ्रांस स्थित कंपनी के कर्मचारियों को दिया जा रहा है. इस प्रोग्राम से फ्रांस में इसके लगभग एक-तिहाई वर्कफोर्स पर असर पड़ सकता है. हालांकि, ऑफिशियल नंबर नहीं बताया गया है. फ्रांस में मेटा के करीब 300 कर्मचारी हैं और उनमें से करीब 100 इस प्रोग्राम से प्रभावित हो सकते हैं. इसके अलावा, यह साफ नहीं है कि वॉलंटरी एग्जिट ऑफर के तहत कौन से डिपार्टमेंट, टीम और जॉब रोल कवर होंगे.

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क्या है मेटा की योजना?

रिपोर्ट में बताया गया है कि मेटा का अपनी मर्जी से कंपनी छोड़ना, माइक्रोसॉफ्ट और गूगल के प्लान से अलग है. कंपनी रप्चर कन्वेंशनेल कलेक्टिव (RCC) नाम के एक सिस्टम पर भरोसा कर रही है. यह एक फ्रेंच लेबर लॉ सिस्टम है जो कंपनियों को ट्रेड यूनियनों के साथ अपनी मर्ज़ी से कर्मचारियों को निकालने पर बातचीत करने की इजाजत देता है.

इस कानून के तहत कंपनी कर्मचारी प्रतिनिधियों या ट्रेड यूनियनों के साथ एग्जिट प्लान की शर्तों पर बातचीत कर सकती है. कर्मचारी फिर तय शर्तों के तहत वॉलंटरी लीव के लिए अप्लाई कर सकते हैं, जो ले ऑफ जैसा नहीं है. रिपोर्ट के मुताबिक, इच्छुक कर्मचारियों को 5 नवंबर तक अपनी एप्लीकेशन जमा करनी होगी. 

इस स्कीम के तहत जो कर्मचारी अपनी खुद से नौकरी छोड़ने के लिए तैयार होंगे, उन्हें हर साल की सर्विस के लिए ढाई महीने की सैलरी मिलेगी. उदाहरण के लिए अगर किसी कर्मचारी ने पांच साल काम किया है, तो उसे 10.75 महीने की सैलरी के बराबर मुआवजा मिलेगा. इस दौरान कर्मचारियों को उनकी कुल सैलरी का 80% मिलेगा. इन फायदों के साथ-साथ, मेटा नए स्किल्स डेवलप करने के लिए प्रोफेशनल रीट्रेनिंग भी देगा और अपना बिजनेस शुरू करने में मदद करेगा. 

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