शेयर बाजार और कच्चे तेल की कीमतों में मंगलवार 10 मार्च को भारी उठापटक देखने को मिली. इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट बताती है कि शुरुआती कारोबार में मंगलवार को सेंसेक्स 800 से ज्यादा अंक उछलकर 78,375 अंक पर खुला. इसी तरह से निफ्टी करीब 250 अंक चढ़कर 24,230 अंक पर खुला. दूसरी तरफ कच्चे तेल की कीमतों में मंगलवार को भारी गिरावट आ गई. आज कच्चे तेल की कीमत 90 डॉलर से नीचे आ गई.
बाजार में भारी उठापटक, सेंसेक्स-सोना उछले, कच्चा तेल धड़ाम क्यों हुआ?
सेंसेक्स 800 से ज्यादा अंक उछलकर 78,375 अंक पर खुला. इसी तरह से निफ्टी करीब 250 अंक चढ़कर 24,230 अंक पर खुला. दूसरी तरफ कच्चे तेल की कीमतों में मंगलवार को भारी गिरावट आ गई. आज कच्चे तेल की कीमत 90 डॉलर से नीचे आ गई.
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अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की तरफ से यह संकेत दिया गया है कि ईरान के साथ अमेरिका-इजरायल की लड़ाई जल्द खत्म होने वाली है. सोमवार को ट्रंप ने अमेरिका के न्यूज चैनल सीबीएस न्यूज को बताया कि उन्हें लगता है कि ईरान के खिलाफ युद्ध पूरी तरह से समाप्त हो चुका है. इस खबर के सामने आने के बाद दुनिया भर के शेयर बाजारों में रौनक देखने को मिली. पश्चिम एशिया में जारी तनाव के चलते कच्चे तेल के दामों में 9 मार्च को जबरदस्त उछाल आया था. इसके चलते भारत के शेयर बाजार क्रैश हो गए थे.
सोमवार को शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 2400 अंक और निफ्टी 800 अंक तक लुढ़क गया था. हालांकि बाद में रिकवरी देखने को मिली और कल सेंसेक्स 1353 अंक फिसलकर 77,566 के स्तर पर बंद हुआ. वहीं, निफ्टी भी 422 अंक फिसलकर 24,028 पर बंद हुआ. शेयर बाजार में मंगलवार को आई तेजी का बड़ा कारण ये भी रहा है कि मंगलवार को कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट आई. 9 मार्च को कच्चे तेल का भाव 115 डॉलर प्रति बैरल के पार चला गया था. इससे पहले साल 2022 में रूस द्वारा यूक्रेन पर आक्रमण के बाद पहली बार कीमतें ऐतिहासिक 100 डॉलर के पार पहुंची थीं. वहीं, तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट के चलते भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 92 डॉलर के पार मजबूत हुआ. इन सब वजहों से भारतीय शेयर बाजारों में तेजी आई है.
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सोने-चांदी में भी तेजीकमोडिटी एक्सचेंज मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने की कीमतों में जोरदार तेजी देखने को मिली है. 9 मार्च को सुबह 10 बजे के आसपास सोना अप्रैल वायदा 1746 रुपये चढ़कर 1.62 लाख के पार पहुंच गया. इसी तरह से चांदी का मई वायदा 9250 रुपये उछलकर 2 लाख 76 हजार 400 रुपये के ऊपर पहुंच गया. बाजार में यह तेजी मुख्य रूप से अमेरिकी डॉलर के कमजोर होने और ऊर्जा कीमतों में आई गिरावट की वजह से देखने को मिली है. दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने संकेत दिया कि मध्य पूर्व में चल रही लड़ाई जल्द खत्म हो सकती है. इस बयान के बाद वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में 10% से ज्यादा की गिरावट आ गई.
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एमिरेट्स इन्वेस्टमेंट बैंक में डायरेक्टर (वेल्थ मैनेजमेंट) डॉक्टर धर्मेश भाटिया लल्लनटॉप से बातचीत में बताते हैं कि तेल की कीमतों में इस तेज गिरावट से यह संकेत मिला कि कच्चे तेल की सप्लाई लंबे समय तक बाधित रहने की आशंका कम हो सकती है. तेल की कीमतों में कमी का एक बड़ा असर यह होता है कि युद्ध के कारण बढ़ने वाली मुद्रास्फीति (इन्फ्लेशन) की आशंका भी घट जाती है. जब महंगाई का दबाव कम होता है, तो केंद्रीय बैंकों पर ब्याज दरें बढ़ाने का दबाव भी कम हो जाता है. ऐसे माहौल में सोने को फायदा मिलता है. सोना एक ऐसा निवेश है जो नियमित ब्याज या रिटर्न नहीं देता. जब ब्याज दरें ज्यादा होती हैं तो निवेशक उससे दूर रहते हैं. लेकिन जब दरें बढ़ने की संभावना कम हो जाती है, तब निवेशकों का झुकाव फिर से सेफ हेवन एसेट यानी सोने की ओर बढ़ने लगता है. यही वजह है कि मौजूदा हालात में सोने और चांदी की कीमतों को मजबूत समर्थन मिल रहा है.
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