The Lallantop

गोल्ड खरीदो, होगी बढ़िया कमाई... सोना सस्ता होने पर बोली ये कंपनी, पर एक चेतावनी के साथ

टाटा म्यूचुअल फंड का कहना है कि अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में इजाफा होने और डॉलर मजबूत होने से सोने के दाम तेजी से गिरे हैं. इसके साथ ही दुनियाभर के सेंट्रल बैंक अपने विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की खरीदारी बढ़ा रहे हैं.

Advertisement
post-main-image
चीन ने सोने की खरीद बढ़ाई है (Courtesy: Business Today)

Quick AI HighlightsClick here to view more

  • भारत में सोने की कीमतें अभी लगभग 4,138 डॉलर प्रति औंस पर आ गई हैं, जो जनवरी के 5,595 डॉलर प्रति औंस से लगभग 26% कम हैं।
  • सोने की कीमतों में गिरावट का मुख्य कारण अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में वृद्धि और डॉलर की मजबूती रही है, जबकि दुनियाभर के सेंट्रल बैंक अपनी खरीद बढ़ा रहे हैं।
  • टाटा म्यूचुअल फंड ने निवेशकों को चरणबद्ध तरीके से सोने में निवेश करने की सलाह दी है क्योंकि भविष्य में कीमतों में उतार-चढ़ाव की संभावना बनी हुई है।

भारत में त्योहारी और शादी-विवाह का सीजन शुरू होने से पहले सोना काफी सस्ता हो चुका है. सोने की कीमत इस साल जनवरी में करीब 5,595 डॉलर प्रति औंस पहुंच गई थी. लेकिन फिलहाल सोने का भाव गिरकर लगभग 4,138 डॉलर प्रति औंस पर आ चुका है. इस तरह से देखें तो जनवरी की ऊंचाई से सोने के दाम 26% लुढ़के हैं. टाटा म्यूचुअल फंड ने इस गिरावट का मुख्य कारण अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में इजाफा होने और डॉलर की मजबूती को बताया है. 

Advertisement

टाटा म्यूचुअल फंड के ताजा अनुमान के मुताबिक सोने के फंडामेंटल्स अब भी मजबूत हैं. म्यूचुअल फंड का मानना ​​है कि यह गिरावट उन निवेशकों की मोटी कमाई करा सकती है, जो लंबी अवधि के लिए सोने में निवेश की सोच रहे हैं.  

सेंट्रल बैंकों की खरीदारी जारी 

बिजनेस टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक टाटा म्यूचुअल फंड ने सोने की कीमतों में आगे तेजी की कुछ वजहें बताई हैं. फंड हाउस का कहना है कि दुनियाभर के सेंट्रल बैंक अपने विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की खरीदारी बढ़ा रहे हैं. इससे लंबी अवधि में सोने के दाम ऊपर जा सकते हैं.

Advertisement

इन केंद्रीय बैंकों ने वित्त वर्ष 2025-2026 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में 289 टन ​​सोना खरीदा, जबकि पूरे साल की खरीद 700-900 टन होने का अनुमान है. यह साल 2022 से पहले के करीब 400-500 टन के सालाना औसत से काफी ज्यादा है. फंड हाउस ने यह भी बताया कि वैश्विक गोल्ड ईटीएफ से भारी मात्रा में पैसे निकालने के दौरान भी केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की मजबूत खरीद हुई है.

ये भी पढ़ें: टाटा ग्रुप की कंपनी के शेयर्स में तूफानी तेजी, खरीदने-बेचने से पहले सारे फैक्टर्स समझ लें!

चीन जमकर खरीद रहा सोना

सोने की कीमतों में आगे तेजी की उम्मीद की एक और बड़ी वजह यह है कि चीन ने सोने की खरीद बढ़ाई है. टाटा म्यूचुअल फंड ने कहा कि इस साल (2026) में चीन ने 1,000 टन से सोना खरीदा है. यह साल 2025 के मुकाबले ज्यादा है. चीन में रिटेल मांग बढ़ने, ईटीएफ में निवेश और केंद्रीय बैंकों की खरीद ने चीन के फिजिकल गोल्ड मार्केट को सहारा दिया है.

Advertisement
इन वजहों से भी आगे सोने के दाम बढ़ सकते हैं

टाटा म्यूचुअल फंड का अनुमान है कि मिडिल ईस्ट में तनाव, अमेरिका-चीन के बीच रणनीतिक प्रतिस्पर्धा और दुनियाभर के अलग-अलग हिस्सों में जारी राजनीतिक अनिश्चितता से सोने की सुरक्षित निवेश मांग बढ़ने का अनुमान है. 

इसके अलावा टाटा म्यूचुअल फंड का कहना है कि अमेरिका का कर्ज बढ़ रहा और राजकोषीय घाटे की ओर भी इशारा किया. अमेरिकी सरकार का कर्ज 40 ट्रिलियन डॉलर से अधिक हो गया है. वहीं, राजकोषीय घाटा जीडीपी का लगभग 6-7% बना हुआ है.

ये भी पढ़ें: अक्टूबर में शेयर बाजार आसमान फाड़ देगा? इतिहास कहे ‘बस दो दिन और’

धीरे-धीरे खरीदारी की सलाह 

टाटा म्यूचुअल फंड की सलाह है कि निवेशक सोने की कीमतों में गिरावट का अनुमान लगाने के बजाय चरणबद्ध निवेश शुरू कर सकते हैं. म्यूचुअल फंड का कहना है कि निवेशकों को सोने की कीमतों में हाल की उठापटक को लेकर सावधान रहने की भी जरूरत है. आगे भी कीमतों में अचानक बड़ी गिरावट या तेजी आ सकती है, इसलिए एक साथ पूरी रकम लगाने के बजाय थोड़ा-थोड़ा करके निवेश करने का नजरिया अपनाना चाहिए. 

वीडियो: दी लल्लनटॉप शो: सुप्रीम कोर्ट ने CEC ज्ञानेश कुमार और 'फॉर्म 6' पर क्या कहा?

Advertisement