अगर आप अपने परिवार के लिए एक सपनों का आशियाना तलाश रहे हैं तो इस साल आपका ये सपना सच हो सकता है. इसकी वजह ये है कि होम लोन की ब्याज दरें काफी कम हो चुकी हैं. इसके अलावा जानकारों का कहना है कि इस साल प्रॉपर्टी के दाम नरम रह सकते हैं.
घर खरीदारों के लिए डबल फायदा? होम लोन सस्ता, प्रॉपर्टी की कीमतों में तेजी थमी
Real Estate News: पिछले साल की शुरुआत से अब तक RBI धीरे -धीरे कुल मिलाकर रेपो रेट में 125 बेसिस पॉइंट की कटौती कर चुका है.


पिछले करीब एक साल में रिजर्व बैंक इंडिया (RBI) ने रेपो रेट में काफी कटौती की है. साल 2025 की शुरुआत में रेपो रेट 6.50% थी. पिछले एक साल में RBI ने अपनी MPC यानी मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की बैठक में रेपो रेट में कई चरणों में कटौती की है. फरवरी 2025 की MPC बैठक में आरबीआई ने करीब 5 साल बाद रेपो रेट 25 बेसिस प्वाइंट्स की कटौती की थी. MPC साल में 6 बार बैठक करती है . MPC के फैसले का सीधा असर आम लोगों की जिंदगी पर पड़ता है. MPC के फैसलों के आधार पर सरकारी और निजी बैंक अपनी होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन की ब्याज दरें तय करते हैं. अगर आरबीआई रेपो रेट घटाता है तो EMI कम हो जाती है. लेकिन अगर रेपो रेट में बढ़ोतरी का फैसला लेता है तो सभी तरह के लोन महंगे हो जाते हैं. पिछले साल की शुरुआत से अब तक आरबीआई धीरे -धीरे कुल मिलाकर रेपो रेट में 125 बेसिस पॉइंट (1.25%) की कटौती कर चुका है. 4 फरवरी से 6 फरवरी 2026 तक चली एमपीसी की बैठक में आरबीआई ने रेपो रेट में किसी तरह का बदलाव नहीं किया था और रेपो रेट को 5.25% पर ही स्थिर रखने का फैसला किया है.
कितनी घटी होम लोन की EMIबिजनेस टुडे की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि आरबीआई की तरफ से रेपो रेट में इन लगातार कटौती से होम लोन की ब्याज दरें अप्रैल 2020 के बाद के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गईं. इसके चलते होम लोन की मासिक किस्त (EMI) कम हुई है. इससे घर खरीदना पहले के मुकाबले किफायती हो गया. इस रिपोर्ट में बताया गया है कि 30 जनवरी 2026 तक सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक आमतौर पर 7.15-7.30% की रेंज में सबसे किफायती दरों पर होम लोन ऑफर कर रहे हैं. सरकारी बैंकों की बात करें तो केनरा बैंक और यूनियन बैंक सबसे कम ब्याज पर होम लोन दे रहे हैं. इसके उलट, एचडीएफसी बैंक और एक्सिस बैंक जैसे निजी बैंक होम लोन पर करीब 8% ब्याज दरें वसूल रहे हैं. हालांकि कई बैंक क्रेडिट स्कोर अच्छा होने पर कुछ कम रेट्स पर भी होम लोन ऑफर कर रहे हैं.
बिजनेस टुडे की रिपोर्ट में बताया गया है कि उदाहरण के तौर पर, मान लीजिए अगर किसी व्यक्ति ने 50 लाख का होम लोन 20 साल की अवधि के लिए लिया है. आरबीआई की तरफ से 125 बेसिस पॉइंट की रेपो रेट कटौती के बाद होम लोन की EMI करीब 3,900 रुपये तक कम हो सकती है. इस तरह से 20 साल की लोन अवधि में करीब 9 लाख रुपये की बचत हो सकती है. वहीं, अगर लोन 75 लाख का है तो ईएमआई 5800 रुपये कम हो सकती है. जबकि पूरे होम लोन टेन्योर (20 साल की अवधि) में करीब 14 लाख की बचत हो सकती है.
इतनी जल्दी फायदा क्यों मिला?भारत में अब ज्यादातर होम लोन एक्सटर्नल बेंचमार्क लेंडिंग रेट (EBLR) या मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स आधारित लेंडिंग रेट (MCLR) से जुड़े होते हैं. इससे RBI की ब्याज दर कटौती का असर ग्राहकों तक जल्दी पहुंच जाता है. मतलब ये कि जैसे-जैसे आरबीआई रेपो रेट में कटौती करता है . बैंक भी ने अपना कर्ज सस्ता करना शुरू कर देते हैं.
बैकिंग एक्सपर्ट अश्विनी राणा ने लल्लनटॉप से बातचीत में कहा कि रेपो रेट घटने पर बैंक उन्हीं ग्राहकों का कर्ज सस्ता करते हैं जिन्होंने अपना होम लोन फ्लोटिंग रेट पर लिया है. यह रेपो रेट से लिंक्ड होता है. रेपो रेट के बढ़ने-घटने पर कम या ज्यादा हो जाता है. लेकिन फिक्स्ड रेट पर होम लोन लेने वाले ग्राहकों को इस कटौती का फायदा नहीं मिल पाता है. ऐसे में उनकी सलाह है कि फ्लोटिंग होम लोन चुनें . जो लोग फिक्स्ड रेट पर होम लोन ले चुके हैं . ऐसे लोगों को सलाह कि वे अपना होम लोन कम रेट ऑफर करने वाले बैंकों में ट्रांसफर करा सकते हैं.
होम लोन की ईएमआई घटने के अलावा भारत में प्रॉपर्टी के दाम भी पहले के मुकाबले नरम पड़े हैं. प्रॉपटाइगर डॉट कॉम की रियल इनसाइट - रेजिडेंशियल सीवाई 2025 रिपोर्ट के मुताबिक भारत के शीर्ष आठ शहरों में आवास की औसत कीमत वृद्धि साल 2025 में घटकर 6 परसेंट रह गई. साल 2024 में इन शहरों में आवास के औसत दाम औसतन 17% बढ़े थे.
रिपोर्ट में बताया गया है कि साल 2025 में अहमदाबाद में आवास की औसत कीमतें 8% बढ़ी हैं जबकि साल 2024 में यहां कीमतें 10% बढ़ी थीं. इसी तरह मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) में साल 2025 में दाम 4% बढ़े जबकि साल 2024 में 18% बढ़े थे. रिपोर्ट बताती है कि पिछले साल पुणे में आवास के औसत दाम 1% बढ़े. इससे पहले साल 2024 में पुणे में आवास के औसत दाम 16% चढ़े थे. वहीं, दिल्ली-NCR में साल 2025 में आवास के दामों में 6% का इजाफा हुआ. साल 2024 में दिल्ली एनसीआर में आवास के औसत दाम 49% उछले थे.
पिछले साल चेन्नई में कीमतें लगभग स्थिर रहीं . साल 2024 चेन्नई में आवास की औसत दाम 16% बढ़े थे. रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि भारत में आवासों की सप्लाई मांग से बहुत ज्यादा नहीं थी. रिपोर्ट के मुताबिक टॉप 8 शहरों में साल 2025 के दौरान कुल घरों की बिक्री 12% घटी है.
साल 2026 में कीमतें नरम रहने का अनुमानरियल एस्टेट निकाय क्रेडाई और प्रॉपर्टी डेटा एनालिटिक्स फर्म सीआरई मैट्रिक्स की तरफ से किए गए एक सेंटीमेंट सर्वे के मुताबिक, लगभग 70 परसेंट रियल एस्टेट डेवलपर्स को उम्मीद है किसाल 2026 में आवास की कीमतों में 5% के आसपास इजाफा होने की उम्मीद है. इस सर्वेक्षण रिपोर्ट को 19-20 दिसंबर को नई दिल्ली में आयोजित क्रेडाई सम्मेलन के दौरान जारी किया गया था.
क्या घर खरीदने वालों को ब्याज दरों में और कटौती का इंतजार करना चाहिए?टियर 2 और टियर 3 शहरों में अपने आवासीय प्रोजेक्ट लांच करने वाली कंपनी बूटेस रियलटी (BOOTES Reality) के मैनेजिंग डायरेक्टर दीपक राय ने लल्लनटॉप से बातचीत में कहा है कि नया घर खरीदने वालों को ब्याज दरों में और कटौती की उम्मीद के चक्कर में अपने होम लोन खरीदने के फैसले में देरी नहीं करनी चाहिए. घर खरीदारों के लिए ये अच्छा मौका है. उनका कहना है कि होम लोन की दरें किफायती स्तर पर हैं. इसके अलावा घरों की सप्लाई भी ठीक-ठाक है. बूटेस रियलटी ने हाल ही में राजस्थान के अलवर में शहर का पहला लग्जरी रेजीडेंशियल प्रोजेक्ट्स BOOTES Heights लांच किया है. कंपनी देहरादून, लखनऊ और वृंदावन जैसी शहरों में में अपने नए प्रोजेक्ट्स लांच करने की तैयारी में है. राय ने बताया कि कंपनी का लक्ष्य ऐसे घरों का निर्माण करना है जो पूरी तरह से नेट जीरो एनर्जी पर आधारित हो. उनका कहना है कि कंपनी ऐसे घरों के निर्माण पर तेजी से काम कर रही है जिन घरों की बिजली का बिल शून्य होगा.
एआरई इन्फ्रा हाइट्स के एमडी फाउंडर दीपक गर्ग ने बताया कि रियल एस्टेट सेक्टर में इस समय स्थिरता का माहौल है. ब्याज दरों में बहुत अधिक उतार-चढ़ाव नहीं है और महंगाई भी नियंत्रण में है. इससे घर खरीदने वाले लोगों को दोहरा फायदा मिल रहा है. इसके अलावा डेवलपर्स भी अब ज्यादा योजनाबद्ध तरीके से प्रोजेक्ट लॉन्च कर रहे हैं. अगर खरीदार अपनी जरूरत और बजट को ध्यान में रखकर फैसला लेते हैं, तो इस साल प्रॉपर्टी निवेश के लिहाज से अनुकूल माना जा सकता है.
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