केंद्र सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) में 2% की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है. इस बढ़त के बाद कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन वालों की पेंशन बढ़ जाएगी. इंडिया टुडे ने सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी. शनिवार, 18 अप्रैल को कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया. महंगाई भत्ते (DA) में साल में दो बार बदलाव किया जाता है. आमतौर पर ये काम जनवरी और जुलाई में होता है लेकिन इस बार इसका ऐलान देर से हुआ.
केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 2% बढ़ाने को मंजूरी, कितनी बढ़ जाएगी सैलरी?
DA Hike 2026: महंगाई भत्ते (DA) में साल में दो बार बदलाव किया जाता है. आमतौर पर जनवरी और जुलाई में. हालांकि इस बार इसका ऐलान देर से हुआ.


इकनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, 7वें वेतन आयोग की शुरुआत के बाद से सरकार ने डीए में बढ़ोतरी का ऐलान इतनी देरी से कभी नहीं किया. कई कर्मचारियों को उम्मीद थी कि केंद्र सरकार होली (4 मार्च) से पहले इसका ऐलान कर देगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. साल 2026 के लिए DA बढ़ोतरी का ऐलान जनवरी की जगह अप्रैल में किया गया है. हालांकि, महंगाई भत्ते में 2% की यह बढ़ोतरी जनवरी से ही प्रभावी मानी जाएगी. यानी केंद्रीय कर्मचारियों को अप्रैल महीने की सैलरी में जनवरी, फरवरी और मार्च महीने का डीए एरियर (बकाया राशि) के तौर पर जुड़कर मिलेगा.
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए DA (महंगाई भत्ता) में आखिरी बार अक्टूबर में बदलाव किया गया था, जब इसे 55 प्रतिशत से बढ़ाकर 58 प्रतिशत कर दिया गया था. यह बढ़ोतरी 1 जुलाई, 2025 से प्रभावी की गई थी. इस तरह केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए कुल महंगाई भत्ता (DA) अब 60% हो गया है. यानी अगर किसी की बेसिक सैलरी 50 हजार रुपये है तो 60 फीसदी के डीए के हिसाब से हर महीने की सैलरी में 30 हजार रुपये महंगाई भत्ता के रूप में मिलेंगे.
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कैबिनेट बैठक में और क्या हुआ?
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण बिल का विरोध करने पर विपक्ष की कड़ी आलोचना की. उन्होंने कहा कि विपक्ष ने इस विधेयक का समर्थन न करके एक गंभीर गलती की है, जिसका राजनीतिक खामियाजा उसे भविष्य में भुगतना पड़ेगा. पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि विपक्ष का यह रवैया महिलाओं के प्रति उसकी नकारात्मक मानसिकता को दर्शाता है और यह मैसेज देश के हर गांव तक पहुंचना चाहिए.
इसके अलावा, कैबिनेट ने 13,000 करोड़ रुपये के कोष के साथ एक 'सॉवरेन मैरीटाइम फंड' बनाने को भी मंजूरी दे दी है. इस फंड का मकसद भारतीय झंडे वाले जहाजों के साथ-साथ भारत से आने-जाने वाले जहाजों को किफायती बीमा कवरेज उपलब्ध कराना है. कैबिनेट ने 'प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना' (PMGSY) को 2028 तक बढ़ाने को भी मंजूरी दे दी है, जिसके लिए 3,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त आवंटन किया गया है.
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