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Swiggy-Zomato से खाना मंगाना होगा महंगा? पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने का दिखेगा असर

Swiggy Zomato Price Hike: रिपोर्ट के मुताबिक ईंधन की कीमतों में 4% बढ़ोतरी से हर ऑर्डर पर करीब 44 पैसे का अतिरिक्त असर पड़ना शुरू हो चुका है. लेकिन रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर आने वाले महीनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें और बढ़कर 4 रुपये प्रति लीटर से करीब 10 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच जाती हैं, तो हर ऑर्डर पर फूड डिलीवरी की लागत और बढ़ेगी

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तेल महंगा होने से फूड डिलीवरी की लागत बढ़ी है (फोटो क्रेडिट: Aaj Tak)

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  • ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स कंपनियों की डिलीवरी लागत में वृद्धि होने की संभावना है, जिससे ऑनलाइन फूड ऑर्डर पर खर्च बढ़ सकता है।
  • जियो-पॉलिटिकल तनाव और अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगभग 4% की वृद्धि हुई है, जिससे ईंधन की कीमतें बढ़ीं।
  • डिलीवरी खर्च में वृद्धि के परिणामस्वरूप कंपनियां या तो ग्राहकों से अधिक शुल्क लेंगी, खुद का खर्च बढ़ाएंगी, या डिलीवरी पार्टनर्स की आय पर असर पड़ सकता है।

जल्द ही ऑनलाइन फूड ऑर्डर करना आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है. इकोनॉमिक टाइम्स की एक खबर में ब्रोकरेज फर्म एलारा कैपिटल के हवाले से बताया गया है कि ईंधन (पेट्रोल-डीजल और सीएनजी) के दाम बढ़ने से फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म जैसे कि इटरनल (जोमैटो) और स्विगी पर आने वाले कुछ दिनों में लागत का दबाव पड़ सकता है.  इटरनल जोमैटी की पैरेंट कंपनी है.

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रिपोर्ट में कहा गया है कि जियो पॉलिटिकल टेंशन बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है. इंटरनेशनल मार्केट में कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बना हुआ है. इसके चलते भारत में हाल ही में ईंधन की कीमतों में करीब 4 रुपये प्रति लीटर का इजाफा हुआ है. पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हुई यह बढ़ोतरी लगभग 4% है. 

बढ़ रही है Food Delivery की लागत  

एलारा कैपिटल का मानना है कि भले ही गिग वर्कर्स (डिलीवरी ब्यॉय वगैरा) ईंधन के दाम बढ़ने से हर ऑर्डर पर ज्यादा पैसों की मांग करें लेकिन कंपनियों की कमाई पर शार्ट टर्म में बहुत असर नहीं पड़ेगा. एलारा कैपिटल ने अनुमान लगाया है कि क्विक कॉमर्स कंपनियों को फिलहाल अपना सामान भेजने की औसत डिलीवरी लागत  करीब 35 से लेकर 50 रुपये प्रति ऑर्डर बैठती है. 

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-इसी तरह से जब ये कंपनियां अपने डिलीवरी ब्यॉय से ग्राहकों को खाना भेजती (फूड डिलीवरी) हैं तो प्रति ऑर्डर डिलीवरी आर्डर की लागत 55-60 रुपये बनती है. कुल मिला-जुलाकर जोमैटो (एटरनल) के लिए अनुमानित औसत डिलीवरी लागत करीब 45 रुपये और स्विगी के लिए करीब 55 रुपये प्रति ऑर्डर है. डिलीवरी लागत में करीब 20 परसेंट पैसा ईंधन खर्च मान लिया जाये तो दोनों कंपनियों को ईंधन के मद में हर ऑर्डर पर करीब 9-10 रुपये खर्च करना पड़ रहा है. 

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आपकी जेब पर कितना बोझ पड़ेगा ?

रिपोर्ट के मुताबिक, अभी ईंधन की कीमतों में 4% बढ़ोतरी से हर ऑर्डर पर करीब 44 पैसे का अतिरिक्त असर पड़ना शुरू हो चुका है.  लेकिन रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर आने वाले महीनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें और बढ़कर 4 रुपये प्रति लीटर से करीब 10 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच जाती हैं, तो हर ऑर्डर पर फूड डिलीवरी की लागत बढ़कर लगभग 1 से 1.2 रुपये तक हो सकती है. 

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रिपोर्ट में कहा गया है कि  इस अतिरिक्त बोझ का असर तीन तरह से दिख सकता है. पहला , कुछ हिस्सा ग्राहकों से ज्यादा चार्ज लेकर वसूला जाएगा. दूसरा, कुछ खर्च कंपनियां खुद उठाएंगी और तीसरा कुछ दबाव डिलीवरी पार्टनर्स की कमाई पर पड़ सकता है. 

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