केंद्र सरकार ने घरेलू क्रूड ऑयल (Domestic Crude Oil) के निर्यात पर विंडफॉल प्रॉफिट टैक्स (Windfall Profit Tax) घटा दिया है. वहीं डीजल (Diesel) और विमानन ईंधन के निर्यात पर इस टैक्स को बढ़ा दिया. जबकि पेट्रोल (Petrol) के निर्यात पर विंडफॉल प्रॉफिट टैक्स को पहले की तरफ शून्य रखा गया है. सरकार की तरफ से ये फैसला तब लिया गया है, जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल और रिफाइनरी प्रोडक्ट्स की कीमतों में कमी आई है.
पेट्रोल और डीजल को लेकर आज की सबसे बड़ी खबर
केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर टैक्स को लेकर बड़ा फैसला लिया है.


सरकार के इस कदम की जानकारी केंद्रीय वित्त मंत्रालय की तरफ से 18 अगस्त को एक नोटिफिकेशन के जरिए दी गई. सरकार के इस फैसले के बाद अब डीजल के निर्यात पर विंडफॉल प्रॉफिट टैक्स बढ़कर सात रुपये प्रति लीटर हो गया है. इससे पहले ये पांच रुपये प्रति लीटर था. वहीं विमानन ईंधन पर इससे पहले कोई विंडफॉल प्रॉफिट टैक्स नहीं लगता था. अब ये दो रुपये प्रति लीटर के हिसाब से लगेगा. सरकार ने घरेलू क्रूड ऑयल के निर्यात पर लग रहे विंडफॉल प्रॉफिट टैक्स को 17,750 रुपये प्रति टन से घटाकर 13.000 रुपये प्रति टन कर दिया है.
क्या होता है Windfall Tax?विंडफॉल टैक्स तब लगता है, जब किसी कंपनी को किसी ऐसी एक्टिविटी से फायदा होता, जिसमें वो सीधे तौर पर नहीं जुड़ी होती. ऐसे में सरकार इस फायदे पर टैक्स लगाती है. ये अचानक से लॉटरी लगने जैसा है. उदाहरण के तौर पर रूस-यूक्रेन युद्ध की वजह से घरेलू तेल रिफाइनिंग कंपनियों को अच्छा खासा फायदा हो रहा है. क्योंकि दुनियाभर में कच्चे तेल और गैस के दाम आसमान छू रहे हैं और ऐसे में घरेलू तेल कंपनियों को अपने पेट्रोलियम दामों का अच्छा दाम मिल रहा है. बताया जा रहा है कि सरकार फिलहाल इस निर्यात पर नियंत्रण करना चाहती है.
इससे पहले सरकार ने एक जुलाई को विंडफॉल प्रॉफिट टैक्स लगाने का फैसला किया था. उस समय ग्लोबल मार्केट में क्रूड ऑयल और दूसरे पेट्रोलियम उत्पादों के दाम चरम पर थे. हालांकि, बाद में इनकी कीमतों में काफी गिरावट आई. क्रूड ऑयल तो फिलहाल छह महीने के निचले स्तर पर ला चुका है. उस समय सरकार ने ने पेट्रोल पर 06 रुपये प्रति लीटर, एटीएफ पर 06 रुपये प्रति लीटर, डीजल पर 13 रुपये प्रति लीटर और क्रूड ऑयल पर 23,250 रुपये प्रति टन की दर से टैक्स लगाया था. इसके बाद सरकार ने 20 जुलाई को विंडफॉल प्रॉफिट टैक्स की पहली समीक्षा की थी.
पहली समीक्षा में पेट्रोल के एक्सपोर्ट पर टैक्स को हटा दिया गया था. वहीं डीजल और एटीएफ के मामले में टैक्स को 02-02 रुपये घटाकर क्रमश: 11 रुपये और 04 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया था. घरेलू क्रूड ऑयल पर भी टैक्स को घटाकर 17,000 रुपये प्रति टन किया गया था. इस महीने की शुरुआत में 02 अगस्त को दूसरी समीक्षा हुई थी. इसमें सरकार ने डीजल पर एक्सपोर्ट टैक्स को घटाकर 05 रुपये प्रति लीटर कर दिया था, जबकि एटीएफ पर टैक्स को हटा दिया गया था. वहीं क्रूड ऑयल के मामले में टैक्स को बढ़ाकर 17,750 रुपये प्रति टन कर दिया गया था.
(ये स्टोरी हमारे साथ इंटर्नशिप कर रहीं शिवानी ने लिखी है.)
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