The Lallantop

कुवैत से कतर तक भारतीय सामानों का बहिष्कार, क्या खाड़ी देशों के साथ गड़बड़ाएगा ट्रेड ?

भारत की 84% से अधिक कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की मांग खाड़ी देश ही पूरी करते हैं

Advertisement
post-main-image
पीएम मोदी के साथ अरब देशों के नेता (फाइल फोटो)

पैगंबर मुहम्मद पर विवादित टिप्पणी वाला मामला शांत होता नजर नहीं आ रहा है. अब इस विवाद में भारत के खाड़ी देशों के साथ कारोबारी रिश्ते भी झुलसते नजर आ रहे हैं. कुवैत से लेकर कतर तक भारतीय सामानों का बहिष्कार शुरू हो चुका है. ऐसे में सबसे बड़ी चिंता यह है कि क्या यह मामला खाड़ी देशों के साथ भारत के व्यापारिक रिश्तों पर भी असर डालेगा. आइए सबसे पहले समझते हैं कि खाड़ी देशों के साथ भारत का व्यापारिक रिश्ता कितना पुराना और गहरा है. 

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement
भारत का प्रमुख ट्रेड पार्टनर है GCC 

खाड़ी के ज्यादातर देशों के साथ भारत के अच्छे संबंध रहे हैं. इन देशों के साथ कारोबारी रिश्ते के सबसे महत्वपूर्ण बिन्दु तेल, गैस और खाने-पीने का सामान है. हम तेल और गैस के आयात पर खाड़ी देशों पर निर्भर हैं तो वहीं खाड़ी देश हमारे यहां से चावल, अनाज, बीफ समेत कई दूसरे सामान खरीदते हैं. भारत की काफी बड़ी आबादी खाड़ी देशों में काम करके हर साल अरबों रुपये भारत भेज रही है. भारत के दूतावास के अनुसार, खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) भारत के एक प्रमुख व्यापारिक भागीदार के रूप में उभरा है. खाड़ी देशों के पास प्रचुर मात्रा में तेल और गैस भंडार है जोकि भारत की ऊर्जा जरूरतों के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं. GCC में संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, सऊदी अरब, ओमान, कतर और कुवैत शामिल हैं. 

UAE भारत का तीसरा सबसे बड़ा कारोबारी भागीदार

जीसीसी का अहम सदस्य संयुक्त अरब अमीरात 2021-2022 में भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार था. कुल ट्रेड वॉल्यूम के मामले में, संयुक्त अरब अमीरात अमेरिका के बाद दूसरे नंबर पर था. इस दौरान UAE के साथ भारत का ट्रेड वॉल्यूम करीब 7200 करोड़ डॉलर रहा था. भारत के कुल एक्सपोर्ट में UAE की हिस्सेदारी 6.6 फीसदी रही है जबकि पिछले वित्त वर्ष में भारत के कुल निर्यात में UAE की हिस्सेदारी 6.6 फीसदी थी. इस दौरान आयात 7.3 फीसदी रहा है जोकि पिछले साल से 68 फीसदी से ज्यादा है. इसी तरह से सऊदी अरब ने वित्त वर्ष 2021-22 में 4290 करोड़ डॉलर का कुल व्यापार किया है. सऊदी भारत का चौथा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार था. वहीं, इराक 3430 करोड़ डॉलर व्यापार के साथ भारत का पांचवां सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार था. कतर के साथ हमारा कुल व्यापार 15 अरब डॉलर था, जो भारत के कुल व्यापार का सिर्फ 1.4% है, लेकिन यह छोटा सा देश हमारे काफी काम का है. कतर की प्राकृतिक गैस का भारत सबसे बड़ा खरीदार है. भारत की करीब 40 फीसदी प्राकृतिक गैस कतर से  आती है.

Advertisement
खाड़ी देशों से भारत खरीदता है 84 फीसदी क्रूड

ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन द्वारा अप्रैल में किए गए एक एनालिसिस के मुताबिक , भारत की 84% से अधिक कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की मांग खाड़ी देश ही पूरी करते हैं. पिछले साल खाड़ी देशों से भारत ने करीब 770 करोड़ डॉलर कीमत का क्रूड ऑयल खरीदा था. भारत के कच्चे तेल के आयात में फारस की खाड़ी के देशों की हिस्सेदारी करीब 60 फीसदी है. 2021-2022 में भारत ने सबसे ज्यादा तेल इराक से खरीदा था. सऊदी अरब  से भी भारत के कुल तेल आयात का करीब 17-18 फीसदी हिस्सा सऊदी अरब से आता है. कुवैत और UAE भी भारत के प्रमुख तेल निर्यातक बने हुए हैं.

बड़ी संख्या में खाड़ी देशों में काम कर रहे भारतीय 

अब समझते हैं कि क्यों खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय हमारे देश की अर्थव्यवस्था के लिए काफी महत्वपूर्ण हैं. विदेश मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 1 करोड़ 34 लाख से अधिक भारतीय नागरिक विदेशों में काम करते हैं. यदि भारतीय मूल के व्यक्तियों को जोड़ दिया जाए, तो यह संख्या 3 करोड़ 20 लाख  से अधिक हो जाती है. इनमें से बड़ी आबादी खाड़ी देशों में काम करती है. संयुक्त अरब अमीरात में करीब 34 लाख, सऊदी अरब में 26 लाख और कुवैत 10 लाख भारतीयों के बैंक अकाउंट हैं. विश्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, विदेशों से पैसा भेजने के मामले में, भारत नंबर वन है. 2020 में विदेश में बसे भारतीयों ने करीब 8300 करोड़ डॉलर भारत में बसे अपने नाते-रिश्तेदारों को भेजे थे. RBI के मुताबिक जीसीसी देशों ने 2016-17 में भारत को कुल 6900 करोड़ डालर भेजे.

भारत पर भी निर्भर हैं अरब कंट्रीज

2014 में सत्ता में आने के बाद से, पीएम नरेंद्र मोदी ने इस क्षेत्र के अधिकांश देशों के साथ भारत के संबंधों को बनाए रखने या बढ़ाने पर विशेष जोर दिया है. दिसंबर 2019 में एक रैली में, मोदी ने कहा था, "भारत के इतिहास में खाड़ी देशों के साथ सबसे अच्छे संबंध हैं." उन्होंने कहा कि फिलिस्तीन, ईरान, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और जॉर्डन के भारत के साथ शानदार रिश्ते हैं और मालदीव और बहरीन ने उन्हें अपना सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिया था. पीएम मोदी 2014 से कई बार इस क्षेत्र का दौरा किया था. उन्होंने 2015, 2018 और 2019 में यूएई का दौरा किया और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस भी 2017 और 2018 में भारत आए. मोदी ने 2016 में कतर और ईरान और 2016 और 2019 में सऊदी अरब का दौरा किया. 2018 में, वह संयुक्त अरब अमीरात के अलावा जॉर्डन, फिलिस्तीन और ओमान गए और उन्होंने 2019 में बहरीन का दौरा किया. भारत ही खाड़ी देशों पर निर्भर नहीं है खाड़ी देश भी भारत पर निर्भर हैं. खाड़ी देश 85% खाने-पीने का सामान भारत से खरीदते हैं. इनमें चावल, बीफ, मसाले, समुद्री उत्पाद, फल, सब्जियां और चीनी शामिल है. खाड़ी देशों की एयरलाइंस भारतीय यात्रियों के सहारे पर चल रही हैं. अमीरात, एतिहाद एयरवेज से लेकर कतर एयरवेज में अगर भारतीय आना-जाना छोड़ दे तो खाड़ी देशों की एयरलाइंस कंपनियों का भट्टा बैठ जाएगा. 

Advertisement

वीडियो: क्या खाड़ी देशों के साथ भारत का व्यापार गड़बड़ाएगा?

Advertisement