इंडिया में इलेक्ट्रिक कारें कई सारे बेनेफिट के साथ आती हैं. जैसे- सब्सिडी, गुड्स एंड सर्विस टैक्स (GST) में छूट, रोड टैक्स से राहत आदि. फायदे की लिस्ट यहीं खत्म नहीं होती. ईवी मालिकों को टोल टैक्स भी नहीं देना पड़ता है. मगर इस फायदे का ‘फायदा’ सभी को नहीं मिलता. आज इसी पर बात करेंगे.
क्या भारत में ईवी को टोल टैक्स नहीं देना पड़ता?
EV Toll Tax: यूं तो भारत सरकार इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर काफी मेहरबान है. सब्सिडी और रजिस्ट्रेशन फीस से छूट जैसी कई रियायत देती है. लेकिन एक और फायदा है, जो ईवी मालिकों को मिलता है. ये है टोल टैक्स से छुट्टी. लेकिन यहां एक पेंच है.


यह सच है कि आप इलेक्ट्रिक गाड़ी चलाकर टोल प्लाजा तक जा सकते हैं और टोल टैक्स से बच सकते हैं. लेकिन इसमें एक पेंच है. यह सिर्फ महाराष्ट्र में लागू होता है, क्योंकि अभी सिर्फ महाराष्ट्र सरकार ही EVs के लिए टोल टैक्स में छूट देती है.
ईवी पॉलिसी 2025 के तहत महाराष्ट्र सरकार ने ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा दिया. राज्य सरकार ने मुंबई से नवी मुंबई तक अटल बिहारी वाजपेयी सेवरी-न्हावा शेवा अटल सेतु (ट्रांस हार्बर लिंक) पर फोर व्हीलर ईवी को टैक्स से राहत दी.
NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, इस छूट का फायदा पैसेंजर इलेक्ट्रिक कारों और इलेक्ट्रिक बसों को मिलेगा. इसमें सरकारी स्टेट ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग्स (STUs) के साथ-साथ निजी (नॉन-STU) ऑपरेटर्स की तरफ से चलने वालीं ईवी बसें भी शामिल हैं. हालांकि, इलेक्ट्रिक गुड्स कैरियर्स (माल ढोने वाले ईवी) को इस स्कीम में शामिल नहीं किया गया है.
सरकार ने इस योजना को सिर्फ अटल सेतु ब्रिज तक ही सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे एक्सपेंड करते हुए समृद्धि एक्सप्रेसवे और मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे जैसे प्रोजेक्ट्स पर भी लागू किया. ताकि ईवी चलाने वाले बिना टैक्स दिए फ्री में टोल क्रॉस कर सकें. सरकार इसे आगे अन्य हाईवे पर भी लॉन्च करने की तैयारी में है. इसके अलावा, पूरे महाराष्ट्र में EV मालिकों को स्टेट और नेशनल हाईवे दोनों पर टोल चार्ज का सिर्फ 50% ही देना होगा.
पॉलिसी लागू होने के बाद भी कुछ जगह से इलेक्ट्रिक व्हीकल के मालिकों से टोल टैक्स वसूलने की खबर मिली. इसका जिक्र विधानसभा सत्र में हुआ. रिपोर्ट के अनुसार, दिसंबर 2025 में नागपुर में असेंबली सेशन के दौरान स्पीकर राहुल नार्वेकर ने एक आदेश जारी किया था. इसमें उन्होंने अधिकारियों से EV ग्राहकों से गलत तरीके से वसूले गए टोल अमाउंट को रिफंड करने के लिए कहा.
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नार्वेकर ने ईवी पॉलिसी 2025 लागू होने के बाद चल रहे ईवी से टोल कलेक्शन को 'गैरकानूनी' बताया. उन्होंने इस योजना में हुई कमियों को बिना देर किए ठीक करने का भी ऑर्डर दिया था. महाराष्ट्र सरकार ने ईवी अडॉप्शन को बढ़ावा देने के लिए टोल फ्री नियम लागू किया है.
मतलब साफ है, महाराष्ट्र में कुछ जगह पर आपको टोल नहीं देना है. लेकिन अगर आप महाराष्ट्र के अलावा किसी और राज्य में हैं, तो फास्टैग से ही काम चलाना पड़ेगा और टोल टैक्स कटेगा. ईवी पर भी तब तक टोल टैक्स कटेगा, जब तक आपके राज्य या केंद्र की सरकार ये फायदा आपको नहीं देती है.
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