उत्तर प्रदेश में तेजी से लग्जरी कारों का चलन बढ़ रहा है. पूर्वांचल में तो अमीर लोग काफिले के शौकीन हैं. अगर उनका बजट 1 करोड़ हो तो वो 20 लाख की 5 कारें ले लेते हैं. लेकिन एक करोड़ की एक कार नहीं लेते. पर अब ये ट्रेंड बदलता हुआ दिख रहा है. यूपी लग्जरी कारों के एक बड़े बाजार के रूप में उभर रहा है. यही वजह है कि राज्य में लग्जरी कार ब्रांड BMW की बिक्री में 34% की बढ़ोतरी देखी गई है. ये राष्ट्रीय स्तर पर लग्जरी कार की बढ़ोतरी दर से काफी ज्यादा है.
BMW की सेल में सबसे आगे यूपी! 34% सेल बढ़ी, कंपनी ने वजह भी बताई
उत्तर प्रदेश में BMW की बिक्री करीब 34% बढ़ी है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर कंपनी की ग्रोथ करीब 10% है. BMW Group India के CEO हरदीप सिंह बराड़ ने वाराणसी में डीलरशिप की संभावनाओं, 2026 के बिक्री लक्ष्य और यूपी में लग्जरी कारों की बढ़ती मांग पर बात की.

नेशनल लेवल पर BMW की बिक्री में 10% की बढ़ोतरी देखी गई है. इसे देखते हुए, BMW अब वाराणसी में अपना डीलरशिप नेटवर्क बढ़ाने की सोच रही है. कंपनी को उम्मीद है कि उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों के चलते लग्जरी कारों की मांग और बढ़ सकती है. क्योंकि अब नेताजी भी 20 लाख की 5 गाड़ियों से हटकर 1 करोड़ की एक गाड़ी पर शिफ्ट होते दिख रहे हैं.
यूपी में बढ़ रही लग्जरी कारों की मांगखुद BMW ग्रुप इंडिया के प्रेसिडेंट और CEO हरदीप सिंह बराड़ भी इसकी पुष्टि करते हैं. टाइम्स ऑफ इंडिया के साथ एक बातचीत में बराड़ा ने कहा कि यूपी में बेहतर सड़कें और इंफ्रास्ट्रक्चर बन रहे हैं. साथ ही युवा खरीदारों के बीच लग्जरी कारों की मांग भी बढ़ रही है. बातचीत में बराड़ कहते हैं,
जहां कारों की खरीद में राष्ट्रीय विकास दर सिर्फ 10% है, वहीं हम यूपी में लगभग 34% की दर से बढ़ रहे हैं. पिछले पांच सालों में BMW की औसत वार्षिक विकास दर 15% से अधिक रही है. पिछले साल BMW ने उत्तर प्रदेश में लगभग 875 कारें बेचीं. कंपनी को उम्मीद है कि 2026 में वह पहली बार 1,000 यूनिट्स का आंकड़ा पार कर लेगी, जो बढ़कर 1,100 यूनिट्स तक भी पहुंच सकता है.
बराड़ आगे कहते हैं,
उत्तर प्रदेश में अभी BMW की चार डीलरशिप हैं. ये नोएडा, आगरा, कानपुर और लखनऊ में हैं. यह इकलौता ऐसा राज्य है जहां कंपनी चार शहरों में मौजूद है. हम अब वाराणसी में भी विस्तार की संभावनाएं तलाश रहे हैं.
बराड़ का कहना है कि उनका प्रस्ताव एक डीलरशिप खोलने के बारे में है, न कि मैन्युफैक्चरिंग के बारे में.
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नेताओं के बीच बढ़ती मांगCEO बराड़ ने बताया कि BMW 2012 से लखनऊ में मौजूद है. उन्होंने दावा किया कि UP में लग्जरी इलेक्ट्रिक वाहनों के सेगमेंट में BMW सबसे आगे है. जब उनसे पूछा गया कि क्या आने वाले विधानसभा चुनाव, खासकर राजनेताओं के बीच मांग बढ़ सकती है. तो उन्होंने कहा कि ऐसा होने की काफी संभावना है. उन्होंने इसके तीन कारण बताए हैं. उनके मुताबिक बढ़ती समृद्धि, बेहतर हाईवे और युवा ग्राहकों की बढ़ती संख्या; ये तीन चीजें कंपनी की सेल में इजाफा कर रही हैं. उन्होंने कहा,
अगर राजनेता BMW में चलते हैं, तो वे भीड़ में अलग ही नजर आएंगे.
बराड़ का इशारा था कि चुनाव प्रचार के दौरान यह ब्रांड लोगों का ध्यान खींच सकता है. बराड़ ने बताया कि BMW के लगभग 80% ग्राहक पूरी रकम एक बार में चुकाने के बजाय फाइनेंस के जरिए गाड़ियां खरीदते हैं. हालांकि, कंपनी की अभी UP में कोई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने की योजना नहीं है. बराड़ ने बताया कि चेन्नई में मौजूद उनकी फैसलिटी हर साल 50 हजार कारें बना रही है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उत्तर प्रदेश में ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स को आकर्षित करने के लिए एक मजबूत सप्लायर इकोसिस्टम, वेंडर पार्क, लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर और आकर्षक टैक्स सिस्टम बनाया जाना चाहिए.
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