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वीडियो से खुलासा, दयाशंकर को वापस लेने पर झूठ बोल रही है बीजेपी

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उत्तर प्रदेश में 11 मार्च को सूपड़ा साफ करने वाली भाजपा ने सबसे पहले दयाशंकर सिंह को पार्टी में वापस लिया. पिछले साल जुलाई में दयाशंकर ने भाजपा की एक रैली में मायावती के लिए बेहद घटिया शब्द इस्तेमाल किया था. कुछ ही घंटों बाद पार्टी ने उन्हें 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया. प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, ‘दयाशंकर की बात स्वीकार्य नहीं है, इसलिए हमने उन्हें पार्टी के सभी पदों से हटा दिया.’ बीजेपी नेता नलिन कोहली ने कहा, ‘इस मामले में हद पार की गई है. जो कहा गया, वो सही नहीं था.’

इसके बाद बीएसपी नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने दयाशंकर के पूरे परिवार के लिए आपत्तिजनक बातें कहीं, लेकिन दयाशंकर पार्टी से निकाले जा चुके थे. इस प्रकरण ने स्वाति सिंह को नेता बना दिया.

लेकिन क्या भाजपा दयाशंकर को वापस लेने के मामले में झूठ बोल रही है? या 3 मार्च को बलिया में दी लल्लनटॉप से बात करते समय दयाशंकर सिंह झूठ बोल रहे थे?

केशव प्रसाद मौर्य का ये ट्वीट देखिए, जो उन्होंने सीटें डिक्लेयर होने के कुछ ही घंटे बाद किया:

केशव प्रसाद मौर्य का दयाशंकर को वापस लेने का ट्वीट
केशव प्रसाद मौर्य का दयाशंकर को वापस लेने का ट्वीट

अगले ही मिनट एक और ट्वीट आया.

दूसरा ट्वीट
दूसरा ट्वीट

अगले दिन बीजेपी प्रवक्ता हरिश्चंद्र श्रीवास्तव ने भी बताया, ‘प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने दयाशंकर सिंह का निष्कासन वापस ले लिया है.’

लेकिन दयाशंकर सिंह का कहना है कि केशव प्रसाद मौर्य ने तो सिर्फ बयान दिया था. पार्टी से निकाले जाने का कोई नोटिस तो उन्हें मिला ही नहीं. वो तो उसी दिन से बीजेपी कार्यकर्ता हैं.

4 मार्च को बलिया में वोटिंग होनी थी. इसकी पिछली रात दी लल्लनटॉप के एडिटर सौरभ ने दयाशंकर सिंह का इंटरव्यू लिया, जिसमें उन्होंने बारीकी से बताया कि कैसे वो कभी पार्टी से बाहर नहीं रहे.

सवाल किया गया, ‘तो आपको भाजपा से निष्कासित किया गया था आपके मुताबिक…’
दयाशंकर: ‘देखिए…’
सौरभ: ‘नहीं नहीं, मेरा सवाल सुन लीजिए. अभी आप भाजपा में हैं या नहीं हैं?

दयाशंकर: ‘मैं भाजपा में उसी दिन से हूं और आपको मैं बता दूं आज… कह रहा हूं आपके चैनल पर… बता रहा हूं. आज तक पार्टी ने मुझे… मेरे ऊपर… क्योंकि रात में 10 बजे केवल बयान दिए केशव मौर्या जी कि दयाशंकर सिंह को पार्टी से निष्कासित किया जा रहा है. दूसरे दिन मेरी मां, बेटी, बहन को जो किया गया, उसके बाद पार्टी ने मुझे नोटिस तक नहीं दिया है. मैं उसी दिन जेल से छूटकर आया, तो मैंने कहा मैं भाजपा का सदस्य हूं. कोई आज तक पार्टी ने मुझे एक नोटिस तक नहीं दिया. मैं आपके चैनल पर कह रहा हूं.’

दी लल्लनटॉप के इंटरव्यू में दयाशंकर सिंह
दी लल्लनटॉप के इंटरव्यू में दयाशंकर सिंह

हमने फिर पूछा: ‘आप ये कह रहे हैं कि केशव प्रसाद मौर्य ने टीवी पर जो बयान दिया, मतलब बस उन्होंने बयान दे दिया.’
दयाशंकर: ‘बयान दिया. उसके बाद एक नोटिस तक नहीं दिया.’

सौरभ: ‘मतलब आप अपने प्रदेश अध्यक्ष की विश्वसनीयता पर सवाल उठा रहे हैं कि उन्होंने मीडिया में कहा कि दयाशंकर सिंह को हटा दिया गया है और फिर नोटिस भी नहीं भेजा गया.’

दयाशंकर: ‘नोटिस तक नहीं दिया. एक नोटिस तक नहीं दिया. इसलिए नहीं दे पाए नोटिस कि जो मायावती जी ने कहा, उनके कर देने के बाद मायावती ने जिस तरह से मेरी मां, बेटी, बहन किया, वो भाजपा बेटी के सम्मान में, भाजपा मैदान में आ गई दूसरे दिन. इसलिए बीजेपी ने हमको तो नोटिस नहीं दिया. मैं तब से बीजेपी का कार्यकर्ता हूं.’

मायावती पर टिप्पणी के बाद बीएसपी कार्यकर्ताओं ने दयाशंकर के परिवार के साथ अभद्रता की, जिसका रोष उन्हें अब भी है, क्योंकि दूसरी तरफ से खेद व्यक्त नहीं किया गया. दयाशंकर ने अपनी माफी में कहा था, ‘मायावती बड़ी नेता हैं. मैं किसी के बारे में ऐसी बात नहीं कह सकता. मैं अपने कहे के लिए माफी मांगता हूं.’

एएनआई के माइक पर माफी मांगते समय दयाशंकर सिंह.
एएनआई के माइक पर माफी मांगते समय दयाशंकर सिंह.

पर इतनी भावनाओं के बीच क्या सिर्फ स्वांग चल रहा था! अगर भाजपा को दयाशंकर से हमदर्दी थी, तो उसे खुलकर सामने आना चाहिए था. ज्वार के उस समय तो हर कदम फूंक-फूंक कर रखा गया था, लेकिन नोटिस के बिना तो दयाशंकर ही नहीं मान रहे हैं कि उन्हें बाहर निकाला गया. या फिर दयाशंकर सिंह ही झूठ बोल रहे हैं. उनकी पत्नी स्वाति सिंह लखनऊ की उस सीट से जीती हैं, जिस पर बीजेपी राम-लहर के समय भी नहीं जीती थी. उनके शब्दों में, ‘मुख्यमंत्री के भाई को हराकर.’

केशव प्रसाद मौर्य के ट्वीट तो आपने देख लिए. दयाशंकर सिंह का दावा भी सुन लीजिए:


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